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पांच सरकारी आवासों का आवंटन निरस्त
अमर उजाला ब्यूरो पीलीभीत।
Updated Mon, 20 Jun 2016 11:37 PM IST
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- फोटो : Demo pic
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मिलीभगत के चलते अनाधिकृत लोगों का था कब्जा
नकटादाना चौराहा के निकट स्थित सरकारी कॉलोनी में पांच आवासों का आवंटन सिटी मजिस्ट्रेट ने निरस्त कर दिया है। इन आवासों का नए सिरे से आवंटन किया जाएगा।
शहर में नकटादाना चौराहा के निकट सरकारी कॉलोनी है जिसमें सी और डी टाइप आवास हैं। इनमें सी टाइप आवास नियमत: जिला स्तरीय अधिकारियों के लिए आवंटित होने चाहिए लेकिन संबंधित बाबुओं की मिलीभगत के चलते इन्हें आंगनबाड़ी सुपरवाइजर, देहात क्षेत्र में तैनात अध्यापक एवं दूसरे जिलों में स्थानांतरित हो चुके लेखपालों, सेवानिवृत्त कर्मचारियों को आवंटित कर दिया गया था, जबकि जिले में जिला समाज कल्याण, जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी, जिला पिछड़ा वर्ग एवं विकलांग कल्याण अधिकारी सहित कई अफसर आवास न मिलने से किराए के घरों में रहने को मजबूर हैं। पिछले दिनों इसकी शिकायत सिटी मजिस्ट्रेट से की गई थी। इस पर उन्होंने अपने स्तर से जांच कराई जिसमें आरोप सही मिले। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद सिटी मजिस्ट्रेट ने मामला डीएम के संज्ञान में लाकर आवासों का आवंटन निरस्त कर दिया है। सिटी मजिस्ट्रेट जितेंद्र शर्मा ने बताया कि सी-2, सी-5, सी-6, डी-24 और डी-34 में अनाधिकृत लोगों का आवंटन निरस्त कर दिया गया है। शीघ्र ही अधिकारियों को इनका आवंटन किया जाएगा।
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नकटादाना चौराहा के निकट स्थित सरकारी कॉलोनी में पांच आवासों का आवंटन सिटी मजिस्ट्रेट ने निरस्त कर दिया है। इन आवासों का नए सिरे से आवंटन किया जाएगा।
शहर में नकटादाना चौराहा के निकट सरकारी कॉलोनी है जिसमें सी और डी टाइप आवास हैं। इनमें सी टाइप आवास नियमत: जिला स्तरीय अधिकारियों के लिए आवंटित होने चाहिए लेकिन संबंधित बाबुओं की मिलीभगत के चलते इन्हें आंगनबाड़ी सुपरवाइजर, देहात क्षेत्र में तैनात अध्यापक एवं दूसरे जिलों में स्थानांतरित हो चुके लेखपालों, सेवानिवृत्त कर्मचारियों को आवंटित कर दिया गया था, जबकि जिले में जिला समाज कल्याण, जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी, जिला पिछड़ा वर्ग एवं विकलांग कल्याण अधिकारी सहित कई अफसर आवास न मिलने से किराए के घरों में रहने को मजबूर हैं। पिछले दिनों इसकी शिकायत सिटी मजिस्ट्रेट से की गई थी। इस पर उन्होंने अपने स्तर से जांच कराई जिसमें आरोप सही मिले। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद सिटी मजिस्ट्रेट ने मामला डीएम के संज्ञान में लाकर आवासों का आवंटन निरस्त कर दिया है। सिटी मजिस्ट्रेट जितेंद्र शर्मा ने बताया कि सी-2, सी-5, सी-6, डी-24 और डी-34 में अनाधिकृत लोगों का आवंटन निरस्त कर दिया गया है। शीघ्र ही अधिकारियों को इनका आवंटन किया जाएगा।