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Pilibhit News: बस मिलीं नहीं, वाहनों की तलाश में भटके यात्री, लटककर किया सफर
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परिवहन निगम की तैयारी की पोल खुली : क्षमता से अधिक और यात्रियों को पीछे लटकाकर ले गए डग्गामार
संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। होली मनाने घर जा रहे यात्रियों की भीड़ जुटी तो परिवहन निगम के इंतजामों की पोल खुल गई। सवारियों को सामान उठाकर इधर से उधर भटकना पड़ा। बस नहीं मिली तो डग्गामार वाहनों का सहारा लिया। चार की सीट पर छह लोगों ने बैठकर सफर किया। डग्गामार वाहनों के पीछे लटककर भी यात्रा करनी पड़ी।
दिल्ली, गाजियाबाद, गुडगांव, राजस्थान, हरियाणा आदि शहरों में रहने वाले जिले के लोग होली मनाने के लिए शनिवार की शाम से ही जिला मुख्यालय पहुंचने लगे। दूर शहरों से तो वह यहां आ गए लेकिन जिला मुख्यालय से कस्बों और गांवों को जाने में दिक्कत का सामना करना पड़ा।
पीलीभीत डिपो के अतिरिक्त बसों के संचालन और फेरे बढ़ाए जाने के दावे कागजी नजर आए। बीसलपुर, बरखेड़ा, पूरनपुर और अन्य स्थानों के लिए यात्रियाें को बस नहीं मिली। रात के समय तो असम चौराहे पर यात्रियों की भीड़ दिखी ही, रविवार को सुबह से शाम तक यात्री इधर से उधर भटकते नजर आए। माधोटांडा मार्ग पर डग्गामार वाहन ही यात्रियों का सहारा बने।
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हाथ में बैग और डग्गामार वाहन चालकों से मनुहार
रविवार की दोपहर 12:20 बजे असम चौराहे से बीसलपुर मार्ग पर सवारियों की भीड़ थी। घर जाने की जल्दी में यात्री डग्गामार वाहन चालकों से मनुहार करते दिखे। सामान ऊपर रखना है, बच्चे को गोद में बिठाना है.. आदि शर्तें बताकर चालकों ने यात्रियों को बिठाया। इन वाहनों में क्षमता से अधिक यात्री बिठाए गए।
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यात्रियों की जिंदगी से भी खिलवाड़
डग्गामार वाहन चालकों ने कमाई के लालच में यात्रियों की सुरक्षा की भी परवाह नहीं की। चालक, वाहन के पीछे यात्रियों को लटकाकर फर्राटा भरते दिखे। असम चौराहे से पूरनपुर जाने वाली सड़क पर खड़े डग्गामार वाहनों में सवारियों को मनमाने तरीके से बिठाया गया। सवारी वाहन पकड़ने को यात्रियों ने एक से दो किलोमीटर तक पैदल सफर भी किया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। होली मनाने घर जा रहे यात्रियों की भीड़ जुटी तो परिवहन निगम के इंतजामों की पोल खुल गई। सवारियों को सामान उठाकर इधर से उधर भटकना पड़ा। बस नहीं मिली तो डग्गामार वाहनों का सहारा लिया। चार की सीट पर छह लोगों ने बैठकर सफर किया। डग्गामार वाहनों के पीछे लटककर भी यात्रा करनी पड़ी।
दिल्ली, गाजियाबाद, गुडगांव, राजस्थान, हरियाणा आदि शहरों में रहने वाले जिले के लोग होली मनाने के लिए शनिवार की शाम से ही जिला मुख्यालय पहुंचने लगे। दूर शहरों से तो वह यहां आ गए लेकिन जिला मुख्यालय से कस्बों और गांवों को जाने में दिक्कत का सामना करना पड़ा।
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पीलीभीत डिपो के अतिरिक्त बसों के संचालन और फेरे बढ़ाए जाने के दावे कागजी नजर आए। बीसलपुर, बरखेड़ा, पूरनपुर और अन्य स्थानों के लिए यात्रियाें को बस नहीं मिली। रात के समय तो असम चौराहे पर यात्रियों की भीड़ दिखी ही, रविवार को सुबह से शाम तक यात्री इधर से उधर भटकते नजर आए। माधोटांडा मार्ग पर डग्गामार वाहन ही यात्रियों का सहारा बने।
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हाथ में बैग और डग्गामार वाहन चालकों से मनुहार
रविवार की दोपहर 12:20 बजे असम चौराहे से बीसलपुर मार्ग पर सवारियों की भीड़ थी। घर जाने की जल्दी में यात्री डग्गामार वाहन चालकों से मनुहार करते दिखे। सामान ऊपर रखना है, बच्चे को गोद में बिठाना है.. आदि शर्तें बताकर चालकों ने यात्रियों को बिठाया। इन वाहनों में क्षमता से अधिक यात्री बिठाए गए।
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यात्रियों की जिंदगी से भी खिलवाड़
डग्गामार वाहन चालकों ने कमाई के लालच में यात्रियों की सुरक्षा की भी परवाह नहीं की। चालक, वाहन के पीछे यात्रियों को लटकाकर फर्राटा भरते दिखे। असम चौराहे से पूरनपुर जाने वाली सड़क पर खड़े डग्गामार वाहनों में सवारियों को मनमाने तरीके से बिठाया गया। सवारी वाहन पकड़ने को यात्रियों ने एक से दो किलोमीटर तक पैदल सफर भी किया।