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Pilibhit News: सीईसी सदस्य ने टाइगर रिजर्व में सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के पालन की परखी हकीकत
Fri, 13 Mar 2026 11:48 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Fri, 13 Mar 2026 11:48 PM IST
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पीलीभीत। केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति (सीईसी) के सदस्य सुनील लिमये ने पीलीभीत टाइगर रिजर्व पहुंचकर सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुपालन की हकीकत जानी। उन्होंने जंगल सीमा पर बनी चेनलिंक फेंसिंग की उपयोगिता देखी और जंगल से सटे गांवों के ग्रामीणों से बात की। साथ ही इको सेंसिटिव जोन में बने रिजॉर्ट और होटलों की स्थिति का भी निरीक्षण कर डीएम से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
सीईसी सदस्य सुनील लिमये बृहस्पतिवार को पीलीभीत टाइगर रिजर्व पहुंचे। यहां टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर पीपी सिंह और डिप्टी डायरेक्टर मनीष सिंह ने उन्हें सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुपालन से संबंधित व्यवस्थाओं की जानकारी दी। इसके बाद सीईसी सदस्य ने टाइगर रिजर्व की जंगल सीमा पर बनाई गई चेनलिंक फेंसिंग का स्थलीय निरीक्षण किया।
उन्होंने माला और महोफ रेंज के जंगल से सटे गांवों में पहुंचकर ग्रामीणों से भी बात की और पूछा कि चेनलिंक फेंसिंग से जंगली जानवरों की आवाजाही और ग्रामीणों की सुरक्षा पर क्या प्रभाव पड़ा है। वन अधिकारियों ने बताया कि टाइगर रिजर्व के आसपास प्रतिबंधित क्षेत्र में 50 से अधिक रिजॉर्ट और होटल बनाए गए हैं, जिन्हें पूर्व में निर्माण कार्य रोकने के नोटिस जारी किए जा चुके हैं। इस पर सीईसी सदस्य ने जिलाधिकारी से इन रिजॉर्ट और होटलों के संबंध में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
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निरीक्षण के दौरान सीईसी सदस्य ने जंगल मार्गों पर रात के समय वाहनों की आवाजाही पर लगाए गए प्रतिबंध के बारे में भी जानकारी ली। वन अधिकारियों ने उन्हें मौजूदा व्यवस्था से अवगत कराया। इसके अलावा कोर फॉरेस्ट क्षेत्र से गुजरने वाले मार्गों पर वाहनों की गति नियंत्रित करने के लिए स्पीड रडार सेंसर लगाने के प्रस्ताव पर भी चर्चा की गई। वन अधिकारियों के अनुसार सीईसी सदस्य अब निरीक्षण के आधार पर अपनी विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति को सौपेंगे।
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सीईसी सदस्य सुनील लिमये बृहस्पतिवार को पीलीभीत टाइगर रिजर्व पहुंचे। यहां टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर पीपी सिंह और डिप्टी डायरेक्टर मनीष सिंह ने उन्हें सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुपालन से संबंधित व्यवस्थाओं की जानकारी दी। इसके बाद सीईसी सदस्य ने टाइगर रिजर्व की जंगल सीमा पर बनाई गई चेनलिंक फेंसिंग का स्थलीय निरीक्षण किया।
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उन्होंने माला और महोफ रेंज के जंगल से सटे गांवों में पहुंचकर ग्रामीणों से भी बात की और पूछा कि चेनलिंक फेंसिंग से जंगली जानवरों की आवाजाही और ग्रामीणों की सुरक्षा पर क्या प्रभाव पड़ा है। वन अधिकारियों ने बताया कि टाइगर रिजर्व के आसपास प्रतिबंधित क्षेत्र में 50 से अधिक रिजॉर्ट और होटल बनाए गए हैं, जिन्हें पूर्व में निर्माण कार्य रोकने के नोटिस जारी किए जा चुके हैं। इस पर सीईसी सदस्य ने जिलाधिकारी से इन रिजॉर्ट और होटलों के संबंध में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
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निरीक्षण के दौरान सीईसी सदस्य ने जंगल मार्गों पर रात के समय वाहनों की आवाजाही पर लगाए गए प्रतिबंध के बारे में भी जानकारी ली। वन अधिकारियों ने उन्हें मौजूदा व्यवस्था से अवगत कराया। इसके अलावा कोर फॉरेस्ट क्षेत्र से गुजरने वाले मार्गों पर वाहनों की गति नियंत्रित करने के लिए स्पीड रडार सेंसर लगाने के प्रस्ताव पर भी चर्चा की गई। वन अधिकारियों के अनुसार सीईसी सदस्य अब निरीक्षण के आधार पर अपनी विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति को सौपेंगे।