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Pilibhit News: कमेटी गठित, खुलवाया लेखा कार्यालय
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गन्ना कृषक स्नातकोत्तर महाविद्यालय में लेखा कार्यालय में जांच करती गठित टीम-। स्रोत - महाविद्या
पूरनपुर। विभिन्न आरोपों पर 13 मार्च को सील किया गया गन्ना कृषक स्नातकोत्तर महाविद्यालय का लेखा कार्यालय तीन सदस्यीय कमेटी के सामने खोला गया। लेखा कार्यालय में अभिलेखों की जांच के दौरान वीडियोग्राफी कराई गई। जांच में तीन साल की कैशबुक नहीं मिलीं। बताया गया कि इनका डाटा कंप्यूटर में सुरक्षित है।
प्राचार्य डॉ. सुधीर कुमार शर्मा ने कैशबुक न दिखाने, खातों की स्थिति की जानकारी न देने, महाविद्यालय की एफडी समाप्त होने आदि भ्रामक जानकारी मिलने पर प्रवक्ताओं की मौजूदगी में बुधवार को लेखा कार्यालय सील करा दिया था।
शुक्रवार को लेखा कार्यालय खुलवाने के लिए प्राचार्य डॉ. सुधीर कुमार शर्मा ने तीन सदस्यीय कमेटी गठित की। प्रवक्ता डॉ. अरविंद दीक्षित, डॉ. सौरभ सक्सेना और अमित कुमार की देखरेख में लेखा कार्यालय की सील खोली गई। इस दौरान वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी कराई गई।
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टीम ने प्राचार्य के सामने अभिलेखों को जांचा। प्राचार्य डॉ. सुधीर कुमार शर्मा ने बताया कि 31 मार्च 2023 तक दो करोड़ 50 लाख 59 हजार 987 रुपये की एफडीआर सुरक्षित पाई गई। लेखा विभाग के रिकाॅर्ड में पिछले तीन सालों की कैशबुक नहीं मिली। लेखा का काम देख रहे इंचार्ज ने तीन साल की डाटा कंप्यूटर में सुरक्षित होने की जानकारी दी।
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प्राचार्य डॉ. सुधीर कुमार शर्मा ने कैशबुक न दिखाने, खातों की स्थिति की जानकारी न देने, महाविद्यालय की एफडी समाप्त होने आदि भ्रामक जानकारी मिलने पर प्रवक्ताओं की मौजूदगी में बुधवार को लेखा कार्यालय सील करा दिया था।
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शुक्रवार को लेखा कार्यालय खुलवाने के लिए प्राचार्य डॉ. सुधीर कुमार शर्मा ने तीन सदस्यीय कमेटी गठित की। प्रवक्ता डॉ. अरविंद दीक्षित, डॉ. सौरभ सक्सेना और अमित कुमार की देखरेख में लेखा कार्यालय की सील खोली गई। इस दौरान वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी कराई गई।
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टीम ने प्राचार्य के सामने अभिलेखों को जांचा। प्राचार्य डॉ. सुधीर कुमार शर्मा ने बताया कि 31 मार्च 2023 तक दो करोड़ 50 लाख 59 हजार 987 रुपये की एफडीआर सुरक्षित पाई गई। लेखा विभाग के रिकाॅर्ड में पिछले तीन सालों की कैशबुक नहीं मिली। लेखा का काम देख रहे इंचार्ज ने तीन साल की डाटा कंप्यूटर में सुरक्षित होने की जानकारी दी।