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अफसर कटान से नकारते रहे, शारदा में समा गई 40 एकड़ जमीन

Sat, 24 Jul 2021 12:32 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 24 Jul 2021 12:32 AM IST
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पीलीभीत। शारदा नदी के जलस्तर में उतार चढ़ाव के बीच कटान जारी है। मगर जिम्मेदार कटान की बात मानने को तैयार नहीं है। ऐसा ही कुछ शारदा सागर डैम के सामने रमनगरा बुझिया इलाके में भी हो रहा है। नदी यहां लगातार कटान करती हुई 40 एकड़ कृषि भूमि को निगल चुकी है। इतना ही नहीं, करीब 100 एकड़ रकबे के खड़ी फसलें भी जलमग्न हो चुकी है। कृषि फसलों की हालत देख किसानों के चेहरे मुरझाते नजर आने लगे हैं। इधर, घबराए किसानों ने कोई राहत मिलती न देख स्वयं ही कटान रोकने को बचाव कार्य शुरू कर दिए हैं।
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शारदा नदी में इस बार बारिश के दौरान अब तक तीन बार बाढ़ की स्थिति पैदा हो चुकी है। हालांकि कटान की स्थिति कलीनगर तहसील क्षेत्र के नलडेंगा, नगरियाखुर्द समेत कुछ अन्य स्थानों पर बनी, मगर इसमें सर्वाधिक नुकसान शारदा सागर डैम के सामने रमनगरा बुझिया इलाके में हुआ। यहां नदी दोनों ओर से कटान करते हुए आगे बढ़ रही है। एक दिन पहले नदी ने दाहिने किनारे की ओर तेज गति से कटान शुरू कर दिया था। यह स्थिति एक दो दिन से नहीं बल्कि सप्ताह भर से चली आ रही है। खास बात यह है कि जिम्मेदार बाढ़ खंड के अभियंता यहां कटान होने की बात से ही इंकार करते आ रहे थे। विभागीय अभियंताओं का कहना था कि कटान कृषि क्षेत्र को नहीं बल्कि पूर्व वर्षों में नदी द्वारा छोड़ी गई भूमि पर हो रहा है। इधर, एक दिन पहले जब यहां कटान तेजी से शुरू हुआ तो किसान बुरी तरह घबरा गए। कटान रोकने में कोई मदद मिलती न देख घबराए किसान घरों से आरा और कुल्हाड़ी लेकर मौके पर जा पहुंचे। किसानों ने खेतों में खड़े पेड़ों को काटकर नदी किनारे डालना शुरू कर दिया। फिलहाल नदी की धार का पानी रमनगरा बुझिया क्षेत्र से होकर कई गांव की आबादी की ओर बढ़ने लगा। जिससे सैकड़ों एकड़ कृषि फसलें पानी में डूब गई।
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अभी तक बचाव कार्य नहीं
रमनगरा बुझिया क्षेत्र में सिंचाई विभाग ने इस बार बाढ़ बचाव के नाम पर यहां धेले भर का काम नहीं कराया। किसानों का कहना है कि यदि विभाग की ओर से अस्थायी बचाव कार्य ही करा दिए जाते तो यह स्थिति पैदा नहीं होती। किसानों के मुताबिक नदी अब तक गांव के संदीप, किशनचंद, राम दृश्य, बिल्लू राजभर, केवल सिंह, सत्यवीर सिंह समेत 10 से अधिक किसानों की 40 एकड़ कृषि भूमि नदी में समां चुकी है। इसके अलावा अमरीक सिंह, अमरजीत सिंह, रंजीत सिंह, दलवीर कौर, गुरदीप सिंह, प्रकट सिंह समेत 20 से अधिक किसानों की 100 एकड़ भूमि पर खड़ी गन्ना, धान और केले की फसलें पूरी तरह जलमग्न हैं। इन किसानों का कहना है कि यदि कई बार नदी की धार का पानी घुसने से फसलें बर्बादी के कगार पर पहुंच चुकी हैं।
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स्थिति बिगड़ती देख अधिशासी अभियंता मौके पर पहुंचे
रमनगरा बुझिया क्षेत्र में बिगड़ती स्थिति की जानकारी मिलने के बाद एक दिन पहले बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता शैलेश कुमार, सहायक अभियंता ध्रुव नारायण के साथ मौके पर पहुंचे। किसानों ने अभियंताओं को स्थिति से अवगत कराया। बताते हैं कि अभियंताओं ने किसानों से सहयोग करने की बात कहते हुए मजदूरों की व्यवस्था करने को कहा। इस पर किसानों ने इंकार कर दिया और केवल पेड़ों को काटकर नदी किनारे डालने की बात कही। कटान रोकने को अधिशासी अभियंता ने चार बैंबू कटर का कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए।
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