{"_id":"617ae480a2ad77421a6f9531","slug":"civic-amenities-pilibhit-news-bly4644539178","type":"story","status":"publish","title_hn":"एसडीएम ने नगरपालिका में पकड़ा यूजर चार्ज का घोटाला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एसडीएम ने नगरपालिका में पकड़ा यूजर चार्ज का घोटाला
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बीसलपुर। एसडीएम ने बृहस्पतिवार को नगरपालिका के संबंधित अभिलेखों के निरीक्षण के दौरान यूजर चार्ज का घोटाला पकड़ा है। एसडीएम ने इस सिलसिले में नगरपालिका के सफाई निरीक्षक से जवाब तलब किया है।
एसडीएम राकेश गुप्ता के संज्ञान में आया कि नगरपालिका के अधिकारियों ने यूजर चार्ज में घोटाला किया है। एसडीएम ने शिकायत की पुष्टि करने के क्रम में बृहस्पतिवार को अपने कार्यालय में पालिका कार्यालय से यूजर चार्ज संबंधी पत्रावली मंगाई और उसका अवलोकन किया। पत्रावली के निरीक्षण में यूजर चार्ज (घर-घर से कूड़ा उठाने के बदले लिया जाने वाला शुल्क) में घोटाला पकड़ा गया। एसडीएम ने बताया कि नगरपालिका प्रशासन ने पहली अप्रैल 2021 से 31 मार्च 2022 तक नगर के सभी 16 हजार मकानों से 50 रुपये प्रति माह के हिसाब से यूजर चार्ज वसूल करने का ठेका, एक ठेकेदार को 8.35 लाख रुपये में दिया था। इस ठेकेदार को पूरे वर्ष में आठ लाख की वसूली कर नगरपालिका कार्यालय में जमा करनी थी। एसडीएम ने इसे भी गलत माना कि इस ठेके से पालिका को जितनी आय होनी थी, उससे अधिक में ठेका दिया गया। नियमानुसार यूजर चार्ज वसूली से होने वाली आय से कम रुपये में ठेका दिया जाना चाहिए। पत्रावली का निरीक्षण करने पर यह भी पता चला कि नगरपालिका के अधिकारियों ने ठेकेदार को पूरी धनराशि का भुगतान अग्रिम कर दिया था, जो गलत है। नियमानुसार 31 मार्च 2022 के बाद ठेकेदार का भुगतान किया जाना चाहिए। एसडीएम ने यह घोटाला पकड़ा कि ठेकेदार को वसूली करने वाले कर्मचारियों को प्रत्येक माह 12 हजार रुपये वेतन देना चाहिए लेकिन ठेकेदार ने केवल एक माह तक उन कर्मचारियों को 12 हजार के स्थान पर केवल सात हजार रुपये वेतन दिया और अभिलेखों में 12 हजार रुपये की प्राप्ति करवा ली। इस प्रकार ठेकेदार ने वसूली के लिए लगाए सभी 60 कर्मचारियों से पहले महीने में ही पांच हजार रुपये प्रति कर्मचारी के हिसाब से अवैध वसूली की।
पालिका प्रशासन ने माह अप्रैल में ही यूजर चार्ज की वसूली स्थगित कर दी थी, फिर भी पालिका अधिकारियों ने ठेकेदार का भुगतान अवैध रूप से पूरे वर्ष का कर दिया। नियमानुसार पालिका अधिकारियों को ठेकेदार का केवल एक माह का भुगतान करना चाहिए था। एसडीएम ने इस घोटाले के सिलसिले में पालिका के सफाई निरीक्षक वीरेंद्र विक्रम सिंह से जवाब तलब किया है। एसडीएम ने बताया कि सफाई निरीक्षक का जवाब मिलने के बाद उसका परीक्षण कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि अधिशासी अधिकारी छुट्टी पर हैं। उनके लौटने पर जानकारी लेंगे और जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
एसडीएम राकेश गुप्ता के संज्ञान में आया कि नगरपालिका के अधिकारियों ने यूजर चार्ज में घोटाला किया है। एसडीएम ने शिकायत की पुष्टि करने के क्रम में बृहस्पतिवार को अपने कार्यालय में पालिका कार्यालय से यूजर चार्ज संबंधी पत्रावली मंगाई और उसका अवलोकन किया। पत्रावली के निरीक्षण में यूजर चार्ज (घर-घर से कूड़ा उठाने के बदले लिया जाने वाला शुल्क) में घोटाला पकड़ा गया। एसडीएम ने बताया कि नगरपालिका प्रशासन ने पहली अप्रैल 2021 से 31 मार्च 2022 तक नगर के सभी 16 हजार मकानों से 50 रुपये प्रति माह के हिसाब से यूजर चार्ज वसूल करने का ठेका, एक ठेकेदार को 8.35 लाख रुपये में दिया था। इस ठेकेदार को पूरे वर्ष में आठ लाख की वसूली कर नगरपालिका कार्यालय में जमा करनी थी। एसडीएम ने इसे भी गलत माना कि इस ठेके से पालिका को जितनी आय होनी थी, उससे अधिक में ठेका दिया गया। नियमानुसार यूजर चार्ज वसूली से होने वाली आय से कम रुपये में ठेका दिया जाना चाहिए। पत्रावली का निरीक्षण करने पर यह भी पता चला कि नगरपालिका के अधिकारियों ने ठेकेदार को पूरी धनराशि का भुगतान अग्रिम कर दिया था, जो गलत है। नियमानुसार 31 मार्च 2022 के बाद ठेकेदार का भुगतान किया जाना चाहिए। एसडीएम ने यह घोटाला पकड़ा कि ठेकेदार को वसूली करने वाले कर्मचारियों को प्रत्येक माह 12 हजार रुपये वेतन देना चाहिए लेकिन ठेकेदार ने केवल एक माह तक उन कर्मचारियों को 12 हजार के स्थान पर केवल सात हजार रुपये वेतन दिया और अभिलेखों में 12 हजार रुपये की प्राप्ति करवा ली। इस प्रकार ठेकेदार ने वसूली के लिए लगाए सभी 60 कर्मचारियों से पहले महीने में ही पांच हजार रुपये प्रति कर्मचारी के हिसाब से अवैध वसूली की।
विज्ञापन
पालिका प्रशासन ने माह अप्रैल में ही यूजर चार्ज की वसूली स्थगित कर दी थी, फिर भी पालिका अधिकारियों ने ठेकेदार का भुगतान अवैध रूप से पूरे वर्ष का कर दिया। नियमानुसार पालिका अधिकारियों को ठेकेदार का केवल एक माह का भुगतान करना चाहिए था। एसडीएम ने इस घोटाले के सिलसिले में पालिका के सफाई निरीक्षक वीरेंद्र विक्रम सिंह से जवाब तलब किया है। एसडीएम ने बताया कि सफाई निरीक्षक का जवाब मिलने के बाद उसका परीक्षण कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि अधिशासी अधिकारी छुट्टी पर हैं। उनके लौटने पर जानकारी लेंगे और जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी।
विज्ञापन