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कानपुर चिडिय़ाघर पहुंचा शिकारियों के जाल में फंसा तेंदुआ
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पीलीभीत। शिकारियों के बिछाए जाल में फंसे तेंदुए को शुक्रवार तड़के मेडिकल परीक्षण के बाद कानपुर चिड़ियाघर के लिए रवाना कर दिया गया है। निगरानी के लिए एक टीम भी साथ गई है। दोपहर बाद तेंदुआ कानपुर पहुंच गया। देर शाम तक तेंदुए को नियमानुसार शिफ्ट करने की कार्रवाई पूरी की गई।
जंगल का वातावरण अनुकूल होने से पीलीभीत टाइगर रिजर्व में बाघ, तेंदुए समेत वन्यजीवों की संख्या में इजाफा हो रहा है, इसके साथ ही शिकारियों की गतिविधियां बढ़ती जा रही हैं। इस तेंदुए से पहले भी टाइगर रिजर्व से चंदू, विधि, मल्लू समेत चार बाघ और बाघिन को पिंजरे में कैद कर बाहर भेजा जा चुका है। इधर, सेल्हा बीट के जंगल से सटे इलाके में तीन दिन पूर्व शिकारियों के बिछाए जाल में फंसे तेंदुए को भी आखिरकार अपने घर की आजादी से दूर होना पड़ा। बराही गेस्ट हाउस में पिंजरे में कैद तेंदुए को अधिक उम्र और एक दांत टूटा होने के चलते कानपुर चिड़ियाघर में कैद रखने का निर्णय लिया गया। गुरुवार शाम पशु चिकित्सक एसके राठौर के नेतृत्व में टीम ने तेंदुए का मेडिकल परीक्षण किया। इसमें वह पूरी तरह स्वास्थ्य पाया गया। शुक्रवार तड़के एसडीओ प्रवीण खरे के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम के साथ तेंदुए को कानपुर के लिए भेजा गया। करीब तीन बजे तेंदुआ कानपुर चिड़ियाघर पहुंच गया। डीएफओ नवीन खंडेलवाल ने बताया कि मेडिकल परीक्षण के बाद तेंदुए को कानपुर रवाना किया गया। वह सुरक्षित वहां पहुंच गया है।
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जंगल का वातावरण अनुकूल होने से पीलीभीत टाइगर रिजर्व में बाघ, तेंदुए समेत वन्यजीवों की संख्या में इजाफा हो रहा है, इसके साथ ही शिकारियों की गतिविधियां बढ़ती जा रही हैं। इस तेंदुए से पहले भी टाइगर रिजर्व से चंदू, विधि, मल्लू समेत चार बाघ और बाघिन को पिंजरे में कैद कर बाहर भेजा जा चुका है। इधर, सेल्हा बीट के जंगल से सटे इलाके में तीन दिन पूर्व शिकारियों के बिछाए जाल में फंसे तेंदुए को भी आखिरकार अपने घर की आजादी से दूर होना पड़ा। बराही गेस्ट हाउस में पिंजरे में कैद तेंदुए को अधिक उम्र और एक दांत टूटा होने के चलते कानपुर चिड़ियाघर में कैद रखने का निर्णय लिया गया। गुरुवार शाम पशु चिकित्सक एसके राठौर के नेतृत्व में टीम ने तेंदुए का मेडिकल परीक्षण किया। इसमें वह पूरी तरह स्वास्थ्य पाया गया। शुक्रवार तड़के एसडीओ प्रवीण खरे के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम के साथ तेंदुए को कानपुर के लिए भेजा गया। करीब तीन बजे तेंदुआ कानपुर चिड़ियाघर पहुंच गया। डीएफओ नवीन खंडेलवाल ने बताया कि मेडिकल परीक्षण के बाद तेंदुए को कानपुर रवाना किया गया। वह सुरक्षित वहां पहुंच गया है।
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