{"_id":"6144ee138ebc3ebd8879167e","slug":"civic-amenities-pilibhit-news-bly459971173","type":"story","status":"publish","title_hn":"पराली जलाने वालों के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पराली जलाने वालों के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीलीभीत। डीएम पुलकित खरे ने कहा कि न्याय पंचायत में पराली के प्रबंधन को लेकर निश्चित दर निर्धारित करते हुए किसानों को व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी। पिछले वर्ष की तरह पराली जलाने की घटनाओं पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इस के बाद भी नियम उल्लंघन करने पर संबंधित के विरुद्ध कठोर कार्रवाई कराई जाएगी।
गांधी सभागार में डीएम ने आगामी धान कटाई के समय पराली के उचित प्रबंधन को लेकर कृषि विभाग के सहायक विकास अधिकारी, ब्लॉक टेक्नीकल मैनेजर, एग्रीकल्चर टेक्नीकल मैनेजर और तकनीकी सहायकों के साथ समीक्षा बैठक की गई। डीएम ने प्रभारी उप निदेशक कृषि को निर्देश देते हुए कहा कि जनपद के कस्टम हायरिंग सेंटर और फार्म मशीनरी बैंकों के द्वारा उनकी न्याय पंचायत में पराली के प्रबंधन को लेकर उपयोग किया जाए। निश्चित दर निर्धारित किसानों को व्यवस्था उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। पिछले वर्ष की तरह इस बार पराली जलाने की घटनाओं पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए।
नियम उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई करने को कहा। सभी ब्लॉक टेक्नीकल मैनेजर, एग्रीकल्चर टैक्नीकल मैनेजर व तकनीकी सहायक, किसान सहायक, लेखपाल, ग्राम प्रधान, किसान मित्र, बीट कांस्टेबल, सचिव 25 सितंबर से जागरूकता गोष्ठियों का आयोजन सभी गांवों में कराना सुनिश्चित करेंगे। एक एक किसान को पराली जलाने से होने वाले नुकसान को लेकर जानकारी देंगे। किसानों को जानकारी दें कि कृषि यंत्रों के माध्यम से पराली का प्रबंधन किया जा सकता है। पराली को काटकर मिट्टी में मिलाने से भूमि की उर्वरता शक्ति को बनाएं। इस मौके पर सीडीओ प्रशांत कुमार श्रीवास्तव, एडीएम न्यायिक देवेंद्र प्रताप मिश्र, प्रभारी उप निदेशक कृषि विनोद कुमार यादव, जिला गन्ना अधिकारी जितेंद्र कुमार मिश्रा आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
गांधी सभागार में डीएम ने आगामी धान कटाई के समय पराली के उचित प्रबंधन को लेकर कृषि विभाग के सहायक विकास अधिकारी, ब्लॉक टेक्नीकल मैनेजर, एग्रीकल्चर टेक्नीकल मैनेजर और तकनीकी सहायकों के साथ समीक्षा बैठक की गई। डीएम ने प्रभारी उप निदेशक कृषि को निर्देश देते हुए कहा कि जनपद के कस्टम हायरिंग सेंटर और फार्म मशीनरी बैंकों के द्वारा उनकी न्याय पंचायत में पराली के प्रबंधन को लेकर उपयोग किया जाए। निश्चित दर निर्धारित किसानों को व्यवस्था उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। पिछले वर्ष की तरह इस बार पराली जलाने की घटनाओं पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
नियम उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई करने को कहा। सभी ब्लॉक टेक्नीकल मैनेजर, एग्रीकल्चर टैक्नीकल मैनेजर व तकनीकी सहायक, किसान सहायक, लेखपाल, ग्राम प्रधान, किसान मित्र, बीट कांस्टेबल, सचिव 25 सितंबर से जागरूकता गोष्ठियों का आयोजन सभी गांवों में कराना सुनिश्चित करेंगे। एक एक किसान को पराली जलाने से होने वाले नुकसान को लेकर जानकारी देंगे। किसानों को जानकारी दें कि कृषि यंत्रों के माध्यम से पराली का प्रबंधन किया जा सकता है। पराली को काटकर मिट्टी में मिलाने से भूमि की उर्वरता शक्ति को बनाएं। इस मौके पर सीडीओ प्रशांत कुमार श्रीवास्तव, एडीएम न्यायिक देवेंद्र प्रताप मिश्र, प्रभारी उप निदेशक कृषि विनोद कुमार यादव, जिला गन्ना अधिकारी जितेंद्र कुमार मिश्रा आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन