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अनियमितताएं मिलीं तो डीपीआरओ और बीडीओ होंगे जिम्मेदार : डीएम
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पीलीभीत। ग्राम पंचायतों में घटिया क्वालिटी की टाइल्स लगाने के मामले में डीएम वैभव श्रीवास्तव ने सख्ती की है। डीपीआरओ और सभी ब्लॉक के बीडीओ को जांच में अनियमितताएं मिलने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
बता दें, गांव के सरकारी स्कूलों का माहौल बेहतर बनाने के साथ ही प्रदेश सरकार बच्चों को बेहतर शिक्षा मिले इसको लेकर गंभीर है। हर साल सरकारी स्कूलों की शोभा बढ़ाने के लिए सरकार लाखों रुपया पानी की तरह बहा रही है, लेकिन जिम्मेदार इस मंशा पर पानी फेरने में लगे हैं। ग्राम पंचायतों की ओर से जिले के सरकारी स्कूलों में टाइल्स लगाने में बड़े पैमाने पर खेल चल रहा है। सूत्र बताते हैं कि इसमें बाकायदा कई अफसरों तक कमीशन पहुंच रहा है। शासन के निर्देश पर कई ग्राम पंचायतों में स्कूलों में टाइल्स लगाने का कार्य शुरू कर दिया गया है। टाइल्स लगाने में मानकों की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही है। आरोप है कि जिस कंपनी की टाइल्स लगाने का फरमान है उससे मिलतीजुलती घटिया क्वालिटी की टाइल्स लगाई जा रही हैं। इनके बिल ओरिजनल टाइल्स के बनाए गए हैं। नाम नहीं छापने की शर्त पर एक प्रधान ने बताया कि टाइल्स लगाने का काम भले ही ग्राम पंचायतों को दिया गया, लेकिन इसमें भी 60 प्रतिशत तक का कमीशन तय है। इसमें ठेकेदार और अफसर भी शामिल हैं। टाइल्स का ठेका भी अफसरों के चहेते सप्लायर को दिया गया है, जो जिले में करीब बीस लाख की टाइल्स सप्लाई कर चुका है। इसकी शिकायत मिलने पर डीएम वैभव श्रीवास्तव ने डीपीआरओ प्रमोद कुमार यादव और सभी ब्लॉक के बीडीओ को पत्र जारी कर स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि टाइल्स और उन्हें लगाने में किसी भी तरह की घपलेबाजी मिली तो कार्रवाई तय है।
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बता दें, गांव के सरकारी स्कूलों का माहौल बेहतर बनाने के साथ ही प्रदेश सरकार बच्चों को बेहतर शिक्षा मिले इसको लेकर गंभीर है। हर साल सरकारी स्कूलों की शोभा बढ़ाने के लिए सरकार लाखों रुपया पानी की तरह बहा रही है, लेकिन जिम्मेदार इस मंशा पर पानी फेरने में लगे हैं। ग्राम पंचायतों की ओर से जिले के सरकारी स्कूलों में टाइल्स लगाने में बड़े पैमाने पर खेल चल रहा है। सूत्र बताते हैं कि इसमें बाकायदा कई अफसरों तक कमीशन पहुंच रहा है। शासन के निर्देश पर कई ग्राम पंचायतों में स्कूलों में टाइल्स लगाने का कार्य शुरू कर दिया गया है। टाइल्स लगाने में मानकों की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही है। आरोप है कि जिस कंपनी की टाइल्स लगाने का फरमान है उससे मिलतीजुलती घटिया क्वालिटी की टाइल्स लगाई जा रही हैं। इनके बिल ओरिजनल टाइल्स के बनाए गए हैं। नाम नहीं छापने की शर्त पर एक प्रधान ने बताया कि टाइल्स लगाने का काम भले ही ग्राम पंचायतों को दिया गया, लेकिन इसमें भी 60 प्रतिशत तक का कमीशन तय है। इसमें ठेकेदार और अफसर भी शामिल हैं। टाइल्स का ठेका भी अफसरों के चहेते सप्लायर को दिया गया है, जो जिले में करीब बीस लाख की टाइल्स सप्लाई कर चुका है। इसकी शिकायत मिलने पर डीएम वैभव श्रीवास्तव ने डीपीआरओ प्रमोद कुमार यादव और सभी ब्लॉक के बीडीओ को पत्र जारी कर स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि टाइल्स और उन्हें लगाने में किसी भी तरह की घपलेबाजी मिली तो कार्रवाई तय है।
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