{"_id":"5d52f9428ebc3e6ca302c52f","slug":"civic-amenities-pilibhit-news-bly3722584147","type":"story","status":"publish","title_hn":"पशु संरक्षण गृह में गाय की मौत, हिंयुवा ने किया हंगामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पशु संरक्षण गृह में गाय की मौत, हिंयुवा ने किया हंगामा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बीसलपुर। नगर पालिका परिषद के पशु संरक्षण गृह में तीन दिन पूर्व भर्ती कराई गई घायल गाय की मंगलवार सुबह मौत हो गई। हिंदू युवा वाहिनी (हिंयुवा) ने गाय के इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया।
हिंयुवा नेताओं की सूचना पर नगर पालिका परिषद कर्मचारियों ने तीन दिन पूर्व डिग्री कॉलेज रोड पर घायल अवस्था में पड़ी गाय को पशु संरक्षण गृह में भर्ती कराया था। पशु अस्पताल के वरिष्ठ फार्मासिस्ट बीडी पाल गाय का इलाज कर रहे थे। मंगलवार को गाय ने दम तोड़ दिया। पशु सरंक्षण गृह के प्रभारी उपेंद्र शखंधार ने नगर पालिका परिषद की ईओ वंदना शर्मा को मामले की जानकारी दी। गाय की मौत की खबर लगने पर हिंयुवा के वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष प्रशांत त्रिवेदी ने कार्यकर्ताओं के साथ हंगामा किया। उनका आरोप था कि गाय का सही ढंग से इलाज नहीं किया गया। उन्होंने इस मामले की शिकायत डीएम वैभव श्रीवास्तव से की है। इस बाबत डिप्टी सीवीओ डॉ. एके सिंह ने बताया कि घायल गाय का अच्छे ढंग से इलाज किया गया था, फिर भी उसे बचाया नहीं जा सका।
विज्ञापन
हिंयुवा नेताओं की सूचना पर नगर पालिका परिषद कर्मचारियों ने तीन दिन पूर्व डिग्री कॉलेज रोड पर घायल अवस्था में पड़ी गाय को पशु संरक्षण गृह में भर्ती कराया था। पशु अस्पताल के वरिष्ठ फार्मासिस्ट बीडी पाल गाय का इलाज कर रहे थे। मंगलवार को गाय ने दम तोड़ दिया। पशु सरंक्षण गृह के प्रभारी उपेंद्र शखंधार ने नगर पालिका परिषद की ईओ वंदना शर्मा को मामले की जानकारी दी। गाय की मौत की खबर लगने पर हिंयुवा के वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष प्रशांत त्रिवेदी ने कार्यकर्ताओं के साथ हंगामा किया। उनका आरोप था कि गाय का सही ढंग से इलाज नहीं किया गया। उन्होंने इस मामले की शिकायत डीएम वैभव श्रीवास्तव से की है। इस बाबत डिप्टी सीवीओ डॉ. एके सिंह ने बताया कि घायल गाय का अच्छे ढंग से इलाज किया गया था, फिर भी उसे बचाया नहीं जा सका।
विज्ञापन