अखिलेश यादव बोले: अग्निवीर की तरह पुलिस की व्यवस्था में भी बदलाव करेगी भाजपा, तीन साल ही होगी नौकरी
लोकसभा चुनाव 2024 में सपा की पहली जनसभा में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने नौजवानों और किसानों की दुखती नब्ज को थामने का प्रयास किया। उन्होंने अग्निवीर व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि यह व्यवस्था हमें स्वीकार नहीं है। हमारे देश का नौजवान वर्दी पहनकर सीमा की रक्षा करना चाहता है और यह चार साल की नौकरी में हमारे नौजवान का सम्मान नहीं है।
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पीलीभीत के पूरनपुर में आयोजित चुनावी जनसभा में सपा मुखिया अखिलेश यादव ने पुलिस को आड़े हाथों लिया और कहा कि खाकी वर्दी पहनने वाली पुलिस कभी कभी कार्यकर्ताओं को डराती है। मगर, भाजपा पुलिस की व्यवस्था में बदलाव करेगी, नौकरी तीन साल की कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि पेपर लीक होने से 70 लाख नौजवान घर लौट गए।
कार्यकर्ताओं से संवाद करते हुए कहा कि भाजपा के लूट और झूठ का प्रचार करें। एनडीए के मुकाबले के लिए पीडीए तैयार है। भाजपा की गारंटी की याद दिलाते हुए कहा कि इन्होंने दो करोड़ नौकरी की बात की थी, मगर इस सरकार में पेपर लीक की वजह से सभी परीक्षाएं निरस्त हो गईं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का नाम लिए बिना कहा कि लखनऊ वाले दूसरों की गीले होने की बात तो कर रहे हैं लेकिन अपनी पर कुछ नहीं बोलना है।
किसान आंदोलन के जरिये खुद को जोड़ते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि सैकड़ों किसानों ने जान गंवाई। पीलीभीत ने किसान आंदोलन की आवाज उठाई। मानव-पशु संघर्ष की दुखती नब्ज पर हाथ धरते हुए उन्होंने कहा कि 300 किसानों की जान जा चुकी है। देश और प्रदेश के भाजपा नेताओं को सब पता है। जंगल से आने वाले जानवर खेत का नुकसान कर रहे हैं।
वर्ष 2022 के चुनाव में देश के प्रधानमंत्री ने वादा किया था कि 15 दिन के अंदर जानवर की समस्या का समाधान कर देंगे, मगर दिल्ली वालों को 10 साल और यूपी में सात साल हो गए। इनसे 17 साल का हिसाब लेना होगा।
डर की वजह से मुख्यमंत्रियों को जेल, भ्रष्टाचारियों की एंट्री
पूर्व मुख्यमंत्री ने भाजपा के 400 पार नारे पर चुटकी ली और कहा कि डर की वजह से दिल्ली व झारखंड के मुख्यमंत्री को जेल भेज दिया। बरेली में किसी माफिया को शामिल कर लिया। महाराष्ट्र में जिन्हें यह भ्रष्टाचारी कहते थे, उसे पार्टी में ले लिया। यूपी में जो इन्हें भला बुरा कहते थे उन्हें साथ ले लिया। उन्होंने नौजवानों से सोशल मीडिया के जरिये इन नेताओं के पुराने वीडियो वायरल करने की भी सलाह दी।
मुंबई नहीं बनाओ, काम करके दिखाओ
भाजपा प्रत्याशी और लोक निर्माण मंत्री जितिन प्रसाद के मुंंबई बनाने के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि इसको मुंबई मत बनाओ। मुंबई का जो काम होता है, थोड़ा वही करके दिखा दो। उन्होंने कहा कि दूसरे दल से आए हैं और इन्हें बनना था कुछ, मगर बन गए कुछ और। सड़क मंत्री बनते ही घोटाला हुआ।
नोटबंदी से भाजपा ने किया काले-सफेद का इंतजाम
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा ने कहा था कि नोटबंदी के बाद कोई भ्रष्टाचार नहीं होगा, मगर नोटबंदी और इलेक्टोरल बॉन्ड के नाम पर इन्होंने काले को सफेद करने का इंतजाम किया। इसी वजह से महंगाई भी बढ़ी है, क्योंकि जिन उद्यमियों से इन्होंने वसूली की है वे अपने नुकसान की भरपाई कीमतें बढ़ाकर कर रहे हैं।
अखिलेश यादव ने भाजपा के दावे की याद दिलाई और कहा कि इन्होंने नारा दिया कि भ्रष्टाचारी नहीं बचेंगे, मगर भ्रष्टाचार को बढ़ाने में भाजपा सबसे आगे है। जिस तरह की वसूली इन लोगों ने की, ऐसी वसूली तो दुनिया में नहीं हुई। जिस कंपनी का कोई कारोबार और मुनाफा नहीं है, उससे वसूली हुई है।
पीलीभीत की जनसभा में अखिलेश ने पेपर लीक का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इस सरकार में हर पेपर ही लीक हुआ और इससे युवा निराश है। उन्होंने पुलिस को आड़े हाथों लिया और कहा कि खाकी वर्दी पहनने वाली पुलिस कभी कभी कार्यकर्ताओं को डराती है। मगर, भाजपा पुलिस की व्यवस्था में बदलाव करेगी, नौकरी तीन साल की कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि पेपर लीक होने से 70 लाख नौजवान घर लौट गए।
अखिलेश ने नाम लिए बिना भाजपा नेता वरुण गांधी और प्रत्याशी जितिन प्रसाद को भी आड़े हाथ लिया। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने नौजवानों व किसानों की बात उठाई उन्हें पीछे धकेल दिया गया। उन्हें मंच पर भी जगह नहीं मिलती है। जिन्होंने किसान आंदोलन को थार से दबाया, उन्हें आगे कर सम्मान दिया जा रहा है।