{"_id":"6127e7778ebc3ea7563716c7","slug":"civic-amenities-pilibhit-news-bly4575930188","type":"story","status":"publish","title_hn":"घर के अंदर भागकर बचाई बाघ से जान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घर के अंदर भागकर बचाई बाघ से जान
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अमरिया। गांव विशनपुर में बुधवार रात आठ बजे घर के बराबर से दो बाघों के एक साथ गुजरते देख परिवार के पसीने छूट गए। परिवार के लोग घर के अंदर कमरे में भागकर किसी तरह अपनी जान बचाई। सूचना पर रात में पहुंची वन विभाग की टीम ने पटाखे चला कर शोर शराबा करने के बाद पगचिह्न ट्रेस करने का प्रयास किया। हालांकि बारिश के कारण पगचिह्न ट्रेस नहीं हो सके। उधर, गांव नूरपुर में आबादी के पास धानों के खेत में घूम रहे तेंदुए को देख कर ग्रामीणों में दहशत फैल गई। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने मौका मुआयना कर पगचिह्न की जांच की। ग्रामीणों को सतर्क करते हुए खेतों में अकेले न जाने की सलाह दी।
तहसील अमरिया क्षेत्र के गांव विशनपुर निवासी पुष्पा देवी ने बताया कि बुधवार रात करीब आठ बजे वह परिवार के साथ घर के आंगन में थी। इसी समय तेज हवा चलने से बिजली ट्रिप हो गई। घर के अंदर और बाहर अंधेरा छा गया। इस दौरान नहर की झाड़ियों से निकलकर दो बाघ घर के पास पहुंच गए। आहट से उनका पालतू कुत्ता घर के अंदर भागा तब उन्होंने टॉर्च की रोशनी में दो बाघों को घर के आंगन की ओर आते देखा। इसके बाद सभी लोग घर के अंदर कमरे में भाग गए। इस दौरान बारिश होने लगी। परिवार के लोगों ने टॉर्च की रोशनी में देखा कि दोनों बाघ चहलकदमी करते हुए बराबर में सौ मीटर की दूरी पर दूसरे घर के बाहर अमरूद के पेड़ के नीच कुछ देरे खड़े होकर डबरी की ओर चले गए। सूचना पर पहुंचे वन विभाग के डिप्टी रेंजर देवेंद्र पाल सिंह, चेतन कुमार, राजीव ढाली ने रात मेें ही मौके पर पहुंचकर पटाखे चलाए। डिप्टी रेंजर ने बताया कि इस क्षेत्र में बाघ प्रवास करते हैं। बाघों की चहलकदमी होती रहती है। ग्रामीणों को सतर्क किया गया है।
उधर, क्षेत्र के गांव नूरपुर निवासी रईस अहमद बृहस्पतिवार की सुबह करीब आठ बजे गांव के बराबर में आबादी के पास अपने खेतों में घूमने गए थे। इस दौरान धान के खेतों से निकलकर एक तेंदुआ उनके सामने आ गया। तेंदुए को सामने देख उनके होश उड़ गए। शोर शराबा करते हुए दौड़कर गांव में पहुंचे। शोर सुनकर कुछ ही देर में तमाम ग्रामीण जुट गए। सूचना पर वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर मौका मुआयना कर पगचिह्न ट्रेस किए। ग्रामीणों को सतर्क कर खेतों में अकेले न जाने की सलाह दी।
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पिपरिया जयभद्र के पास बाघ के पगचिह्न मिलने से दहशत
पूरनपुर के गांव मोहम्मदपुर के पास गन्ने के खेत में डेरा जमाए बाघ कुछ दूर स्थित गांव पिपरिया जयभद्र के पास गन्ना के खेत में पहुंच गया। बाघ की चहल कदमी से आसपास गांव के लोग दहशत में है। बाघ की निगरानी को लगी टीम को दूसरे दिन भी बाघ की लोकेशन नहीं मिल सकी।
