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उबरने के इंतजार में जमींदोज हो रहीं ऐतिहासिक धरोहरें

Sat, 28 Sep 2019 02:26 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 28 Sep 2019 02:26 AM IST
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Civic Amenities
पीलीभीत। कभी जिले की शान रही शहर की ऐतिहासिक धरोहरें देखरेख के अभाव में जमींदोज होने के कगार पर पहुंच चुकी हैं। केंद्र और प्रदेश सरकार में रहे कई मंत्रियों ने यहां कुर्सी भी संभाली, लेकिन धूलधूसरित होती जा रही इन धरोहरों पर ध्यान नहीं दिया। इनमें कुछ तो जमींदोज भी हो चुकी हैं और कुछ जमींदोज होने के कगार पर पहुंच चुकी हैं।
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पीलीभीत के विस्तार के बाद यहां कई राजा महाराजाओं ने राजपाट संभाला। राजपाट के दौरान उन्होंने कई इमारतों का निर्माण भी कराया। इनमें जामा मस्जिद, बरेली दरवाजा, जहानाबाद दरवाजा समेत चार भव्य दरवाजे शामिल हैं। अंग्रेजी हुकूमत के दौरान बनवाया गया घंटाघर भी यहां की शान हुआ करता था। पूर्व प्रधानमंत्री अटलबिहारी बाजपेयी व चौधरी चरण सिंह की सभाओं का गवाह बन चुका रामस्वरुप पार्क भी यहां है।
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यह है धरोहरों का हाल
ऐतिहासिक चार दरवाजों में मात्र दो जर्जर दरवाजे ही बचे हैं। बरेली दरवाजा वर्ष 1999 में ढह चुका है, लेकिन अभी भी ये अपनी जर्जर काया को संभाले हुए है। तहसील दरवाजा करीब तीन दशक पहले भरभरा कर ढह चुका है। स्टेशन रोड दरवाजा गिरताऊ हालत में होने के चलते इसके कुछ हिस्से को गिरा दिया गया था, ताकि कोई दुघर्टना न हो। जहानाबाद दरवाजा भी अनदेखी के चलते खुद को जैसे तैसे सहेजे हुए हैं। यह जल्द ही इनका जीर्णोद्धार नहीं किया गया तो जहानाबाद और तहसील दरवाजा की तरह ये भी कभी भी धराशायी हो सकते हैं।
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पुरातत्व विभाग ने जिला प्रशासन को दिया जिम्मा
शहर निवासी अधिवक्ता शिवम कश्यप ने ऐतिहासिक दरवाजों की जर्जर दशा को देखते हुए पुरातत्व निदेशालय में गुहार लगाई। निदेशालय से आए अधिकारी ने इसका निरीक्षण किया। गत वर्ष पुरातत्व विभाग ने ऐतिहासिक दरवाजों से अपना स्वामित्व हटाते हुए इसकी जिम्मेदारी जिला प्रशासन को सौंप दी। अब शहरवासी जिला प्रशासन की ओर टकटकी लगाए गए बैठे हैं। उन्हें उम्मीद है कि कभी न कभी उनकी इस प्राचीन धरोहर को फिर से पहचान मिल सकेगी।

ऐतिहासिक चार दरवाजे पीलीभीत की शान है। पुरातत्व विभाग द्वारा ऐतिहासिक दरवाजों के रखरखाव की जिम्मेदारी जिला प्रशासन को दे दी है। पुरात्तव विभाग के अनुसार इसे ध्वस्त नहीं कराया जा सकता है। लिहाजा प्रयास किया जाएगा कि प्राचीन धरोहरों को सहेज कर रखा जाए। इन दरवाजों को जीर्णोद्धार कराया जाएगा।
विमला जायसवाल, अध्यक्ष, नगर पालिका परिषद
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