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चिड़ियादाह रोड : जरूरत निर्माण की, गड्ढे पाटकर चलाया जा रहा काम

Sun, 03 Sep 2023 12:04 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत Updated Sun, 03 Sep 2023 12:04 AM IST
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Chidiyadah Road: Need for construction, work is being done by bridging potholes
ग्राम चिड़िया दाह की खस्ताहाल सड़क । संवाद
पीलीभीत। शहर से सटे गांव चिड़ियादाह को जाने वाला मुख्य मार्ग बदहाल है। बारिश ने इसे अब जानलेवा बना दिया है। लोगों का निकलना तक दूभर हो गया है। ग्रामीणों की सड़क का निर्माण कराने की मांग को अनसुना कर सिर्फ गड्ढे पाटकर काम चलाया जा रहा है। खास बात यह है कि 20 साल पहले बनी इस सड़क की आज तक मरम्मत भी नहीं कराई गई है।
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सरकार गांवों को मुख्य मार्गों से जोडने के लिए बजट मंजूर कर सड़कों का निर्माण करा रही है, ताकि गांव के लोगों को आवागमन की बेहतर सुविधा मिल सके। इसके बाद भी शहर से सटे गांव चिड़ियादाह को जाने वाली सड़क बदहाल है। सड़क पर सिवाय गड्ढों के कुछ भी शेष नहीं है। बारिश में सड़क तालाब का रूप ले लेती है। ऐसे में सड़क पर चलना खतरे से खाली नहीं रहता।
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खस्ताहाल हो चुकी सड़क को बनवाने के लिए प्रधान की ओर से जब एक साल पहले पैरवी की गई तो लोक निर्माण विभाग ने हाथ खड़े कर लिए। कहा, यह जिला पंचायत की सड़क है। इसके बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया। सड़क के निर्माण को लेकर जब प्रशासन ने कोई सुध नहीं ली तो ग्राम पंचायत की ओर से आवाजाही शुरू करने के लिए गड्ढों को मलबा डलवाकर पटवाना शुरू कर दिया गया।
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500 मीटर लंबी सड़क से रोजाना गुजरते हैं छह से आठ हजार लोग
पीलीभीत-माधोटांडा मुख्य मार्ग से चिड़ियादाह गांव को जाने वाली यह सड़क 500 मीटर लंबी है। इसी सड़क से लोग शहर और अन्य स्थानों पर आते-जाते हैं। सैकड़ों छात्र भी इससे गुजरते हैं। इसके अलावा गांव से बाहर जाने का कोई मार्ग नहीं है। सड़क से रोजाना की संख्या में छह से आठ हजार लोगों की आवाजाही होती है। इसके बाद भी कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
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उपेक्षित है सड़क, हादसों पर भी प्रशासन नहीं दे रहा ध्यान
यह सड़क करीब 20 साल पहले बनी थी। मुख्य सड़क से गांव तक इसकी दूरी पांच सौ मीटर है। अब सड़क पूरी तरह बदहाल हो गई है। यहां से बारिश के दौरान निकलना भी दूभर हो जाता है। कई बार कहा गया लेकिन ध्यान नहीं दिया गया। पानी इतना भर जाता कि दुकानों के अंदर रखा सामान भी खराब हो जाता है। - अली अहमद
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सड़क बनाने के लिए जब मांग की जाती है तो अधिकारी यहां आकर नापजोख कर लेते हैं। इसके बाद कुछ नहीं होता। बारिश में जलभराव की समस्या पर प्रधान की ओर से गड्ढों में मलबा डलवाया गया था। इससे पानी तो नहीं भरा, लेकिन समस्या का स्थाई हल नहीं हो सका। आए दिन लोग इसमें गिरकर चोटिल हो रहे हैं। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को होती है।- मोहम्मद याकूब

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वर्जन
सड़क जिला पंचायत से बनी थी, इसकी जानकारी नहीं है। रिकॉर्ड देखकर ही जानकारी हो सकेगी। जिला पंचायत की सड़क है तो कार्ययोजना तैयार कराई जाएगी।- हरमीक सिंह, अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत

ग्राम चिड़िया दाह की खस्ताहाल सड़क । संवाद

ग्राम चिड़िया दाह की खस्ताहाल सड़क । संवाद

ग्राम चिड़िया दाह की खस्ताहाल सड़क । संवाद

ग्राम चिड़िया दाह की खस्ताहाल सड़क । संवाद

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