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ट्रिब्यूनल की मांग को लेकर वकीलों का क्रमिक अनशन
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पीलीभीत। मोटर वाहन दुर्घटना के प्रतिकर संबंधी मामलों के निस्तारण को गठित ट्रिब्यूनल टीवी टॉवर के पास से जजी/कलक्ट्रेट में वापस भेजने की मांग को लेकर वकीलों ने कचहरी में पूरे दिन धरना देकर क्रमिक अनशन किया। वकील कलमबंद हड़ताल पर रहे। बुधवार को भी हड़ताल रहेगी। सांसद वरुण गांधी ने वकीलों को आश्वस्त किया है कि उनकी हरसंभव मदद की जाएगी।
मोटर वाहन दुर्घटना के प्रतिकर संबंधी मामलों के निस्तारण को गठित ट्रिब्यूनल टीवी टॉवर के पास भेजने के विरोध में जिले के वकील बीते कई दिनों से न्यायिक कार्य से विरत हैं। जिसके चलते अदालती कामकाज ठप है। ट्रिब्यूनल जजी/कलक्ट्रेट में वापस लाने की मांग को लेकर कचहरी में सोमवार से क्रमिक अनशन शुरू हो गया। पहले दिन अनशन पर अरुण मिश्र, विनोद पाल ग्वाल, विजय अग्निहोत्री, मुन्नालाल वर्मा और ज्ञानेंद्र गौतम बैठे। इन्हें मालाएं पहनाकर अनशन स्थल पर बैठाया गया। यहां पर हुई सभा में संयुक्त बार के अध्यक्ष रामऔतार रस्तोगी, सचिव साबिर हुसैन अंसारी, सेंट्रल बार अध्यक्ष शिव शर्मा, सिविल बार अध्यक्ष स्नेहलता तिवारी ने कहा कि जिला प्रशासन की हठधर्मिता के चलते समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। अधिवक्ता संगठनों की राय के बगैर ट्रिब्यूनल जिला जजी से चिह्नित दुर्घटनास्थल के समीप स्थापित कर दिया गया है। वकील आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे। बुधवार को भी वकील न्यायिक कार्य नहीं करेंगे। सोमवार को भी न्यायिक कार्य नहीं हुआ। सोमवार दोपहर बाद आंदोलनकारी वकील सांसद वरुण गांधी से मिले। सांसद ने विस्तार से उनकी समस्या सुनी और आश्वस्त किया कि वादकारियों और वकीलों की इस जायज मांग में वह पूरा सहयोग करेंगे। सांसद के ओएसडी ने डीएम से बात भी की और सांसद की ओर से वकीलों की समस्या समाधान कराने को कहा। वकीलों ने अपनी मांगों के समर्थन में मुख्यमंत्री, राज्यपाल, प्रदेश बार काउंसिल आदि को ज्ञापन भेजकर शीघ्र ही समस्या समाधान की मांग की है। बहरहाल वकीलों के इस आंदोलन से जिले का अदालती कामकाज ठप हो चुका है। वादकारी तारीखें लेकर घर लौट जाते हैं।
पूरनपुर। पीलीभीत के वकीलों के चल रहे आंदोलन के समर्थन में यहां भी वकील सोमवार को न्यायिक कार्य से विरत रहे। वकीलों की हुई बैठक में कहा गया कि मोटर दुर्घटना प्रतिकरण/ न्यायालय की स्थापना कचहरी परिसर मेें ही होनी चाहिए। बैठक में विकास सक्सेना, संजय विश्वास, नरेंद्र सिंह आदि वकील थे।
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मोटर वाहन दुर्घटना के प्रतिकर संबंधी मामलों के निस्तारण को गठित ट्रिब्यूनल टीवी टॉवर के पास भेजने के विरोध में जिले के वकील बीते कई दिनों से न्यायिक कार्य से विरत हैं। जिसके चलते अदालती कामकाज ठप है। ट्रिब्यूनल जजी/कलक्ट्रेट में वापस लाने की मांग को लेकर कचहरी में सोमवार से क्रमिक अनशन शुरू हो गया। पहले दिन अनशन पर अरुण मिश्र, विनोद पाल ग्वाल, विजय अग्निहोत्री, मुन्नालाल वर्मा और ज्ञानेंद्र गौतम बैठे। इन्हें मालाएं पहनाकर अनशन स्थल पर बैठाया गया। यहां पर हुई सभा में संयुक्त बार के अध्यक्ष रामऔतार रस्तोगी, सचिव साबिर हुसैन अंसारी, सेंट्रल बार अध्यक्ष शिव शर्मा, सिविल बार अध्यक्ष स्नेहलता तिवारी ने कहा कि जिला प्रशासन की हठधर्मिता के चलते समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। अधिवक्ता संगठनों की राय के बगैर ट्रिब्यूनल जिला जजी से चिह्नित दुर्घटनास्थल के समीप स्थापित कर दिया गया है। वकील आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे। बुधवार को भी वकील न्यायिक कार्य नहीं करेंगे। सोमवार को भी न्यायिक कार्य नहीं हुआ। सोमवार दोपहर बाद आंदोलनकारी वकील सांसद वरुण गांधी से मिले। सांसद ने विस्तार से उनकी समस्या सुनी और आश्वस्त किया कि वादकारियों और वकीलों की इस जायज मांग में वह पूरा सहयोग करेंगे। सांसद के ओएसडी ने डीएम से बात भी की और सांसद की ओर से वकीलों की समस्या समाधान कराने को कहा। वकीलों ने अपनी मांगों के समर्थन में मुख्यमंत्री, राज्यपाल, प्रदेश बार काउंसिल आदि को ज्ञापन भेजकर शीघ्र ही समस्या समाधान की मांग की है। बहरहाल वकीलों के इस आंदोलन से जिले का अदालती कामकाज ठप हो चुका है। वादकारी तारीखें लेकर घर लौट जाते हैं।
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पूरनपुर। पीलीभीत के वकीलों के चल रहे आंदोलन के समर्थन में यहां भी वकील सोमवार को न्यायिक कार्य से विरत रहे। वकीलों की हुई बैठक में कहा गया कि मोटर दुर्घटना प्रतिकरण/ न्यायालय की स्थापना कचहरी परिसर मेें ही होनी चाहिए। बैठक में विकास सक्सेना, संजय विश्वास, नरेंद्र सिंह आदि वकील थे।
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