{"_id":"6127e8d88ebc3e7f4c6b41ab","slug":"civic-amenities-pilibhit-news-bly4575942134","type":"story","status":"publish","title_hn":"गिरफ्तारी देने कोतवाली पहुंचे कई किसान, मुचलका कार्रवाई वापस कराने की मांग की","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गिरफ्तारी देने कोतवाली पहुंचे कई किसान, मुचलका कार्रवाई वापस कराने की मांग की
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पूरनपुर। मुचलका पाबंद की कार्रवाई के बाद नोटिस जारी होने पर कई किसान बृहस्पतिवार को गिरफ्तारी देने कोतवाली पहुंच गए। मुचलका पाबंद की कार्रवाई वापस न होने के विरोध में कोतवाली गेट के सामने धरना देकर पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया। एसडीएम से वार्ता के बाद बृहस्पतिवार शाम पौने पांच बजे धरना समाप्त कर दिया गया।
शांतिभंग की आशंका पर किसानों पर हुई मुचलका पाबंद की कार्रवाई के विरोध पर बृहस्पतिवार को अन्नदाता किसान यूनियन के नेता मनप्रीत सिंह के नेतृत्व में कई यूनियन कार्यकर्ता, किसानों ने कोतवाली पहुंचकर पुलिस से गिरफ्तारी की मांग की। किसानों का कहना था कि सत्ता पक्ष के लोग बैठक करें तब कोरोना महामारी फैलने का डर नहीं। समस्या को लेकर शांतिपूर्वक ढंग से प्रदर्शन करने वाले किसानों से कोरोना महामारी फैलने का डर है। उन पर मुचलका पाबंद की कार्रवाई की गई है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वे लोग खुद कोतवाली आए है। उनकी गिरफ्तारी की जाए। कोतवाल हर्षवर्धन सिंह का कहना था कि मुचलका पाबंद के नोटिस एसडीएम कोर्ट से जारी हुए हैं। वे लोग कोर्ट में पहुंचकर अपनी बात रखें। कार्रवाई वापस न होने पर किसानों ने प्रदर्शन कर कोतवाली गेट के सामने धरना शुरू कर दिया। घंटों धरना देकर किसान प्रदर्शन करते रहे। शाम करीब पौने पांच बजे धरनास्थल पहुंचे एसडीएम राजेंद्र प्रसाद की प्रदर्शनकारियों से वार्ता हुई। वार्ता के बाद धरना समाप्त कर दिया गया। किसानों का नेतृत्व करने वाले किसान नेता मनप्रीत सिंह ने बताया कि 21 अगस्त को किसान अपनी बात रखने को असम हाईवे के घुंघचाई चौराहा पर शांतिपूर्वक ढंग से एकत्र हुए थे। इस पर पुलिस ने मुचलका पाबंद की कार्रवाई की है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि शाम को धरना स्थल पहुंचे एसडीएम के आश्वासन पर धरना समाप्त कर दिया गया है। तीनों कृषि कानूनों को लेकर जिले में पहुंचने वाले सत्ताधारी नेताओं का विरोध कर काले झंडे दिखाए जाएंगे। जरूरत पड़ी तो अन्य तरीके से भी विरोध दर्ज कराया जाएगा।
प्रदर्शनकारी किसानों को मुचलका पाबंद को लेकर कोई आश्वासन नहीं दिया गया। किसानों ने उनके कोर्ट में पहुंचकर अन्य लोगों की तरह मुचलका पाबंद की कार्रवाई को लेकर प्रार्थना पत्र दिया है।
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- राजेंद्र प्रसाद, एसडीएम पूरनपुर।
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शांतिभंग की आशंका पर किसानों पर हुई मुचलका पाबंद की कार्रवाई के विरोध पर बृहस्पतिवार को अन्नदाता किसान यूनियन के नेता मनप्रीत सिंह के नेतृत्व में कई यूनियन कार्यकर्ता, किसानों ने कोतवाली पहुंचकर पुलिस से गिरफ्तारी की मांग की। किसानों का कहना था कि सत्ता पक्ष के लोग बैठक करें तब कोरोना महामारी फैलने का डर नहीं। समस्या को लेकर शांतिपूर्वक ढंग से प्रदर्शन करने वाले किसानों से कोरोना महामारी फैलने का डर है। उन पर मुचलका पाबंद की कार्रवाई की गई है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वे लोग खुद कोतवाली आए है। उनकी गिरफ्तारी की जाए। कोतवाल हर्षवर्धन सिंह का कहना था कि मुचलका पाबंद के नोटिस एसडीएम कोर्ट से जारी हुए हैं। वे लोग कोर्ट में पहुंचकर अपनी बात रखें। कार्रवाई वापस न होने पर किसानों ने प्रदर्शन कर कोतवाली गेट के सामने धरना शुरू कर दिया। घंटों धरना देकर किसान प्रदर्शन करते रहे। शाम करीब पौने पांच बजे धरनास्थल पहुंचे एसडीएम राजेंद्र प्रसाद की प्रदर्शनकारियों से वार्ता हुई। वार्ता के बाद धरना समाप्त कर दिया गया। किसानों का नेतृत्व करने वाले किसान नेता मनप्रीत सिंह ने बताया कि 21 अगस्त को किसान अपनी बात रखने को असम हाईवे के घुंघचाई चौराहा पर शांतिपूर्वक ढंग से एकत्र हुए थे। इस पर पुलिस ने मुचलका पाबंद की कार्रवाई की है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि शाम को धरना स्थल पहुंचे एसडीएम के आश्वासन पर धरना समाप्त कर दिया गया है। तीनों कृषि कानूनों को लेकर जिले में पहुंचने वाले सत्ताधारी नेताओं का विरोध कर काले झंडे दिखाए जाएंगे। जरूरत पड़ी तो अन्य तरीके से भी विरोध दर्ज कराया जाएगा।
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प्रदर्शनकारी किसानों को मुचलका पाबंद को लेकर कोई आश्वासन नहीं दिया गया। किसानों ने उनके कोर्ट में पहुंचकर अन्य लोगों की तरह मुचलका पाबंद की कार्रवाई को लेकर प्रार्थना पत्र दिया है।
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- राजेंद्र प्रसाद, एसडीएम पूरनपुर।