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Pilibhit News: डेढ़ साल बाद भी नहीं कराई नहर पुल की टूटी रेलिंग की मरम्मत
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अमरिया क्षेत्र के गांव तिरकुनियां नसीर के पास देवहा बैगुल फीडर नहर की टूटी रेलिंग संवाद
भारी वाहनों का आवागमन बंद, छोटे वाहनों के चालकों को भी रहता है जोखिम
अमरिया। तहसील क्षेत्र के ग्राम तिरकुनियां नसीर स्थित नहर पुल की क्षतिग्रस्त रेलिंग डेढ़ वर्ष बीत जाने के बाद भी दुरुस्त नहीं कराई गई है। विभाग की ओर से केवल अस्थायी व्यवस्था के तहत पुल के एक हिस्से में लोहे की रेलिंग लगाकर छोटे वाहनों के आवागमन की सुविधा कर दी गई थी, लेकिन स्थायी मरम्मत अब तक नहीं हो सकी है। इससे खतरा बरकरार है।
रेलिंग टूटने से पुल की चौड़ाई कम हो गई है, जिससे बड़े वाहनों का आवागमन पूरी तरह बाधित है। छोटे चार पहिया वाहतों के चालक जोखिम उठाकर पुल पार करने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस पुल से नहर में वाहन गिरने के दो हादसे हो चुके हैं। इसके बावजूद पुल की मरम्मत नहीं कराई गई, जिससे हर समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
यह पुल नसीम नगर, रसूला, फरदिया, जगत, बरादुनवा, मझलिया, भूड़ा, कैमोर, तिरकुनियां नसीर, हर्रायपुर, सूरजपुर, जोशी कॉलोनी और रानी कॉलोनी समेत दर्जनों गांवों को बरेली-हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ता है। इसी मार्ग से स्कूली बसों के अलावा किसानों के ट्रैक्टर-ट्रॉली और अन्य वाहन भी गुजरते हैं।
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ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार विभागीय अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। लोगों ने प्रशासन से पुल की क्षतिग्रस्त रेलिंग की शीघ्र मरम्मत कराकर आवागमन सुरक्षित और सुचारु बनाने की मांग की है। संवाद
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पुल की रेलिंग गिरने के बाद ईंटों की दीवार बनवा दी गई थी। मना किए जाने के बाद भी भारी वाहन निकाले गए। भारी वाहनों के कारण वह दीवार टूट गई। विभाग से बजट आवंटित होने के बाद नई रेलिंग का निर्माण होगा।
- सौरभ वर्मा, एसडीओ, सिंचाई विभाग
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अमरिया। तहसील क्षेत्र के ग्राम तिरकुनियां नसीर स्थित नहर पुल की क्षतिग्रस्त रेलिंग डेढ़ वर्ष बीत जाने के बाद भी दुरुस्त नहीं कराई गई है। विभाग की ओर से केवल अस्थायी व्यवस्था के तहत पुल के एक हिस्से में लोहे की रेलिंग लगाकर छोटे वाहनों के आवागमन की सुविधा कर दी गई थी, लेकिन स्थायी मरम्मत अब तक नहीं हो सकी है। इससे खतरा बरकरार है।
रेलिंग टूटने से पुल की चौड़ाई कम हो गई है, जिससे बड़े वाहनों का आवागमन पूरी तरह बाधित है। छोटे चार पहिया वाहतों के चालक जोखिम उठाकर पुल पार करने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस पुल से नहर में वाहन गिरने के दो हादसे हो चुके हैं। इसके बावजूद पुल की मरम्मत नहीं कराई गई, जिससे हर समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
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यह पुल नसीम नगर, रसूला, फरदिया, जगत, बरादुनवा, मझलिया, भूड़ा, कैमोर, तिरकुनियां नसीर, हर्रायपुर, सूरजपुर, जोशी कॉलोनी और रानी कॉलोनी समेत दर्जनों गांवों को बरेली-हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ता है। इसी मार्ग से स्कूली बसों के अलावा किसानों के ट्रैक्टर-ट्रॉली और अन्य वाहन भी गुजरते हैं।
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ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार विभागीय अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। लोगों ने प्रशासन से पुल की क्षतिग्रस्त रेलिंग की शीघ्र मरम्मत कराकर आवागमन सुरक्षित और सुचारु बनाने की मांग की है। संवाद
पुल की रेलिंग गिरने के बाद ईंटों की दीवार बनवा दी गई थी। मना किए जाने के बाद भी भारी वाहन निकाले गए। भारी वाहनों के कारण वह दीवार टूट गई। विभाग से बजट आवंटित होने के बाद नई रेलिंग का निर्माण होगा।
- सौरभ वर्मा, एसडीओ, सिंचाई विभाग