{"_id":"5d20e48f8ebc3e6cf7221758","slug":"border-nepal-lepard-pilibhit-news-bly367659350","type":"story","status":"publish","title_hn":"तेंदुए की दहशत: नेपाल बॉर्डर से सटे इलाके में कुत्तों और बछिया को बनाया निवाला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तेंदुए की दहशत: नेपाल बॉर्डर से सटे इलाके में कुत्तों और बछिया को बनाया निवाला
विज्ञापन
इसी घर से तेंदुए ने कुत्ते को निवाला बनाया
- फोटो : amar uajala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गभिया सहराई/पीलीभीत। इंडो नेपाल बॉर्डर से सटे इलाके में तेंदुए की दहशत कम होने का नाम नहीं ले रही है। शुक्रवार रात जंगल से बाहर निकले तेंदुए ने सीमावर्ती गांव नगरिया खर्द कलां और गभिया सहराई की आबादी में दस्तक देकर एक पालतू कुत्ते व बछिया को निवाला बना लिया। आहट पर जागे परिजन के शोर शराबा करने पर तेंदुए जंगल की ओर निकल गया। सूचना के बाद शनिवार को क्षेत्रीय वनकर्मियों ने मौका मुआयना कर जानकारी जुटाई।
टाइगर रिजर्व की बराही रेंज के अंतर्गत सीमावर्ती गांव गभिया सहराई, नौजल्हा, महाराजपुर समेत कई गांव की सीमा में तेंदुए का लंबे समय से आतंक है। जंगल सीमा से सटे आबादी क्षेत्र में दस्तक देकर तेंदुआ मवेशियों को अपना निवाला बना रहा है। पूर्व में आबादी क्षेत्र में तेंदुए को सक्रियता को देखते हुए पूर्व में मुख्यालय के निर्देश पर तीन तेंदुए को पिंजरे में कैद कर टाइगर रिजर्व के सुरक्षित इलाके में छोड़ा जा चुका है, लेकिन इसके बाद भी तेंदुए की सक्रियता जारी है। इधर शुक्रवार रात नौजल्हा क्षेत्र के जंगल से बाहर निकलकर आया तेंदुआ पहले गभिया सहराई की सीमा में पहुंच गया। ग्रामीण परिमल गोलदार के घर के खुले दरवाजे से अंदर प्रवेश कर आंगन में बैठे कुत्ते पर हमला बोल दिया। आहट पर उठे परिजन के शोर शराबा करने पर तेंदुए कुत्ते को जबड़े में फंसाकर बाहर केले के खेत में ले गया और निवाला बना लिया। इसके बाद करीब तीन किमी की दूरी पर स्थित नगरिया खुर्द कला गांव की आबादी में पहुंचकर ग्रामीण अरविंद सरकार की पशुशाला में बंधी बछिया को हमले के चलते निवाला बना लिया। यहां भी आहट पर उठे ग्रामीणों के शोर शराबा करने पर तेंदुए जंगल की ओर निकल गया। सूचना के बाद शनिवार को नौजल्हा वन चौकी के वनकर्मियों ने मौका मुआयना कर तेंदुए के पगचिह्न ट्रेस किए। कई दिनों बाद तेंदुए की आबादी क्षेत्र में दस्तक के बाद ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है।
जंगल सीमा से सटे इलाके में तेंदुए की चहलकदमी को लेकर पूर्व से ही स्टाप निगरानी में जुटा है, लेकिन तेंदुए की कोई लोकेशन नहीं मिल रही थी। इधर शुक्रवार रात तेंदुए की मौजूदगी देखी गई है। इसको लेकर निगरानी बढ़ाने के साथ ग्रामीणों को भी सतर्क किया गया है। - बजीर हसन, रेंजर, बराही
विज्ञापन
विज्ञापन
टाइगर रिजर्व की बराही रेंज के अंतर्गत सीमावर्ती गांव गभिया सहराई, नौजल्हा, महाराजपुर समेत कई गांव की सीमा में तेंदुए का लंबे समय से आतंक है। जंगल सीमा से सटे आबादी क्षेत्र में दस्तक देकर तेंदुआ मवेशियों को अपना निवाला बना रहा है। पूर्व में आबादी क्षेत्र में तेंदुए को सक्रियता को देखते हुए पूर्व में मुख्यालय के निर्देश पर तीन तेंदुए को पिंजरे में कैद कर टाइगर रिजर्व के सुरक्षित इलाके में छोड़ा जा चुका है, लेकिन इसके बाद भी तेंदुए की सक्रियता जारी है। इधर शुक्रवार रात नौजल्हा क्षेत्र के जंगल से बाहर निकलकर आया तेंदुआ पहले गभिया सहराई की सीमा में पहुंच गया। ग्रामीण परिमल गोलदार के घर के खुले दरवाजे से अंदर प्रवेश कर आंगन में बैठे कुत्ते पर हमला बोल दिया। आहट पर उठे परिजन के शोर शराबा करने पर तेंदुए कुत्ते को जबड़े में फंसाकर बाहर केले के खेत में ले गया और निवाला बना लिया। इसके बाद करीब तीन किमी की दूरी पर स्थित नगरिया खुर्द कला गांव की आबादी में पहुंचकर ग्रामीण अरविंद सरकार की पशुशाला में बंधी बछिया को हमले के चलते निवाला बना लिया। यहां भी आहट पर उठे ग्रामीणों के शोर शराबा करने पर तेंदुए जंगल की ओर निकल गया। सूचना के बाद शनिवार को नौजल्हा वन चौकी के वनकर्मियों ने मौका मुआयना कर तेंदुए के पगचिह्न ट्रेस किए। कई दिनों बाद तेंदुए की आबादी क्षेत्र में दस्तक के बाद ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है।
विज्ञापन
जंगल सीमा से सटे इलाके में तेंदुए की चहलकदमी को लेकर पूर्व से ही स्टाप निगरानी में जुटा है, लेकिन तेंदुए की कोई लोकेशन नहीं मिल रही थी। इधर शुक्रवार रात तेंदुए की मौजूदगी देखी गई है। इसको लेकर निगरानी बढ़ाने के साथ ग्रामीणों को भी सतर्क किया गया है। - बजीर हसन, रेंजर, बराही
विज्ञापन