{"_id":"627ebd06df3bbb58bb536587","slug":"candidates-created-ruckus-in-vikas-bhavan-for-not-sending-security-guards-for-training-pilibhit-news-bly484765285","type":"story","status":"publish","title_hn":"सुरक्षा गार्ड की ट्रेनिंग के लिए न भेजने पर अभ्यर्थियों ने विकास भवन में किया हंगामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सुरक्षा गार्ड की ट्रेनिंग के लिए न भेजने पर अभ्यर्थियों ने विकास भवन में किया हंगामा
विज्ञापन
डीएसटीओ दफ्तर पहुंच अपनी शिकायतें रखते अभ्यर्थी। संवाद
- फोटो : PILIBHIT
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीलीभीत। दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना के तहत युवाओं को एक एनजीओ के सेंटर पर सुरक्षा गार्ड की ट्रेनिंग कराई गई लेकिन किसी कंपनी में ट्रेनिंग के लिए नहीं भेजा गया। इसे लेकर अभ्यर्थी शुक्रवार को विकास भवन पहुंचे। उन्होंने वहां हंगामा किया। डीएसटीओ को ज्ञापन सौंपा। ट्रेनिंग के लिए कंपनी भेजे जाने की मांग की।
दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना के तहत युवाओं को रोजगार दिलाने के लिए कई योजनाएं संचालित होती हैं। विभिन्न एनजीओ के माध्यम से योजनाओं को संचालित किया जाता है। सोम संस्था नाम का एनजीओ भी इससे जुड़ा है। अभ्यर्थी लकी, राम कुमार, गौरव, राहत मोहन आदि का कहना है कि संस्था ने गांव आकर उनसे संपर्क किया। बताया कि 84 दिन का कोर्स है। इसमें 60 दिन की ट्रेनिंग सेंटर पर दी जाएगी और बाकी 24 दिन कंपनी में ट्रेनिंग दी जाएगी। 35 अभ्यर्थियों को पंजीकृत किया। एक मार्च से ट्रेनिंग शुरू हुई। खाना-पीना सेंटर की तरफ से था। सेंटर की ट्रेनिंग पूरी होने के बाद अब उनको कंपनी भेजा जाना था, लेकिन सेंटर की तरफ से मना कर दिया गया।
अभ्यर्थियों का आरोप है कि घर जाने के लिए कह दिया गया। जब उन्होंने जाने से मना किया तो उनको खाना नहीं दिया गया। कहा गया कि अब उनको सेंटर में नहीं रहने दिया जाएगा। जब कंपनी भेजना होगा तब बुलाएंगे। शुक्रवार को बैच के सभी अभ्यर्थियों ने विकास भवन में हंगामा किया। डीएसटीओ को ज्ञापन सौंपकर ट्रेनिंग पूरी कराने की मांग की। जीएसटीओ के आश्वासन के बाद अभ्यर्थी शांत हुए।
विज्ञापन
दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना के तहत 35 अभ्यर्थियों के बैच को ट्रेनिंग दी जाती है। अभ्यर्थी आए थे। उनकी मांग थी कि कंपनियों में उनको ट्रेनिंग के लिए भेजा जाए। उसका समाधान करा दिया गया है। जब तक उनको नहीं भेजा जाता उनके रहने की व्यवस्था की जाएगी।
-नरेंद्र यादव, डीएसटीओ
अभ्यर्थियों का ट्रेनिंग कोर्स पूरा हो गया है। अभी कंपनियों में नियुक्ति नहीं हो पा रही थी इसलिए उनको कुछ दिन के लिए घर जाने को कहा गया। सरकार से फंड भी इन दिनों नहीं आ रहा। इस वजह से स्टाफ का वेतन नहीं दिया जा सका। अब वही लोग अभ्यर्थियों को भड़का रहे हैं।
- बीनू कुमार, सेंटर मैनेजर, सोम फाउंडेशन
विज्ञापन
दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना के तहत युवाओं को रोजगार दिलाने के लिए कई योजनाएं संचालित होती हैं। विभिन्न एनजीओ के माध्यम से योजनाओं को संचालित किया जाता है। सोम संस्था नाम का एनजीओ भी इससे जुड़ा है। अभ्यर्थी लकी, राम कुमार, गौरव, राहत मोहन आदि का कहना है कि संस्था ने गांव आकर उनसे संपर्क किया। बताया कि 84 दिन का कोर्स है। इसमें 60 दिन की ट्रेनिंग सेंटर पर दी जाएगी और बाकी 24 दिन कंपनी में ट्रेनिंग दी जाएगी। 35 अभ्यर्थियों को पंजीकृत किया। एक मार्च से ट्रेनिंग शुरू हुई। खाना-पीना सेंटर की तरफ से था। सेंटर की ट्रेनिंग पूरी होने के बाद अब उनको कंपनी भेजा जाना था, लेकिन सेंटर की तरफ से मना कर दिया गया।
विज्ञापन
अभ्यर्थियों का आरोप है कि घर जाने के लिए कह दिया गया। जब उन्होंने जाने से मना किया तो उनको खाना नहीं दिया गया। कहा गया कि अब उनको सेंटर में नहीं रहने दिया जाएगा। जब कंपनी भेजना होगा तब बुलाएंगे। शुक्रवार को बैच के सभी अभ्यर्थियों ने विकास भवन में हंगामा किया। डीएसटीओ को ज्ञापन सौंपकर ट्रेनिंग पूरी कराने की मांग की। जीएसटीओ के आश्वासन के बाद अभ्यर्थी शांत हुए।
विज्ञापन
दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना के तहत 35 अभ्यर्थियों के बैच को ट्रेनिंग दी जाती है। अभ्यर्थी आए थे। उनकी मांग थी कि कंपनियों में उनको ट्रेनिंग के लिए भेजा जाए। उसका समाधान करा दिया गया है। जब तक उनको नहीं भेजा जाता उनके रहने की व्यवस्था की जाएगी।
-नरेंद्र यादव, डीएसटीओ
अभ्यर्थियों का ट्रेनिंग कोर्स पूरा हो गया है। अभी कंपनियों में नियुक्ति नहीं हो पा रही थी इसलिए उनको कुछ दिन के लिए घर जाने को कहा गया। सरकार से फंड भी इन दिनों नहीं आ रहा। इस वजह से स्टाफ का वेतन नहीं दिया जा सका। अब वही लोग अभ्यर्थियों को भड़का रहे हैं।
- बीनू कुमार, सेंटर मैनेजर, सोम फाउंडेशन