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जजी में बने चैंबर तोड़ने का आदेश, न्यायालय पहुंचे अधिवक्ता
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पीलीभीत। जिला जजी परिसर में बने सेंट्रल बार एसोसिएशन के कुछ चैंबर तोड़ने को सुबह से ही कचहरी परिसर में भारी पुलिस, पीएसी के साथ प्रशासनिक अधिकारी पहुंच गए। प्रशासन ने जेसीबी, दंगा निरोधक टीम भी मौके पर बुला ली। भनक लगते ही अधिवक्ता भी मौके पर पहुंच गए। घंटों चली मशक्कत के बाद दोपहर बाद अधिवक्ताओं ने अतिक्रमण हटाने को समय मांग लिया। प्रशासन ने सात दिन का समय देकर रविवार का अभियान स्थगित कर दिया।
जिला मुख्यालय पर जिला जजी परिसर में दशकों पहले अधिवक्ताओं को बैठने के लिए जगह दी गई थी। टिनशेड का चैंबर बनाकर अधिवक्ताओं ने वकालत भी शुरू कर दी। जजी परिसर के अधिवक्ता सेंट्रल बार एसोसिएशन के सदस्य हैं। रविवार सुबह भारी संख्या में पुलिस फोर्स, पीएसी जेसीबी और ट्रैक्टर ट्रॉलियों के साथ प्रशासनिक अधिकारी जजी परिसर पहुंच गए। भनक लगते ही अधिवक्ता भी पहुंच गए। अधिवक्ताओं को बताया गया कि कुछ चैंबर आवंटित जगह से ज्यादा में बना लिए गए है। जिनका अतिक्रमण उच्च न्यायालय के आदेश पर हटना है। रविवार को अवकाश के बाद भी भारी संख्या में अधिवक्ताओं का हुजूम होने के कारण अतिक्रमण नहीं हट सका। घंटों चली जद्दोजहद के बाद अधिवक्ताओं की ओर से सेंट्रल बार के अध्यक्ष अताउर्रहमान और सचिव अनुराग मिश्रा की ओर से डीएम को संबोधित एक पत्र मौके पर मौजूद एसडीएम और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को दिया गया। पत्र में कहा कि अतिक्रमण हटाने के शासनादेश व उच्च न्यायालय द्वारा अतिक्रमण हटाने संबंधी जनहित याचिका में पारित आदेश 12 अगस्त 2021 में चैंबरों को हटाने का कोई स्पष्ट आदेश नहीं है। अधिवक्ताओं को बेदखल करने संबंधी भी कोई आदेश नहीं है। अधिवक्ता उच्च न्यायालय के आदेशों का अवलोकन करना चाहते हैं। अगर उच्च न्यायालय ने ऐसा कोई आदेश दिया है तो अधिवक्ता आदेश का सम्मान करते चैंबर हटा लेंगे। पत्र में यह भी कहा गया कि अधिवक्ताओं को चिह्नित कर यह नहीं बताया गया है कि कौन सा अतिक्रमण है। अधिवक्ताओं ने चैंबरों से बेदखल किए जाने पर अपूर्णनीय क्षति की आशंका जताई है और एक सप्ताह का समय मांगा। प्रशासनिक अधिकारियों ने दोपहर बाद अधिवक्ताओं को सात दिन का समय देते हुए रविवार की कार्रवाई स्थगित कर दी है।
नौ स्थानों पर तैनात रही फोर्स
चैंबर हटाने के लिए नौ स्थानों पर जजी के हर तरफ फोर्स तैनात की गई। सैंकड़ों की संख्या पुलिस कर्मी और पीएसी जवान लगाए गए। जिला जजी के मुख्य गेट संख्या एक, मुख्य गेट संख्या दो समेत नौ स्थानों पर सैकड़ों पुलिस कर्मी सुबह आठ बजे ही पहुंच गए। जो दोपहर बाद तक डटे रहे।
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कचहरी में जमे रहे भूखे प्यासे अधिवक्ता
चैंबर हटाने की खबर पर अधिवक्ता तड़के की कचहरी पहुंच गए। जनपद के उपनगर बीसलपुर और पूरनपुर से आए हुए अधिवक्ता रविवार को अवकाश होने के बाद भी पूरे दिन भूखे प्यासे ही कचहरी में जमे रहे। पूर्व अध्यक्ष संतरात राठौर, पूर्व अध्यक्ष शिव शर्मा, पूर्व अध्यक्ष अमित मिश्रा भी पदाधिकारियों के साथ मौजूद रहे।
