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खाद कम होने से समितियों में मची है मारामारी
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बीसलपुर की बंद पड़ी काजरबोझी साधन सहकारी समिति। संवाद
- फोटो : PILIBHIT
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बीसलपुृर। विभागीय अनदेखी के चलते तहसील क्षेत्र की कई समितियों पर खाद नहीं है। जिन समितियों पर खाद है, वहां काफी कम मात्रा है। ऐसे में समितियों में खाद के लिए काफी मारामारी मची है।
इस तहसील क्षेत्र में 25 से अधिक सहकारी समितियां हैं। अधिकांश समितियों पर काफी समय से एनपीके और डीएपी खाद नहीं है। गिनी चुनी समितियों पर खाद है लेकिन काफी कम मात्रा में है। ऐसी विपरीत परिस्थितियों मेें सभी समितियों पर खाद के लिए मारामारी मची हुई है। रोजाना किसान समितियों पर खाद लेने जाते हैं लेकिन अधिकांश किसानों को खाद नहीं मिल पाती है। जिन किसानों को खाद मिलती है उन्हें काफी कम मात्रा में मिलती है, जिससे किसानों में विभाग के प्रति जबरदस्त रोष है। विभागीय उच्चाधिकारी सब कुछ जानते हुए भी इस महत्वपूर्ण समस्या का समाधान नहीं कर रहे हैं, जिससे वे अधिकारी भी संदेह के घेरे में आ गए हैं। विभागीय शिथिलता के चलते यह हालात भविष्य में कब तक बने रहेंगे, कुछ कहा नहीं जा सकता। खाद न मिलने से गेहूं और लाही की बुआई में विलंब हो रहा है। संपन्न किसान तो बाजार से खाद खरीद लेते हैं, लेकिन सामान्य किसान सहकारी समितियों पर ही आश्रित हैं। इस बीच जागरूक किसानों ने विभाग और प्रशासन के अधिकारियों का इस ओर कई बार ध्यान आकर्षित कराया लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई, जिससे किसान मायूस हो गए हैं।
एक सप्ताह से बंद पड़ी है काजरबोझी साधन सहकारी समिति
काजरबोझी साधन सहकारी समिति के सचिव हरीश गंगवार का दिवाली से पहले एक्सीडेंट हो गया था। उनका उपचार बरेली के एक प्राइवेट अस्पताल में चल रहा है। ऐसी स्थिति में वह समिति मेें नहीं आ पा रहे हैं जिससे समिति पिछले एक सप्ताह से बंद पड़ी है। जबकि समिति की गोदाम में काफी खाद भंडारित है। रोजाना किसान इस समिति में खाद लेने आते हैं और शाम तक भटकने के बाद मायूस होकर लौट जाते हैं। विभागीय उच्चाधिकारियों ने मामला संज्ञान में होने के बावजूद अभी तक वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की है। सहायक विकास अधिकारी करन सिंह ने बताया कि उनकी रिपोर्ट पर जिला सहायक निबंधक वीर विक्रम सिंह ने खांडेपुर साधन सहकारी समिति के सचिव रामपाल शर्मा को काजरबोझी समिति का अतिरिक्त कार्यभार दिए जाने के निर्देश बुधवार को दे दिए हैं। बृहस्पतिवार को यह समिति खुल जाएगी।
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उनका गांव काजरबोझी साधन सहकारी समिति से संबद्ध है। इस समिति की गोदाम में काफी खाद है लेकिन सचिव न होने के कारण खाद किसानों को नहीं मिल पा रही है। वह स्वयं पिछले एक सप्ताह से रोजाना खाद लेने समिति में जाते हैं और मायूस होकर लौट आते हैं। विभागीय अधिकारियों को तत्काल सचिव की वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए। - आमोद पांडेय, कृषक गांव दौलतपुर पट़्टी
उनका गांव नवदिया रोहनिया साधन सहकारी समिति से जुड़ा हुआ है। इस समिति पर खाद काफी कम मात्रा में है, जिससे किसानों केा नाममात्र की खाद मिल पा रही है। इससे किसानों का भला नहीं हो पा रहा है। अधिकारियों को इस ज्वलंत समस्या का प्राथमिकता के आधार निस्तारण करना चाहिए। - अवनीश कुमार, कृषक गांव चठिया सेवाराम
12 नवंबर तक हो जाएगी खाद की उपलब्धता
