{"_id":"617ae824a6932302760dcef7","slug":"civic-amenities-pilibhit-news-bly464456229","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिला अस्पताल जाने के लिए अंधेरे से गुजरना होगा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिला अस्पताल जाने के लिए अंधेरे से गुजरना होगा
विज्ञापन
टनकपुर बरेली मार्ग से पीलीभीत में जिला अस्पताल को जोड़ने वाली सड़क पर इस तरह छाया रहता है अंधेरा।
- फोटो : PILIBHIT
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीलीभीत। मोहल्लों की बात छोड़िए शहर के प्रवेश द्वार असम चौराहे से नकटादाना चौराहे तक स्ट्रीट लाइट खराब होने से शाम होते ही अंधेरा छा रहा है। यही नहीं पुलिस अधीक्षक निवास और एफसीआई गोदाम के बाहर मुख्य मार्ग एक हिस्से में अंधेरा रहता है। इस मार्ग पर अशोक कॉलोनी के करीब, नौगवां ओवरब्रिज के सर्विस लेन में खतरनाक गड्ढे हैं। इससे हादसों का खतरा है। यही हाल जिला अस्पताल जाने वाली रोड का है। मुख्य मार्ग से जिला अस्पताल जाने पर शाम होते ही अंधेरा छा जाता है।
जिलाधिकारी पुलकित खरे की पहल पर चौराहे तो जगमग हो गए। लेकिन मुख्यमार्ग पर कई हिस्सों में अंधेरा छाया रहता है। इससे जहां सुरक्षा के लिए खतरा है वहीं लोगों को भी परेशानी होती है। असम चौराहे से नकटादाना तक पांच किलोमीटर लंबे मार्ग कुछ स्थानों पर गड्ढे ही गढ्ढे हैं। अलबत्ता पिछले दिनों अधिकतर गड्ढे भरे गए हैं लेकिन अभी पूरी तरह से मार्ग सही नहीं हो सका है।
नकटादाना चौराहे पर बुधवार रात साढ़े ग्यारह बजे से भरपूर उजाला था। लेकिन आगे बढ़ने पर एसपी आवास के करीब यहां तक कई खंभों से लाइट गायब थी। पुलिस अधीक्षक आवास की बाउंड्री से पहले हिस्से से आखिरी हिस्से तक पांच खंभे थे जिसमें दो पर लाइटें नहीं रोशन हो रहीं थीं। अगर एसपी आवास परिसर की रोशनी बाहर तक न आए सड़क पर अंधेरा नजर आएगा। यहीं मुख्य मार्ग एक गड्ढा है। यह मार्ग टनकपुर से बरेली तक है। मार्ग पर तेज रफ्तार वाहन चलते हैं। गड्ढे होने की वजह से हादसे होने का खतरा है। कुछ इसी तरह का हाल जिला अस्पताल जाने वाली रोड का है। मुख्य मार्ग से 500 मीटर मार्ग पर सिर्फ एक खंभे पर लाइट जल रही थी। बाकी मार्ग पर अंधेरा था।
विज्ञापन
वार्ड 19 में नई बस्ती चौराहे नाले तक मेरे क्षेत्र में स्ट्रीट लाइट के चार पांच प्वाइंट बंद हैं। मैंने पालिकाध्यक्ष के पति को अवगत कराया। उनका कहना है कि लाइट ठीक करने के लिए सामान मंगाया है। सामान आते ही लाइट ठीक करा दी जाएगी।
- देवी सिंह, सभासद
शहर के मुख्य मार्ग के कई हिस्से अंधेरे से जूझ रहे हैं। पालिका हर किसी मामले में बस बजट न होने का बहाना बना देती है। दिवाली से पहले स्ट्रीट लाइट ठीक कराई जाए। जो लाइटें वारंटी पर हैं उन्हें भी कंपनी से बात करके बदलवाना चाहिए।
- शिवम कश्यप, अधिवक्ता
