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वनकर्मियों ने मंदिर में चल रहा निर्माण कार्य किया ध्वस्त
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पीलीभीत/गजरौला। माला रेंज में स्थित हनुमान मंदिर में चल रहे निर्माण कार्य को टाइगर रिजर्व प्रशासन ने ढाह दिया। वनकर्मी उखाड़ी गई रेलिंग समेत अन्य सामान भी उठा ले गए। कार्रवाई के दौरान मंदिर के मुख्य संरक्षक बाबा राजेशपुरी मौके पर नहीं थे। उनका कहना है कि मंदिर परिसर में कोई विस्तार नहीं, बल्कि सुरक्षा की दृष्टि से केवल रेलिंग लगवाई जा रही थी। वहीं टाइगर रिजर्व प्रशासन का कहना है कि मंदिर का अवैध तरीके से विस्तार किया जा रहा था, इसलिए कार्रवाई की गई है।
माला रेंज की गढ़ा बीट में असम हाईवे के किनारे प्राचीन हनुमान मंदिर (असैना चांदर मंदिर) बना हुआ है। इस मंदिर की देखरेख मुख्य संरक्षक बाबा राजेशपुरी करते आ रहे थे, लेकिन कुछ दिनों से उनका स्वास्थ्य ठीक न होने के चलते मंदिर की देखभाल उनके शिष्य ओमेंद्र पुरी कर रहे हैं। मंदिर परिसर में वन्यजीवों समेत अन्य जानवरों के घुसने के चलते मंदिर परिसर में मार्ग की तरफ चबूतरे पर सुरक्षा की दृष्टि से रेलिंग लगाने का कार्य शुरू कराया गया। जानकारी मिलने पर गढ़ा बीट प्रभारी रामभरत यादव वनकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे और उन्होंने उच्चाधिकारियों से कार्य कराने से पहले अनुमति लेने की बात कही। बताते हैं कि इस पर कार्य रुकवा दिया गया। गढ़ा बीट प्रभारी के मुताबिक दो दिन बाद काम पुन: शुरू कराने पर फिर रुकवा दिया गया। इधर बृहस्पतिवार को रेलिंग लगाने का कार्य पुन: शुरू कर दिया गया। इस मामले की जानकारी पीटीआर के फील्ड आफिसर एच राजामोहन को हुई तो उन्होंने बिना अनुमति कराए जा रहे कार्य को लेकर तत्काल गढ़ा बीट के वनकर्मियों को मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए। सूचना मिलते ही पीटीआर के डिप्टी डायरेक्टर नवीन खंडेलवाल भी मौके पर पहुंच गए। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर वनकर्मियों ने लगाई गई रेलिंग को तोड़ना शुरू कर दिया। काम कर रहे मजदूरों में भगदड़ मच गई। वनकर्मियों ने रेलिंगों को उखाड़कर जब्त कर लिया और उसे अपने साथ ले गए। जानकारी लगने पर काफी लोग मौके पर पहुंच गए। टाइगर रिजर्व के अधिकारियों का कहना है कि मंदिर परिसर में बिना अनुमति विस्तार किया जा रहा था, जिसे रुकवा दिया गया है।
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माला रेंज की गढ़ा बीट में असम हाईवे के किनारे प्राचीन हनुमान मंदिर (असैना चांदर मंदिर) बना हुआ है। इस मंदिर की देखरेख मुख्य संरक्षक बाबा राजेशपुरी करते आ रहे थे, लेकिन कुछ दिनों से उनका स्वास्थ्य ठीक न होने के चलते मंदिर की देखभाल उनके शिष्य ओमेंद्र पुरी कर रहे हैं। मंदिर परिसर में वन्यजीवों समेत अन्य जानवरों के घुसने के चलते मंदिर परिसर में मार्ग की तरफ चबूतरे पर सुरक्षा की दृष्टि से रेलिंग लगाने का कार्य शुरू कराया गया। जानकारी मिलने पर गढ़ा बीट प्रभारी रामभरत यादव वनकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे और उन्होंने उच्चाधिकारियों से कार्य कराने से पहले अनुमति लेने की बात कही। बताते हैं कि इस पर कार्य रुकवा दिया गया। गढ़ा बीट प्रभारी के मुताबिक दो दिन बाद काम पुन: शुरू कराने पर फिर रुकवा दिया गया। इधर बृहस्पतिवार को रेलिंग लगाने का कार्य पुन: शुरू कर दिया गया। इस मामले की जानकारी पीटीआर के फील्ड आफिसर एच राजामोहन को हुई तो उन्होंने बिना अनुमति कराए जा रहे कार्य को लेकर तत्काल गढ़ा बीट के वनकर्मियों को मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए। सूचना मिलते ही पीटीआर के डिप्टी डायरेक्टर नवीन खंडेलवाल भी मौके पर पहुंच गए। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर वनकर्मियों ने लगाई गई रेलिंग को तोड़ना शुरू कर दिया। काम कर रहे मजदूरों में भगदड़ मच गई। वनकर्मियों ने रेलिंगों को उखाड़कर जब्त कर लिया और उसे अपने साथ ले गए। जानकारी लगने पर काफी लोग मौके पर पहुंच गए। टाइगर रिजर्व के अधिकारियों का कहना है कि मंदिर परिसर में बिना अनुमति विस्तार किया जा रहा था, जिसे रुकवा दिया गया है।
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