तहसील क्षेत्र की काफी समितियों पर खाद कम मात्रा में है। 12 नवंबर तक सभी समितियों में भरपूर मात्रा में खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करा दी जाएगी। - करन सिंह सहायक विकास अधिकारी बीसलपुर
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इस तहसील क्षेत्र में 25 से अधिक सहकारी समितियां हैं। अधिकांश समितियों पर काफी समय से एनपीके और डीएपी खाद नहीं है। गिनी चुनी समितियों पर खाद है लेकिन काफी कम मात्रा में है। ऐसी विपरीत परिस्थितियों मेें सभी समितियों पर खाद के लिए मारामारी मची हुई है। रोजाना किसान समितियों पर खाद लेने जाते हैं लेकिन अधिकांश किसानों को खाद नहीं मिल पाती है। जिन किसानों को खाद मिलती है उन्हें काफी कम मात्रा में मिलती है, जिससे किसानों में विभाग के प्रति जबरदस्त रोष है। विभागीय उच्चाधिकारी सब कुछ जानते हुए भी इस महत्वपूर्ण समस्या का समाधान नहीं कर रहे हैं, जिससे वे अधिकारी भी संदेह के घेरे में आ गए हैं। विभागीय शिथिलता के चलते यह हालात भविष्य में कब तक बने रहेंगे, कुछ कहा नहीं जा सकता। खाद न मिलने से गेहूं और लाही की बुआई में विलंब हो रहा है। संपन्न किसान तो बाजार से खाद खरीद लेते हैं, लेकिन सामान्य किसान सहकारी समितियों पर ही आश्रित हैं। इस बीच जागरूक किसानों ने विभाग और प्रशासन के अधिकारियों का इस ओर कई बार ध्यान आकर्षित कराया लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई, जिससे किसान मायूस हो गए हैं।
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एक सप्ताह से बंद पड़ी है काजरबोझी साधन सहकारी समिति
काजरबोझी साधन सहकारी समिति के सचिव हरीश गंगवार का दिवाली से पहले एक्सीडेंट हो गया था। उनका उपचार बरेली के एक प्राइवेट अस्पताल में चल रहा है। ऐसी स्थिति में वह समिति मेें नहीं आ पा रहे हैं जिससे समिति पिछले एक सप्ताह से बंद पड़ी है। जबकि समिति की गोदाम में काफी खाद भंडारित है। रोजाना किसान इस समिति में खाद लेने आते हैं और शाम तक भटकने के बाद मायूस होकर लौट जाते हैं। विभागीय उच्चाधिकारियों ने मामला संज्ञान में होने के बावजूद अभी तक वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की है। सहायक विकास अधिकारी करन सिंह ने बताया कि उनकी रिपोर्ट पर जिला सहायक निबंधक वीर विक्रम सिंह ने खांडेपुर साधन सहकारी समिति के सचिव रामपाल शर्मा को काजरबोझी समिति का अतिरिक्त कार्यभार दिए जाने के निर्देश बुधवार को दे दिए हैं। बृहस्पतिवार को यह समिति खुल जाएगी।
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उनका गांव काजरबोझी साधन सहकारी समिति से संबद्ध है। इस समिति की गोदाम में काफी खाद है लेकिन सचिव न होने के कारण खाद किसानों को नहीं मिल पा रही है। वह स्वयं पिछले एक सप्ताह से रोजाना खाद लेने समिति में जाते हैं और मायूस होकर लौट आते हैं। विभागीय अधिकारियों को तत्काल सचिव की वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए। - आमोद पांडेय, कृषक गांव दौलतपुर पट़्टी
उनका गांव नवदिया रोहनिया साधन सहकारी समिति से जुड़ा हुआ है। इस समिति पर खाद काफी कम मात्रा में है, जिससे किसानों केा नाममात्र की खाद मिल पा रही है। इससे किसानों का भला नहीं हो पा रहा है। अधिकारियों को इस ज्वलंत समस्या का प्राथमिकता के आधार निस्तारण करना चाहिए। - अवनीश कुमार, कृषक गांव चठिया सेवाराम
12 नवंबर तक हो जाएगी खाद की उपलब्धता
तहसील क्षेत्र की काफी समितियों पर खाद कम मात्रा में है। 12 नवंबर तक सभी समितियों में भरपूर मात्रा में खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करा दी जाएगी। - करन सिंह सहायक विकास अधिकारी बीसलपुर