{"_id":"57dea00e4f1c1b0c0ca82347","slug":"caught-up-in-the-investigation-the-complainant-himself","type":"story","status":"publish","title_hn":"जांच में खुद फंस गए शिकायतकर्ता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जांच में खुद फंस गए शिकायतकर्ता
ब्यूरो /पीलीभीत
Updated Sun, 18 Sep 2016 11:54 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रधान की शिकायत करना गांव हरकिशनापुर के बीडीसी को महंगा पड़ गया। जांच में जहां उनके आरोप झूठे पाए गए वहीं उनके पास नौ जॉब कार्ड भी बरामद हुए। इस पर डीपीआरओ ने शिकायत के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति कर डीएम को रिपोर्ट भेजी है।
मरौरी ब्लाक की ग्राम पंचायत हरकिशनापुर के बीडीसी सदस्य मथुरा प्रसाद ने डीएम से की शिकायत में आरोप लगाया था कि ग्राम प्रधान बल्देव प्रसाद निरक्षर हैं और वह अंगूठा लगाते हैं, जबकि उनके फर्जी हस्ताक्षर बनाकर सारा कामकाज उनका बेटा देख रहा है। इस पर डीएम जांच के आदेश दिए थे। दो दिन पूर्व डीएम के निर्देश पर डीपीआरओ देवेंद्र कुमार ने शिकायतकर्ता को बयान दर्ज करने को साक्ष्य सहित बुलाया। यहां शिकायतकर्ता के सामने ही प्रधान पुत्र से कई स्थानों पर हस्ताक्षर कराए गए जो शिकायत के समय प्रस्तुत किए गए जॉब कार्ड की छाया प्रति के हस्ताक्षरों से विभिन्न थे। असली जॉब कार्ड के बारे में पूछने पर शिकायतकर्ता ने अपने बैग से नौ जॉबकार्ड निकालकर डीपीआरओ को दिए। इसमें भी हस्ताक्षर भिन्न थे। इस पर जब डीपीआरओ ने पूछा कि यह नौ जॉब कार्ड आप कैसे रखे घूम रहे हैं तो शिकायतकर्ता घबरा गया और उसने पूर्व सचिव का नाम बताया। इस पर डीपीआरओ ने शिकायत को झूठा करार देते हुए जॉब कार्ड जब्त कर लिए। साथ ही शिकायतकर्ता पर कार्रवाई की संस्तुति कर रिपोर्ट डीएम को सौंपी है। डीपीआरओ देवेंद्र कुमार ने बताया कि शिकायतकर्ता ने एक सचिव के इशारे पर शिकायत की थी। उसने जॉब कार्ड सचिव द्वारा उपलब्ध कराया जाना भी लिखकर दिया है। पूरी रिपोर्ट डीएम को भेज दी गई है।
विज्ञापन
मरौरी ब्लाक की ग्राम पंचायत हरकिशनापुर के बीडीसी सदस्य मथुरा प्रसाद ने डीएम से की शिकायत में आरोप लगाया था कि ग्राम प्रधान बल्देव प्रसाद निरक्षर हैं और वह अंगूठा लगाते हैं, जबकि उनके फर्जी हस्ताक्षर बनाकर सारा कामकाज उनका बेटा देख रहा है। इस पर डीएम जांच के आदेश दिए थे। दो दिन पूर्व डीएम के निर्देश पर डीपीआरओ देवेंद्र कुमार ने शिकायतकर्ता को बयान दर्ज करने को साक्ष्य सहित बुलाया। यहां शिकायतकर्ता के सामने ही प्रधान पुत्र से कई स्थानों पर हस्ताक्षर कराए गए जो शिकायत के समय प्रस्तुत किए गए जॉब कार्ड की छाया प्रति के हस्ताक्षरों से विभिन्न थे। असली जॉब कार्ड के बारे में पूछने पर शिकायतकर्ता ने अपने बैग से नौ जॉबकार्ड निकालकर डीपीआरओ को दिए। इसमें भी हस्ताक्षर भिन्न थे। इस पर जब डीपीआरओ ने पूछा कि यह नौ जॉब कार्ड आप कैसे रखे घूम रहे हैं तो शिकायतकर्ता घबरा गया और उसने पूर्व सचिव का नाम बताया। इस पर डीपीआरओ ने शिकायत को झूठा करार देते हुए जॉब कार्ड जब्त कर लिए। साथ ही शिकायतकर्ता पर कार्रवाई की संस्तुति कर रिपोर्ट डीएम को सौंपी है। डीपीआरओ देवेंद्र कुमार ने बताया कि शिकायतकर्ता ने एक सचिव के इशारे पर शिकायत की थी। उसने जॉब कार्ड सचिव द्वारा उपलब्ध कराया जाना भी लिखकर दिया है। पूरी रिपोर्ट डीएम को भेज दी गई है।
विज्ञापन