पीलीभीत टाइगर रिजर्व: चूका बीच में सैलानियों के लिए सस्ती होगी बोटिंग, सिक्योरिटी ऑडिट भी कराया जाएगा
पीलीभीत टाइगर रिजर्व में नवंबर से चूका बीच का सप्ताहांत टैरिफ बढ़ेगा। भारतीय पर्यटकों के लिए 50 रुपये और विदेशी पर्यटकों के लिए 200 रुपये की वृद्धि होगी। इस अतिरिक्त भार को कम करने के लिए बोटिंग शुल्क घटाने की तैयारी है। वन अधिकारियों को बोटिंग को किफायती बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
विस्तार
पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) के नए पर्यटन सत्र में सप्ताहांत पर चूका बीच में आने वाले पर्यटकों का टैरिफ बढ़ने जा रहा है। इसलिए सैलानियों को राहत देने के लिए बोटिंग शुल्क कम करने की तैयारी शुरू हो गई है। शासन स्तर पर हुई बैठक के बाद वन अधिकारियों को बोटिंग को किफायती बनाने के साथ सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत बोटिंग की अवधि कुछ कम कर शुल्क घटाने के विकल्प पर विचार किया जा रहा है। साथ ही बोटिंग व्यवस्था का सिक्योरिटी ऑडिट भी कराया जाएगा।
नए पर्यटन सत्र में नवंबर से शनिवार और रविवार के लिए नया टैरिफ लागू होगा। सप्ताहांत पर भारतीय पर्यटकों के शुल्क में 50 रुपये और विदेशी पर्यटकों के शुल्क में 200 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। ऐसे में पर्यटकों पर पड़ने वाले अतिरिक्त आर्थिक भार को देखते हुए चूका में बोटिंग शुल्क कम करने की तैयारी है।
1800 रुपये है पांच पर्यटकों का शुल्क
चूका बीच में वर्तमान में पांच पर्यटकों के लिए बोटिंग शुल्क 1800 रुपये निर्धारित है। नए सत्र में इसमें कमी किए जाने के संकेत मिले हैं। शुल्क कम करने के लिए बोटिंग की अवधि घटाने के विकल्प पर विचार किया जा रहा है। डीएफओ पीटीआर मनीष सिंह ने बताया कि इससे पर्यटकों को कम समय में भी सुरक्षित बोटिंग का आनंद मिलेगा और उनकी जेब पर अतिरिक्त भार भी कम होगा।
तीन नावों का होता है संचालन
वर्तमान में चूका बीच में तीन नावों का संचालन किया जा रहा है। इनमें एक नाव वन निगम और दो नावें पुरौना ईडीसी के माध्यम से संचालित हो रही हैं। नए पर्यटन सत्र से पहले बोटिंग में इस्तेमाल होने वाले सुरक्षा उपकरणों की भी जांच कर उन्हें दुरुस्त और अपडेट कराया जाएगा।
तेज हवा चली तो थम जाएगी नाव
मध्य प्रदेश में हाल में बोटिंग के दौरान हुए हादसे के बाद चूका में भी सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। बोटिंग व्यवस्था का सिक्योरिटी ऑडिट कराया जाएगा। तेज हवा के दौरान नावों का संचालन नहीं किया जाएगा।
पर्यटकों के लिए लाइफ जैकेट अनिवार्य रखने के साथ अन्य सुरक्षा संसाधनों को भी अपडेट किया जाएगा। लखनऊ में हुई बैठक के बाद वन निगम को इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। नए पर्यटन सत्र में चूका की बोटिंग को सुरक्षित और किफायती बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।