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इलेक्ट्रिक ट्रेनें दौड़ाने लिए 132 केवीए का उपकेंद्र बनाने का काम हुआ तेज
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- फोटो : demo photo
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बरेली और टनकपुर रेलमार्ग पर दी जाएगी इससे बिजली की सप्लाई
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इंजीनियरों ने निर्माण कार्य की परखी गुणवत्ता परखी, कमियां भी जानीं
शाहजहांपुर मार्ग पर ट्रेनें दौड़ाने को बीसलपुर स्टेशन के पास बनेगा 132 केवीए का उपकेंद्र
पीलीभीत। इलेक्ट्रिक ट्रेनों को दौड़ाने के लिए अब युद्ध स्तर पर काम शुरू हो चुका है। जंक्शन पर बन रहे उपकेंद्र के निर्माण में भी तेजी आई है। पोलों पर विद्युत वायरिंग किए जाने का काम भी तेजी से चल रहा है। सोमवार को इंजीनियरों ने निर्माणाधीन उपकेंद्र का निरीक्षण कर उसकी गुणवत्ता परखी। इस उपकेंद्र से बरेली और टनकपुर रेलमार्ग पर बिजली आपूर्ति की जाएगी।
बरेली से पीलीभीत और पीलीभीत से टनकपुर रेल मार्ग पर विद्युतीकरण का कार्य जारी है। नए साल में बरेली और टनकपुर रेलमार्ग पर इलेक्ट्रिक ट्रेनों का संचालन कराने के लिए जंक्शन पर 475 वर्ग गज एरिया में 132 केवीए का उपकेंद्र बनाया जा रहा है। सोमवार को ग्रीन पॉवर इंटरनेशनल कंपनी के इंजीनियर जितेंद्र तिवारी और शैलेश कुमार ने निर्माणाधीन उपकेंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कार्य की गुणवत्ता और उपकेंद्र की अन्य कमियां जानीं।
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जेई जितेंद्र तिवारी ने बताया कि टनकपुर तक काफी हद तक काम पूरा हो चुका है। मार्च तक उपकेंद्र का काम पूरा हो जाएगा। इस उपकेंद्र से बरेली और टनकपुर रेलमार्ग पर बिजली आपूर्ति की जाएगी। इस रूट का काम पूरा होने के बाद शाहजहांपुर रेल मार्ग पर विद्युतीकरण कराया जाएगा। हालांकि पोल लगाने के लिए फाउंडेशन बनाने का काम इस सेक्शन पर भी शुरू हो चुका है।
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शाहजहांपुर रेलमार्ग पर ट्रेनों के संचालन के लिए बीसलपुर स्टेशन के समीप 132 केवीए का उपकेंद्र बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि असम हाईवे के ओवरब्रिज पर विद्युत लाइन डालने के लिए रेल जिला प्रशासन से वार्ता करने के बाद ही काम शुरू करेगा। हालांकि विद्युतीकरण के दौरान ओवरब्रिज बाधा नहीं बनेगा।
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इंजीनियरों ने निर्माण कार्य की परखी गुणवत्ता परखी, कमियां भी जानीं शाहजहांपुर मार्ग पर ट्रेनें दौड़ाने को बीसलपुर स्टेशन के पास बनेगा 132 केवीए का उपकेंद्र
पीलीभीत। इलेक्ट्रिक ट्रेनों को दौड़ाने के लिए अब युद्ध स्तर पर काम शुरू हो चुका है। जंक्शन पर बन रहे उपकेंद्र के निर्माण में भी तेजी आई है। पोलों पर विद्युत वायरिंग किए जाने का काम भी तेजी से चल रहा है। सोमवार को इंजीनियरों ने निर्माणाधीन उपकेंद्र का निरीक्षण कर उसकी गुणवत्ता परखी। इस उपकेंद्र से बरेली और टनकपुर रेलमार्ग पर बिजली आपूर्ति की जाएगी।
बरेली से पीलीभीत और पीलीभीत से टनकपुर रेल मार्ग पर विद्युतीकरण का कार्य जारी है। नए साल में बरेली और टनकपुर रेलमार्ग पर इलेक्ट्रिक ट्रेनों का संचालन कराने के लिए जंक्शन पर 475 वर्ग गज एरिया में 132 केवीए का उपकेंद्र बनाया जा रहा है। सोमवार को ग्रीन पॉवर इंटरनेशनल कंपनी के इंजीनियर जितेंद्र तिवारी और शैलेश कुमार ने निर्माणाधीन उपकेंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कार्य की गुणवत्ता और उपकेंद्र की अन्य कमियां जानीं।
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जेई जितेंद्र तिवारी ने बताया कि टनकपुर तक काफी हद तक काम पूरा हो चुका है। मार्च तक उपकेंद्र का काम पूरा हो जाएगा। इस उपकेंद्र से बरेली और टनकपुर रेलमार्ग पर बिजली आपूर्ति की जाएगी। इस रूट का काम पूरा होने के बाद शाहजहांपुर रेल मार्ग पर विद्युतीकरण कराया जाएगा। हालांकि पोल लगाने के लिए फाउंडेशन बनाने का काम इस सेक्शन पर भी शुरू हो चुका है।
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शाहजहांपुर रेलमार्ग पर ट्रेनों के संचालन के लिए बीसलपुर स्टेशन के समीप 132 केवीए का उपकेंद्र बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि असम हाईवे के ओवरब्रिज पर विद्युत लाइन डालने के लिए रेल जिला प्रशासन से वार्ता करने के बाद ही काम शुरू करेगा। हालांकि विद्युतीकरण के दौरान ओवरब्रिज बाधा नहीं बनेगा।