{"_id":"612bd86a8ebc3e494b23c13b","slug":"civic-amenities-pilibhit-news-bly457922351","type":"story","status":"publish","title_hn":"खेत में अचानक दिखा बाघ, मजदूरों ने भागकर बचाई जान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खेत में अचानक दिखा बाघ, मजदूरों ने भागकर बचाई जान
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमरिया। धान के खेत से घास निकाल रहे मजदूरों के सामने रविवार सुबह अचानक बाघ आ गया। घबराए मजदूरों ने भागकर किसी तरह जान बचाई। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने पगचिह्नों की छानबीन की। इसके बाद बाघ होने की पुष्टि भी की। इसके साथ ही आसपास के किसानों और ग्रामीणों को अलर्ट किया।
तहसील क्षेत्र के गांव तिरकुनियां नसीर निवासी मजदूर जाबेद अंसारी ने बताया कि रविवार सुबह नौ बजे ग्राम गजरौला निवासी सर्वदत्त सिंह के फार्म पर धान के खेत में ग्राम भूड़ा कैमोर निवासी घनश्याम व ग्राम तिरकुनियां नसीर निवासी इरशाद अहमद व गुरसेवक सिंह घास निकाल रहे थे। इस दौरान उन्हें कुछ दूरी पर गन्ने के खेत के बराबर में बाघ दिखाई दिया। बाघ को सामने देख मजदूरों के पसीने छूट गए। मजदूरों ने वहां से भागकर फार्म पर पहुंचकर अपनी जान बचाई। इसके बाद बाघ चहलकदमी करता हुआ डबरी के किनारे की झाड़ियों में चला गया। ग्रामीणों ने वन विभाग को सूचना दी। उसके बाद डिप्टी रेंजर देवेंद्र पाल सिंह, वन दरोगा सोनी सिंह, चेतन कुमार, कैलाश कुमार, राजीव ढाली ने मौका मुआयना कर पगचिह्न ट्रेस किए। डिप्टी रेंजर देवेंद्र पाल सिंह ने बताया कि बाघ के पगचिह्न मिले हैं। निगरानी बढ़ाने के साथ ग्रामीणों को भी सतर्क किया गया है।
विज्ञापन
तहसील क्षेत्र के गांव तिरकुनियां नसीर निवासी मजदूर जाबेद अंसारी ने बताया कि रविवार सुबह नौ बजे ग्राम गजरौला निवासी सर्वदत्त सिंह के फार्म पर धान के खेत में ग्राम भूड़ा कैमोर निवासी घनश्याम व ग्राम तिरकुनियां नसीर निवासी इरशाद अहमद व गुरसेवक सिंह घास निकाल रहे थे। इस दौरान उन्हें कुछ दूरी पर गन्ने के खेत के बराबर में बाघ दिखाई दिया। बाघ को सामने देख मजदूरों के पसीने छूट गए। मजदूरों ने वहां से भागकर फार्म पर पहुंचकर अपनी जान बचाई। इसके बाद बाघ चहलकदमी करता हुआ डबरी के किनारे की झाड़ियों में चला गया। ग्रामीणों ने वन विभाग को सूचना दी। उसके बाद डिप्टी रेंजर देवेंद्र पाल सिंह, वन दरोगा सोनी सिंह, चेतन कुमार, कैलाश कुमार, राजीव ढाली ने मौका मुआयना कर पगचिह्न ट्रेस किए। डिप्टी रेंजर देवेंद्र पाल सिंह ने बताया कि बाघ के पगचिह्न मिले हैं। निगरानी बढ़ाने के साथ ग्रामीणों को भी सतर्क किया गया है।
विज्ञापन