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ग्राम पंचायत की सड़कों को पक्का कराना रहेगी प्राथमिकता
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बीसलपुर के गांव दियोरिया का प्राथमिक विद्यालय।
- फोटो : PILIBHIT
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बीसलपुर। ग्राम पंचायत दियोरिया में कभी राजा का शासन चलता था। इसी वजह से जनपद में इस ग्राम पंचायत की रजवाड़ा से पहचान है। इसके बाद भी ग्राम पंचायत में समस्याओं का अंबार है। मुख्य रूप से गांव की उखड़ी पड़ी सड़कें। ग्राम प्रधान ने जर्जर सड़कों को प्राथमिकता सूची में सबसे पहले शामिल किया है।
बीसलपुर से 18 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत दियोरिया में आजादी से पहले राजा का शासन चलता था। इसी वजह से दियोरिया को रजवाड़ा के नाम से जाना जाता है। इस गांव के कुंवर मुनेंद्र पाल सिंह उर्फ बेबी सिंह बीसलपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक रह चुके हैं। इस गांव के रामबहादुर मिश्रा और सुदीप सिंह जिला पंचायत सदस्य रह चुके हैं। गांव के विपिन सिंह ने वर्ष 2009 में आईएएस बनकर गांव का नाम रोशन किया है। इस गांव के मौजूदा प्रधान अजय सिंह और उनके पुत्र दीपेंद्र सिंह ने निशानेबाजी प्रतियोगिता में कई बार गांव का नाम रोशन किया। गांव के पड़ोस में टाइगर रिजर्व का जंगल है। आसपास के जिलों से काफी लोग जंगल की सैर करने आते रहते हैं। इस गांव में कोतवाली, रेंज कार्यालय, पीएचसी, पूर्व माध्यमिक विद्यालय, इंटर कॅालेज, दो प्राथमिक विद्यालय, पशु सेवा केंद्र, ओवरहेड टैंक, उप डाकघर, बिजली उपकेंद्र, नहर कोठी और सहकारी समिति भी हैं। इस गांव के 50 से अधिक लोग सरकारी सेवाओं में है।
ग्राम पंचायत दियेरिया
आबादी 15000
मतदाता 4900
साक्षरता 70 प्रतिशत
प्रमुख समस्याएं
- ग्राम पंचायत में उखड़ी सड़कें
- बरात घर नहीं है।
- खेल का मैदान नहीं है।
प्राथमिकताएं
- खुदी पड़ी सड़कों, गलियों का निर्माण
- ग्राम पंचायत के तालाबों का सौंदर्यीकरण
- बसों का संचालन करना
बीसलपुर से गांव तक आने वाले रोड पर बसों का संचालन नहीं है। इससे ग्रामीणों को आने जाने में काफी दिक्कत हो रही है। बसों का संचालन होने से काफी सहूलियत हो जाएगी। - अमित मिश्रा, ग्रामीण
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गांव की खुदी पड़ी सभी सड़कों से निकलना दूभर है। बारिश के दिनों में ग्रामीणों को काफी दिक्कत होती है। निर्माण होने से ग्रामीण को आने जाने में काफी सुविधा हो जाएगी। - सुरेश गौतम, ग्रामीण
बरात घर न होने से लोगों को बेटियों की शादी में काफी दिक्कत उठानी पड़ती है। कई बार प्रयास किए गए, मगर कोई हल नहीं निकला। बरात घर बन ने से ग्रामीणों को काफी सुविधा मिलेेगी। - मुनेष कुमार, ग्रामीण
ग्रामीणों ने जिस उम्मीद और विश्वास से ग्राम प्रधान की ताज पहनाया है। उसी विश्वास के साथ गांव में विकास कराया जाएगा। सबसे पहले गांव में उखड़ी पड़ी सड़कों को दुरुस्त कराया जाएगा। इसके बाद ग्रामीणों की इच्छानुसार गांव में विकास कार्य कराएं जाएंगे। - अजय सिंह ग्राम प्रधान
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बीसलपुर से 18 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत दियोरिया में आजादी से पहले राजा का शासन चलता था। इसी वजह से दियोरिया को रजवाड़ा के नाम से जाना जाता है। इस गांव के कुंवर मुनेंद्र पाल सिंह उर्फ बेबी सिंह बीसलपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक रह चुके हैं। इस गांव के रामबहादुर मिश्रा और सुदीप सिंह जिला पंचायत सदस्य रह चुके हैं। गांव के विपिन सिंह ने वर्ष 2009 में आईएएस बनकर गांव का नाम रोशन किया है। इस गांव के मौजूदा प्रधान अजय सिंह और उनके पुत्र दीपेंद्र सिंह ने निशानेबाजी प्रतियोगिता में कई बार गांव का नाम रोशन किया। गांव के पड़ोस में टाइगर रिजर्व का जंगल है। आसपास के जिलों से काफी लोग जंगल की सैर करने आते रहते हैं। इस गांव में कोतवाली, रेंज कार्यालय, पीएचसी, पूर्व माध्यमिक विद्यालय, इंटर कॅालेज, दो प्राथमिक विद्यालय, पशु सेवा केंद्र, ओवरहेड टैंक, उप डाकघर, बिजली उपकेंद्र, नहर कोठी और सहकारी समिति भी हैं। इस गांव के 50 से अधिक लोग सरकारी सेवाओं में है।
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ग्राम पंचायत दियेरिया
आबादी 15000
मतदाता 4900
साक्षरता 70 प्रतिशत
प्रमुख समस्याएं
- ग्राम पंचायत में उखड़ी सड़कें
- बरात घर नहीं है।
- खेल का मैदान नहीं है।
प्राथमिकताएं
- खुदी पड़ी सड़कों, गलियों का निर्माण
- ग्राम पंचायत के तालाबों का सौंदर्यीकरण
- बसों का संचालन करना
बीसलपुर से गांव तक आने वाले रोड पर बसों का संचालन नहीं है। इससे ग्रामीणों को आने जाने में काफी दिक्कत हो रही है। बसों का संचालन होने से काफी सहूलियत हो जाएगी। - अमित मिश्रा, ग्रामीण
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गांव की खुदी पड़ी सभी सड़कों से निकलना दूभर है। बारिश के दिनों में ग्रामीणों को काफी दिक्कत होती है। निर्माण होने से ग्रामीण को आने जाने में काफी सुविधा हो जाएगी। - सुरेश गौतम, ग्रामीण
बरात घर न होने से लोगों को बेटियों की शादी में काफी दिक्कत उठानी पड़ती है। कई बार प्रयास किए गए, मगर कोई हल नहीं निकला। बरात घर बन ने से ग्रामीणों को काफी सुविधा मिलेेगी। - मुनेष कुमार, ग्रामीण
ग्रामीणों ने जिस उम्मीद और विश्वास से ग्राम प्रधान की ताज पहनाया है। उसी विश्वास के साथ गांव में विकास कराया जाएगा। सबसे पहले गांव में उखड़ी पड़ी सड़कों को दुरुस्त कराया जाएगा। इसके बाद ग्रामीणों की इच्छानुसार गांव में विकास कार्य कराएं जाएंगे। - अजय सिंह ग्राम प्रधान