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बाल स्वास्थ्य पोषण माह में 2.57 लाख बच्चों को पिलाई जाएगी विटामिन ए की खुराक
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पीलीभीत। बाल स्वास्थ्य पोषण माह के पहले दिन जनपद के सभी सीएचसी और पीएचसी पर बच्चों को विटामिन ए की खुराक पिलाकर पोषण माह की शुरूआत की गई। बाल स्वास्थ्य पोषण माह 13 अगस्त से शुरू हुआ है, जो16 सिंतबर तक चलेगा। इस अभियान में 9 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों का बुधवार और शनिवार को टीकाकरण किया जाएगा। इसके साथ उन्हें विटामिन ए की खुराक भी दी जाएगी।
एसीएमओ डॉ. चंद्र मोहन चतुर्वेदी ने बताया कि 9 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों को हर साल विटामिन ए की खुराक पिलाई जाती है। इस बार कोरोना के चलते अभियान थोड़ा देरी से शुरू किया गया है। जनपद में 2,57,786 बच्चों को खुुराक पिलाई जाएगी। इस अभियान में 9 से 12 माह तक के 15057, एक से दो साल तक के 64744 और दो से पांच साल तक के 1,77,985 बच्चों को विटामिन ए पिलाने का लक्ष्य तय किया गया है। इस दवा से बाल रोगों की रोकथाम होती है। इसके अलावा अभियान का उद्देश्य स्तनपान, बच्चों को पूरक आहार को बढ़ावा देने और कुपोषण से बचाव करना और आयोडीन युक्त नमक के प्रयोग को बढ़ावा देना है। अभियान को सफल बनाने के लिए आशा, एएनएम तथा आंगनबाड़ी वर्करों को लगाया गया है। अभियान के अंतर्गत कुपोषित एवं अति कुपोषित बच्चों की पहचान करने के बाद उनका समुचित उपचार किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर बच्चों को अस्पतालों में इलाज के लिए भी भेजा जाएगा।
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एसीएमओ डॉ. चंद्र मोहन चतुर्वेदी ने बताया कि 9 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों को हर साल विटामिन ए की खुराक पिलाई जाती है। इस बार कोरोना के चलते अभियान थोड़ा देरी से शुरू किया गया है। जनपद में 2,57,786 बच्चों को खुुराक पिलाई जाएगी। इस अभियान में 9 से 12 माह तक के 15057, एक से दो साल तक के 64744 और दो से पांच साल तक के 1,77,985 बच्चों को विटामिन ए पिलाने का लक्ष्य तय किया गया है। इस दवा से बाल रोगों की रोकथाम होती है। इसके अलावा अभियान का उद्देश्य स्तनपान, बच्चों को पूरक आहार को बढ़ावा देने और कुपोषण से बचाव करना और आयोडीन युक्त नमक के प्रयोग को बढ़ावा देना है। अभियान को सफल बनाने के लिए आशा, एएनएम तथा आंगनबाड़ी वर्करों को लगाया गया है। अभियान के अंतर्गत कुपोषित एवं अति कुपोषित बच्चों की पहचान करने के बाद उनका समुचित उपचार किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर बच्चों को अस्पतालों में इलाज के लिए भी भेजा जाएगा।
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