{"_id":"613e40e18ebc3e1ef054e4ed","slug":"civcamenities-pilibhit-news-bly459393763","type":"story","status":"publish","title_hn":"पीटीआर के डीएफओ और डीआरडीए के डीडी से स्पष्टीकरण तलब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पीटीआर के डीएफओ और डीआरडीए के डीडी से स्पष्टीकरण तलब
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीलीभीत। हाथियों द्वारा किसानों की फसल बर्बाद करने के मामले में टाइगर रिजर्व के डीएफओ और दीनदयाल अंत्योदय योजना राष्ट्रीय आजीविका मिशन योजना के तहत महिला स्वयं सहायता समूह कार्य में लापरवाही मिलने पर परियोजना निदेशक ग्राम विकास अभिकरण के डीडी से डीएम पुलकित खरे ने स्पष्टीकरण तलब किया है।
जंगल से निकलकर हाथियों द्वारा लगातार किसानों की फसल बर्बाद हो रही है। भारी नुकसान होने के बाद भी किसानों को पीटीआर की ओर से कई मुआवजा नहीं दिलाया जा रहा है। जबकि एक माह ग्राम कुंआखेड़ा, शाहादतगंज, कंजाहरैया, चौड़ाखेड़ा, पंडरी, खरगापुर, बिठौराखुर्द, मरौरी सहराई, बवैहा, पिपरिया संतोष, डगा (टांडा सूरत), मल्लपुर खजुरिया मथना जपती गांवों में हाथियों ने गन्ना और धान की फसल को बर्बाद किया है। किसानों की नष्ट फसल का वन विभाग के शासनादेश के अनुसार फसल का मुआवजा उपलब्ध कराएं जाने का प्रावधान है। इसके बाद भी कोई ठोस और प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। इस पर डीएफओ नवीन खंडेलवाल को कारण बताओ नोटिस भेजकर स्पष्टीकरण तलब किया गया है। इस मामले में ग्राम पंचायत कंजा हरैया के माला कॉलोनी में वन्यजीव संघर्ष विराम गोष्ठी के दौरान ग्राम प्रधान और ग्रामीणों ने डीएम से शिकायत करते हुए रोष व्यक्त किया था।
ग्राम विकास विभाग के तहत संचालित दीनदयाल अंत्योदय योजना राष्ट्रीय आजीविका मिशन योजना के अंतर्गत महिला स्वयं सहायता समूह को बैंक ऋण उपलब्ध कराकर कई आजीविका गतिविधियों से जोड़ने के साथ-साथ समस्त महिला समूह को बैंक क्रेडिट लिंकेज का कार्य किया जाना है। शासन के निर्देश पर छह माह व्यतीत होने के बाद भी परियोजना निदेशक ने जनपद में समूहों का बैंक क्रेडिट लिंकेज के कार्य में लक्ष्य के सापेक्ष 10 प्रतिशत की प्रगति की गई है। इससे योजना पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। डीएम ने डीआरडीए के परियोजना निदेशक अनिल कुुमार का कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए स्पष्टीकरण तलब किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
जंगल से निकलकर हाथियों द्वारा लगातार किसानों की फसल बर्बाद हो रही है। भारी नुकसान होने के बाद भी किसानों को पीटीआर की ओर से कई मुआवजा नहीं दिलाया जा रहा है। जबकि एक माह ग्राम कुंआखेड़ा, शाहादतगंज, कंजाहरैया, चौड़ाखेड़ा, पंडरी, खरगापुर, बिठौराखुर्द, मरौरी सहराई, बवैहा, पिपरिया संतोष, डगा (टांडा सूरत), मल्लपुर खजुरिया मथना जपती गांवों में हाथियों ने गन्ना और धान की फसल को बर्बाद किया है। किसानों की नष्ट फसल का वन विभाग के शासनादेश के अनुसार फसल का मुआवजा उपलब्ध कराएं जाने का प्रावधान है। इसके बाद भी कोई ठोस और प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। इस पर डीएफओ नवीन खंडेलवाल को कारण बताओ नोटिस भेजकर स्पष्टीकरण तलब किया गया है। इस मामले में ग्राम पंचायत कंजा हरैया के माला कॉलोनी में वन्यजीव संघर्ष विराम गोष्ठी के दौरान ग्राम प्रधान और ग्रामीणों ने डीएम से शिकायत करते हुए रोष व्यक्त किया था।
विज्ञापन
ग्राम विकास विभाग के तहत संचालित दीनदयाल अंत्योदय योजना राष्ट्रीय आजीविका मिशन योजना के अंतर्गत महिला स्वयं सहायता समूह को बैंक ऋण उपलब्ध कराकर कई आजीविका गतिविधियों से जोड़ने के साथ-साथ समस्त महिला समूह को बैंक क्रेडिट लिंकेज का कार्य किया जाना है। शासन के निर्देश पर छह माह व्यतीत होने के बाद भी परियोजना निदेशक ने जनपद में समूहों का बैंक क्रेडिट लिंकेज के कार्य में लक्ष्य के सापेक्ष 10 प्रतिशत की प्रगति की गई है। इससे योजना पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। डीएम ने डीआरडीए के परियोजना निदेशक अनिल कुुमार का कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए स्पष्टीकरण तलब किया है।
विज्ञापन