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सीएम डैशबोर्ड: विकास में 36, ओवरऑल रैंकिंग में जिले को 52वां स्थान
Tue, 12 Nov 2024 12:33 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Tue, 12 Nov 2024 12:33 AM IST
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पीलीभीत। सीएम डैश बोर्ड पर जिले की रैंकिंग में सुधार नहीं हो पा रहा। अक्तूबर माह की रैंकिंग में विकास में जिले को 36वां और ओवरऑल 52वां स्थान मिला है। कानून व्यवस्था में 72वीं रैंक के साथ जिला नीचे से पांचवें स्थान पर है। मंडलायुक्त की फटकार के बाद भी सुधार नहीं हो रहा।
सीएम डैशबोर्ड की रैंकिंग में पिछड़ने की वजह वन विभाग के कार्यों को बताया जा रहा है। जिम्मेदारों का कहना है कि वन विभाग की ओर से की गई लापरवाही के कारण ही विकास में 36वीं रैंक आई है। कई अन्य विभागों की स्थिति भी कुछ खास नहीं रही। हालांकि 61 विभागीय योजनाओं में जिले की स्थिति काफी बेहतर पाई गई है।
मुख्य विकास अधिकारी कुमुदेंद्र कलाकर सिंह ने बताया कि वन विभाग की वजह से जिला पिछड़ा है। रिपोर्ट तैयार की जा रही है। वहीं जिले की कानून व्यवस्था भी बिगड़ी है।
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सुधार के निर्देश हवा-हवाई
सात नवंबर को सीएम डैशबोर्ड पर प्रदर्शित विभागों की ग्रेडिंग की समीक्षा में मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने कई विभागों के जिम्मेदारों को फटकार लगाई थी। ग्राम्य विकास विभाग की ओर से डैशबोर्ड डे एनआरएलएम बैंक क्रेडिट लिंकेज में सी ग्रेड, डे एनआरएलएम बीसी सखी एवं प्रधानमंत्री आवास योजना में बी, नियोजन विभाग की ओर से फैमिली आईडी में ई ग्रेड मिलने पर नाराजगी जताई थी। पंचायतीराज विभाग की ओर से 15वां वित्त आयोग, ग्राम पंचायत में डी ग्रेड, लोक निर्माण विभाग के सेतुओं का निर्माण व नई सड़कों के निर्माण में डी ग्रेड आदि मिलने को लेकर सुधार के निर्देश दिए। अब तक इसको लेकर कवायद शुरू नहीं हुई है।
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सीएम डैशबोर्ड की रैंकिंग में पिछड़ने की वजह वन विभाग के कार्यों को बताया जा रहा है। जिम्मेदारों का कहना है कि वन विभाग की ओर से की गई लापरवाही के कारण ही विकास में 36वीं रैंक आई है। कई अन्य विभागों की स्थिति भी कुछ खास नहीं रही। हालांकि 61 विभागीय योजनाओं में जिले की स्थिति काफी बेहतर पाई गई है।
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मुख्य विकास अधिकारी कुमुदेंद्र कलाकर सिंह ने बताया कि वन विभाग की वजह से जिला पिछड़ा है। रिपोर्ट तैयार की जा रही है। वहीं जिले की कानून व्यवस्था भी बिगड़ी है।
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सुधार के निर्देश हवा-हवाई
सात नवंबर को सीएम डैशबोर्ड पर प्रदर्शित विभागों की ग्रेडिंग की समीक्षा में मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने कई विभागों के जिम्मेदारों को फटकार लगाई थी। ग्राम्य विकास विभाग की ओर से डैशबोर्ड डे एनआरएलएम बैंक क्रेडिट लिंकेज में सी ग्रेड, डे एनआरएलएम बीसी सखी एवं प्रधानमंत्री आवास योजना में बी, नियोजन विभाग की ओर से फैमिली आईडी में ई ग्रेड मिलने पर नाराजगी जताई थी। पंचायतीराज विभाग की ओर से 15वां वित्त आयोग, ग्राम पंचायत में डी ग्रेड, लोक निर्माण विभाग के सेतुओं का निर्माण व नई सड़कों के निर्माण में डी ग्रेड आदि मिलने को लेकर सुधार के निर्देश दिए। अब तक इसको लेकर कवायद शुरू नहीं हुई है।