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ड्राइवर ने प्राइवेट डॉक्टर पर लगाया आंख खराब करने का आरोप
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पीलीभीत। शहर के एक प्राइवेट चिकित्सक पर गलत इलाज के चलते आंख खराब करने का आरोप लगा है। ऑपरेशन के बाद उसकी एक आंख की रोशनी ही खत्म हो गई। डॉक्टर पर धमकाने का भी आरोप लगाया गया है।
सुनगढ़ी क्षेत्र निवासी आज्ञा नंदन गुप्ता पुत्र पुत्तूलाल ने डीएम को दिए शिकायती पत्र में बताया कि वह पेशे से ड्राइवर हैं। उन्हें दाहिनी आंख से कम दिखाई दे रहा था। जिस पर वह 31 जनवरी को शहर के गौहनिया चौराहे पर स्थित एक प्राइवेट नेत्र अस्पताल में गए थे। जहां डॉक्टर ने चेकअप के बाद उनसे लैंस डालने की बात कही। जिसका खर्च 16 हजार 500 रुपये बताया गया। डॉक्टर ने लैंस डालने के बाद एक फरवरी 2020 को उसकी आंख से पट्टी निकाल दी। लेकिन उन्हें आंख से दिखाई नहीं दे रहा था और सिर दर्द की शिकायत भी थी। इस पर डॉक्टर ने उन्हें गांधी स्टेडियम रोड पर एक निजी अस्पताल में भेज दिया। जहां से भी कोई आराम नहीं मिला।
इसके बाद वह दोबारा डॉक्टर के पास गए तो डॉक्टर ने उनसे धीरे-धीरे रोशनी वापस आने की बात कही। पीड़ित को जब आराम नहीं मिला तो उन्होंने दिल्ली में एम्स अस्पताल में दिखाया। जहां चेकअप करने के बाद डॉक्टर ने आंख खराब होने की जानकारी दी। पीड़ित परिवार का आरोप है कि जब उन्होंने डॉक्टर से आंख खराब करने की शिकायत की तो वह भड़क गए और गालीगलौज करते हुए शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी देने लगे। पीड़ित ने डीएम से न्याय की गुहार लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित के अनुसार आरोपी डॉक्टर बरेली के एक सरकारी अस्पताल में भी सेवाएं दे रहे हैं।
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सुनगढ़ी क्षेत्र निवासी आज्ञा नंदन गुप्ता पुत्र पुत्तूलाल ने डीएम को दिए शिकायती पत्र में बताया कि वह पेशे से ड्राइवर हैं। उन्हें दाहिनी आंख से कम दिखाई दे रहा था। जिस पर वह 31 जनवरी को शहर के गौहनिया चौराहे पर स्थित एक प्राइवेट नेत्र अस्पताल में गए थे। जहां डॉक्टर ने चेकअप के बाद उनसे लैंस डालने की बात कही। जिसका खर्च 16 हजार 500 रुपये बताया गया। डॉक्टर ने लैंस डालने के बाद एक फरवरी 2020 को उसकी आंख से पट्टी निकाल दी। लेकिन उन्हें आंख से दिखाई नहीं दे रहा था और सिर दर्द की शिकायत भी थी। इस पर डॉक्टर ने उन्हें गांधी स्टेडियम रोड पर एक निजी अस्पताल में भेज दिया। जहां से भी कोई आराम नहीं मिला।
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इसके बाद वह दोबारा डॉक्टर के पास गए तो डॉक्टर ने उनसे धीरे-धीरे रोशनी वापस आने की बात कही। पीड़ित को जब आराम नहीं मिला तो उन्होंने दिल्ली में एम्स अस्पताल में दिखाया। जहां चेकअप करने के बाद डॉक्टर ने आंख खराब होने की जानकारी दी। पीड़ित परिवार का आरोप है कि जब उन्होंने डॉक्टर से आंख खराब करने की शिकायत की तो वह भड़क गए और गालीगलौज करते हुए शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी देने लगे। पीड़ित ने डीएम से न्याय की गुहार लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित के अनुसार आरोपी डॉक्टर बरेली के एक सरकारी अस्पताल में भी सेवाएं दे रहे हैं।
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