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डीएम ने फर्श पर बैठकर बच्चों से की बात, नाश्ते और पढ़ाई के बारे में जाना

Wed, 07 Apr 2021 12:38 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 07 Apr 2021 12:38 AM IST
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Civic Amenities
पीलीभीत। खुला आश्रय गृह के निरीक्षण के दौरान जिम्मेदारों के जवाब से असंतुष्ट डीएम ने बच्चों से बात कर केंद्र की वास्तविकता जानने की प्रयास किया। निरीक्षण के दौरान उन्हें व्यय रजिस्टर और बिल वाउचर नहीं दिखाया जा सका। इस पर नाराजगी जताते हुए डीएम ने तीन माह का ब्योरा तलब किया है।
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डीएम पुलकित खरे ने मंगलवार सुबह गोदावरी एस्टेट कॉलोनी स्थित खुला आश्रय गृह का निरीक्षण किया। आश्रय गृह की परियोजना समन्वयक अनामिका मिश्रा ने बताया कि मां काली सेवा संस्थान एनजीओ के अंतर्गत आश्रय गृह संचालित है। इसके संचालक संजय सिंह हैं। वर्तमान में 25 बच्चे खुला आश्रय गृह में आते हैं। उनकी देखरेख के लिए आठ लोगों को रखा है। इस पर डीएम ने संचालिका से बच्चों को प्रतिदिन उपलब्ध कराए जा रहे भोजन, पुस्तकें और स्टेशनरी के बारे में जानकारी की। मगर वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सकी। प्रतिदिन सुबह, दोपहर, शाम को उपलब्ध कराई जा रही खाद्य सामग्री को लेकर भी जवाब संतोषजनक नहीं था। व्यय रजिस्टर, बिल वाउचर भी परियोजना समन्वयक द्वारा उपलब्ध नही कराए जा सके।
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इसके बाद वहीं फर्श पर बैठकर डीएम ने बच्चों से उनके खानपान, पढ़ाई लिखाई व अन्य गतिविधियों के बारे में पूछा। परियोजना समन्वयक ने उन्हें बताया कि बच्चे प्रतिदिन पैदल या अपने संसाधनों से आश्रय गृह आते हैं। शाम पांच बजे वापस चले जाते हैं। डीएम ने बताया कि आश्रय गृह के जिम्मेदारों से तीन माह में बच्चों को उपलब्ध गई सुविधाएं, व्यय की गई धनराशि का विवरण मांगा गया है। जांच के बाद आगे कार्रवाई की जाएगी।
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