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Pilibhit News: पाबंदी के बावजूद सड़कों पर दौड़ रहे कंडम वाहन
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पीलीभीत। स्क्रैप सेंटर न होने से कंडम वाहनों का समय से निस्तारण नहीं हो पा रहा है। पाबंदी के बावजूद चोरी छिपे कंडम वाहन भी सड़कों पर दौड़ रहे हैं। हालांकि विभागीय अफसरों का दावा है कि प्रति माह 10-15 कंडम वाहन कटवाए जा रहे हैं। इसकी अनुमति भी दी जाती है।
प्रदूषण के साथ हादसों को रोकने के लिए कंडम हो चुके वाहनों को सड़कों पर दौड़ाने पर पाबंदी है। इसको लेकर परिवहन विभाग की ओर से जांच भी की जाती है। ऑनलाइन प्रक्रिया के जरिये भी पड़ताल कर वाहनों को सूचीबद्ध किया जाता है। जिले में स्क्रैप सेंटर न होने से कंडम वाहनों के काटने की प्रक्रिया धीमी है। इसके चलते बिना कागजात पूरे किए ऐसे वाहन सड़कों पर दौड़ाए जाते हैं।
हालांकि विभाग की ओर से पूर्व में स्क्रैप सेंटर स्थापित करने के लिए व्यापारियों के साथ बैठक कर आवेदन भी मांगे गए थे, लेकिन इस पर अब तक अमल नहीं हो सका है। इससे कंडम वाहनों के निस्तारण की प्रक्रिया में लेटलतीफी हो रही है।
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अफसरों का कहना है कि प्रति माह 10-15 कंडम वाहन विभागीय अनुमति के बाद कबाड़ पर काटे जा रहे हैं। ऐसे वाहनों के चेचिस नंबर का टुकड़ा विभागीय कार्यालय में जमा करना पड़ता है। एआरटीओ वीरेंद्र सिंह ने बताया कि स्क्रैप सेंटर न होने से कंडम वाहन कबाड़ पर ही कटवाए जा रहे हैं। कंडम हो चुके वाहनों पर भी चेकिंग के दौरान नजर रखी जाती है।
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प्रदूषण के साथ हादसों को रोकने के लिए कंडम हो चुके वाहनों को सड़कों पर दौड़ाने पर पाबंदी है। इसको लेकर परिवहन विभाग की ओर से जांच भी की जाती है। ऑनलाइन प्रक्रिया के जरिये भी पड़ताल कर वाहनों को सूचीबद्ध किया जाता है। जिले में स्क्रैप सेंटर न होने से कंडम वाहनों के काटने की प्रक्रिया धीमी है। इसके चलते बिना कागजात पूरे किए ऐसे वाहन सड़कों पर दौड़ाए जाते हैं।
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हालांकि विभाग की ओर से पूर्व में स्क्रैप सेंटर स्थापित करने के लिए व्यापारियों के साथ बैठक कर आवेदन भी मांगे गए थे, लेकिन इस पर अब तक अमल नहीं हो सका है। इससे कंडम वाहनों के निस्तारण की प्रक्रिया में लेटलतीफी हो रही है।
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अफसरों का कहना है कि प्रति माह 10-15 कंडम वाहन विभागीय अनुमति के बाद कबाड़ पर काटे जा रहे हैं। ऐसे वाहनों के चेचिस नंबर का टुकड़ा विभागीय कार्यालय में जमा करना पड़ता है। एआरटीओ वीरेंद्र सिंह ने बताया कि स्क्रैप सेंटर न होने से कंडम वाहन कबाड़ पर ही कटवाए जा रहे हैं। कंडम हो चुके वाहनों पर भी चेकिंग के दौरान नजर रखी जाती है।