चैंबर न होने पर अधिवक्ता कहां पर बैठकर वकालत करेंगे। अधिवक्ताओं के हितों की रक्षा सभी के सहयोग से की जाएगी। - अनुराग मिश्रा, सचिव, सेंट्रल बार एसोसिएशन
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जिला मुख्यालय पर जिला जजी परिसर में दशकों पहले अधिवक्ताओं को बैठने के लिए जगह दी गई थी। टिनशेड का चैंबर बनाकर अधिवक्ताओं ने वकालत भी शुरू कर दी। जजी परिसर के अधिवक्ता सेंट्रल बार एसोसिएशन के सदस्य हैं। रविवार सुबह भारी संख्या में पुलिस फोर्स, पीएसी जेसीबी और ट्रैक्टर ट्रॉलियों के साथ प्रशासनिक अधिकारी जजी परिसर पहुंच गए। भनक लगते ही अधिवक्ता भी पहुंच गए। अधिवक्ताओं को बताया गया कि कुछ चैंबर आवंटित जगह से ज्यादा में बना लिए गए है। जिनका अतिक्रमण उच्च न्यायालय के आदेश पर हटना है। रविवार को अवकाश के बाद भी भारी संख्या में अधिवक्ताओं का हुजूम होने के कारण अतिक्रमण नहीं हट सका। घंटों चली जद्दोजहद के बाद अधिवक्ताओं की ओर से सेंट्रल बार के अध्यक्ष अताउर्रहमान और सचिव अनुराग मिश्रा की ओर से डीएम को संबोधित एक पत्र मौके पर मौजूद एसडीएम और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को दिया गया। पत्र में कहा कि अतिक्रमण हटाने के शासनादेश व उच्च न्यायालय द्वारा अतिक्रमण हटाने संबंधी जनहित याचिका में पारित आदेश 12 अगस्त 2021 में चैंबरों को हटाने का कोई स्पष्ट आदेश नहीं है। अधिवक्ताओं को बेदखल करने संबंधी भी कोई आदेश नहीं है। अधिवक्ता उच्च न्यायालय के आदेशों का अवलोकन करना चाहते हैं। अगर उच्च न्यायालय ने ऐसा कोई आदेश दिया है तो अधिवक्ता आदेश का सम्मान करते चैंबर हटा लेंगे। पत्र में यह भी कहा गया कि अधिवक्ताओं को चिह्नित कर यह नहीं बताया गया है कि कौन सा अतिक्रमण है। अधिवक्ताओं ने चैंबरों से बेदखल किए जाने पर अपूर्णनीय क्षति की आशंका जताई है और एक सप्ताह का समय मांगा। प्रशासनिक अधिकारियों ने दोपहर बाद अधिवक्ताओं को सात दिन का समय देते हुए रविवार की कार्रवाई स्थगित कर दी है।
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नौ स्थानों पर तैनात रही फोर्स
चैंबर हटाने के लिए नौ स्थानों पर जजी के हर तरफ फोर्स तैनात की गई। सैंकड़ों की संख्या पुलिस कर्मी और पीएसी जवान लगाए गए। जिला जजी के मुख्य गेट संख्या एक, मुख्य गेट संख्या दो समेत नौ स्थानों पर सैकड़ों पुलिस कर्मी सुबह आठ बजे ही पहुंच गए। जो दोपहर बाद तक डटे रहे।
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कचहरी में जमे रहे भूखे प्यासे अधिवक्ता
चैंबर हटाने की खबर पर अधिवक्ता तड़के की कचहरी पहुंच गए। जनपद के उपनगर बीसलपुर और पूरनपुर से आए हुए अधिवक्ता रविवार को अवकाश होने के बाद भी पूरे दिन भूखे प्यासे ही कचहरी में जमे रहे। पूर्व अध्यक्ष संतरात राठौर, पूर्व अध्यक्ष शिव शर्मा, पूर्व अध्यक्ष अमित मिश्रा भी पदाधिकारियों के साथ मौजूद रहे।
चैंबर न होने पर अधिवक्ता कहां पर बैठकर वकालत करेंगे। अधिवक्ताओं के हितों की रक्षा सभी के सहयोग से की जाएगी। - अनुराग मिश्रा, सचिव, सेंट्रल बार एसोसिएशन