जंगल से निकलकर गांव मोहम्मदपुर के समीप आए बाघ को देखकर बुधवार को कुछ लोगों ने शोर-शराबा किया था। इस पर बाघ पास में ही गन्ने के खेत में चला गया। सूचना पर पहुंची वन एवं वन्य प्रभाग की टीम को बाघ के पगचिह्न मिले। इस पर बाघ की निगरानी को टीमें लगाई गई। रेंजर मोहम्मद अयूब हसन ने आसपास के गांव के लोगों को सतर्कता के निर्देश दिए। बृहस्पतिवार सुबह बाघ के पदचिह्न एक नहर माइनर की पटरी और गांव पिपरिया जयभद्र के समीप देखे गए। इसकी जानकारी वन एवं वन्य जीव प्रभाग के रेंजर को दी गई। उन्होंने बताया कि बाघ की चहल कदमी अभी क्षेत्र में ही है। मगर दूसरे दिन उसकी लोकेशन नहीं मिल सकी। टीमें निगरानी में लगी हुई हैं। लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है। उधर, बाघ की चहल कदमी से किसान खेतों में जाने से कतराने लगे हैं। बाघ जंगल में न खदेड़े जाने पर लोगों में रोष है।
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तहसील अमरिया क्षेत्र के गांव विशनपुर निवासी पुष्पा देवी ने बताया कि बुधवार रात करीब आठ बजे वह परिवार के साथ घर के आंगन में थी। इसी समय तेज हवा चलने से बिजली ट्रिप हो गई। घर के अंदर और बाहर अंधेरा छा गया। इस दौरान नहर की झाड़ियों से निकलकर दो बाघ घर के पास पहुंच गए। आहट से उनका पालतू कुत्ता घर के अंदर भागा तब उन्होंने टॉर्च की रोशनी में दो बाघों को घर के आंगन की ओर आते देखा। इसके बाद सभी लोग घर के अंदर कमरे में भाग गए। इस दौरान बारिश होने लगी। परिवार के लोगों ने टॉर्च की रोशनी में देखा कि दोनों बाघ चहलकदमी करते हुए बराबर में सौ मीटर की दूरी पर दूसरे घर के बाहर अमरूद के पेड़ के नीच कुछ देरे खड़े होकर डबरी की ओर चले गए। सूचना पर पहुंचे वन विभाग के डिप्टी रेंजर देवेंद्र पाल सिंह, चेतन कुमार, राजीव ढाली ने रात मेें ही मौके पर पहुंचकर पटाखे चलाए। डिप्टी रेंजर ने बताया कि इस क्षेत्र में बाघ प्रवास करते हैं। बाघों की चहलकदमी होती रहती है। ग्रामीणों को सतर्क किया गया है।
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उधर, क्षेत्र के गांव नूरपुर निवासी रईस अहमद बृहस्पतिवार की सुबह करीब आठ बजे गांव के बराबर में आबादी के पास अपने खेतों में घूमने गए थे। इस दौरान धान के खेतों से निकलकर एक तेंदुआ उनके सामने आ गया। तेंदुए को सामने देख उनके होश उड़ गए। शोर शराबा करते हुए दौड़कर गांव में पहुंचे। शोर सुनकर कुछ ही देर में तमाम ग्रामीण जुट गए। सूचना पर वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर मौका मुआयना कर पगचिह्न ट्रेस किए। ग्रामीणों को सतर्क कर खेतों में अकेले न जाने की सलाह दी।
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पिपरिया जयभद्र के पास बाघ के पगचिह्न मिलने से दहशत
पूरनपुर के गांव मोहम्मदपुर के पास गन्ने के खेत में डेरा जमाए बाघ कुछ दूर स्थित गांव पिपरिया जयभद्र के पास गन्ना के खेत में पहुंच गया। बाघ की चहल कदमी से आसपास गांव के लोग दहशत में है। बाघ की निगरानी को लगी टीम को दूसरे दिन भी बाघ की लोकेशन नहीं मिल सकी।
जंगल से निकलकर गांव मोहम्मदपुर के समीप आए बाघ को देखकर बुधवार को कुछ लोगों ने शोर-शराबा किया था। इस पर बाघ पास में ही गन्ने के खेत में चला गया। सूचना पर पहुंची वन एवं वन्य प्रभाग की टीम को बाघ के पगचिह्न मिले। इस पर बाघ की निगरानी को टीमें लगाई गई। रेंजर मोहम्मद अयूब हसन ने आसपास के गांव के लोगों को सतर्कता के निर्देश दिए। बृहस्पतिवार सुबह बाघ के पदचिह्न एक नहर माइनर की पटरी और गांव पिपरिया जयभद्र के समीप देखे गए। इसकी जानकारी वन एवं वन्य जीव प्रभाग के रेंजर को दी गई। उन्होंने बताया कि बाघ की चहल कदमी अभी क्षेत्र में ही है। मगर दूसरे दिन उसकी लोकेशन नहीं मिल सकी। टीमें निगरानी में लगी हुई हैं। लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है। उधर, बाघ की चहल कदमी से किसान खेतों में जाने से कतराने लगे हैं। बाघ जंगल में न खदेड़े जाने पर लोगों में रोष है।