सड़कों पर स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था हमेशा से ही लचर है, कुछ एक लाइट जल भी रही हैं तो वह पार्कों या चौराहों के आसपास ही हैं। मुख्य मार्ग पर काफी गड्ढ़े हैं। लाइट न होने से रात में बाइक से चलाना खतरनाक हो जाता है। - कमलजीत सिंह, व्यापारी
बरसात का मौसम अभी खत्म हुआ है। कुछ लाइटें खराब हो गईं हैं। उनको ठीक कराने की प्रक्रिया चल रही है। जिला अस्पताल रोड पर स्ट्रीट लाइट की लाइन नहीं है। इससे रोशनी नहीं हो पा रही है। दिवाली तक पूरी तरह से प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त हो जाएगी। - विमला जायसवाल, पालिकाध्यक्ष
विज्ञापन
जिलाधिकारी पुलकित खरे की पहल पर चौराहे तो जगमग हो गए। लेकिन मुख्यमार्ग पर कई हिस्सों में अंधेरा छाया रहता है। इससे जहां सुरक्षा के लिए खतरा है वहीं लोगों को भी परेशानी होती है। असम चौराहे से नकटादाना तक पांच किलोमीटर लंबे मार्ग कुछ स्थानों पर गड्ढे ही गढ्ढे हैं। अलबत्ता पिछले दिनों अधिकतर गड्ढे भरे गए हैं लेकिन अभी पूरी तरह से मार्ग सही नहीं हो सका है।
विज्ञापन
नकटादाना चौराहे पर बुधवार रात साढ़े ग्यारह बजे से भरपूर उजाला था। लेकिन आगे बढ़ने पर एसपी आवास के करीब यहां तक कई खंभों से लाइट गायब थी। पुलिस अधीक्षक आवास की बाउंड्री से पहले हिस्से से आखिरी हिस्से तक पांच खंभे थे जिसमें दो पर लाइटें नहीं रोशन हो रहीं थीं। अगर एसपी आवास परिसर की रोशनी बाहर तक न आए सड़क पर अंधेरा नजर आएगा। यहीं मुख्य मार्ग एक गड्ढा है। यह मार्ग टनकपुर से बरेली तक है। मार्ग पर तेज रफ्तार वाहन चलते हैं। गड्ढे होने की वजह से हादसे होने का खतरा है। कुछ इसी तरह का हाल जिला अस्पताल जाने वाली रोड का है। मुख्य मार्ग से 500 मीटर मार्ग पर सिर्फ एक खंभे पर लाइट जल रही थी। बाकी मार्ग पर अंधेरा था।
विज्ञापन
वार्ड 19 में नई बस्ती चौराहे नाले तक मेरे क्षेत्र में स्ट्रीट लाइट के चार पांच प्वाइंट बंद हैं। मैंने पालिकाध्यक्ष के पति को अवगत कराया। उनका कहना है कि लाइट ठीक करने के लिए सामान मंगाया है। सामान आते ही लाइट ठीक करा दी जाएगी।
- देवी सिंह, सभासद
शहर के मुख्य मार्ग के कई हिस्से अंधेरे से जूझ रहे हैं। पालिका हर किसी मामले में बस बजट न होने का बहाना बना देती है। दिवाली से पहले स्ट्रीट लाइट ठीक कराई जाए। जो लाइटें वारंटी पर हैं उन्हें भी कंपनी से बात करके बदलवाना चाहिए।
- शिवम कश्यप, अधिवक्ता
सड़कों पर स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था हमेशा से ही लचर है, कुछ एक लाइट जल भी रही हैं तो वह पार्कों या चौराहों के आसपास ही हैं। मुख्य मार्ग पर काफी गड्ढ़े हैं। लाइट न होने से रात में बाइक से चलाना खतरनाक हो जाता है। - कमलजीत सिंह, व्यापारी
बरसात का मौसम अभी खत्म हुआ है। कुछ लाइटें खराब हो गईं हैं। उनको ठीक कराने की प्रक्रिया चल रही है। जिला अस्पताल रोड पर स्ट्रीट लाइट की लाइन नहीं है। इससे रोशनी नहीं हो पा रही है। दिवाली तक पूरी तरह से प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त हो जाएगी। - विमला जायसवाल, पालिकाध्यक्ष