{"_id":"652991fb20b85faa380fa294","slug":"birds-from-north-west-india-along-with-sri-lanka-and-pakistan-reached-the-areas-of-tiger-reserve-pilibhit-news-c-121-1-pbt1001-5818-2023-10-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pilibhit News: टाइगर रिजर्व के क्षेत्रों में पहुंचे श्रीलंका और पाकिस्तान के साथ नार्थ वेस्ट इंडिया से परिंदे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pilibhit News: टाइगर रिजर्व के क्षेत्रों में पहुंचे श्रीलंका और पाकिस्तान के साथ नार्थ वेस्ट इंडिया से परिंदे
विज्ञापन
टाईगर रिजर्व के जलीय क्षेत्र में मौजूद विदेशी पक्षी । फाइल फोटो
पीलीभीत। अक्तूबर में हल्की ठंड शुरू होने के साथ ही यहां पर विदेशी पक्षियों के आने का सिलसिला शुरू हो गया। हरीपुर व बराही रेंज में तालाब किनारे घास के मैदान में ये पक्षी दिखाई देने शुरू हो गए हैं। शारदा सागर जलाशय में जहां साइबेरियन पक्षियों की आमद में अभी वक्त है, वहीं अन्य देशों से पक्षियों की आमद शुरू हो गई है।
अक्तूबर की शुरूआत होते ही मौसम हल्का ठंडा होने लगता है। इस मौसम की शुरूआत से ही टाइगर रिजर्व क्षेत्र में नदी और तालाबों के किनारे कई प्रजाति के पक्षी दिखाई देने लगते हैं। यह पक्षी काफी दूरदराज क्षेत्रों से आते हैं, जो देखने में बेहद खूबसूरत होते हैं। अक्तूबर का गुलाबी मौसम होते ही पानी के पक्षी कॉमन ग्रीनशैंक, कॉमन सैंडपाइपर, स्टिंट और घास के मैदानों के पक्षी वार्न स्वालो, ग्रीनिश वैवलर, लीफ वार्बलर, रेड ब्रेड फ्लाईकैचर, कैनरी फ्लाईकैचर, व्हाइट वेगटेल आ चुके हैं। इसमें हिमालय से फ्लाईकैचर और मध्य एशिया से वार्न स्वालो, ग्रीनिश वैवलर, लीफ वार्बलर आ गए हैं। इसके अलावा ब्लैक-विंग्ड स्टिल्ट पक्षी पाकिस्तान, नार्थ वेस्ट इंडिया व श्रीलंका से आता है।
इस समय हल्की ठंड की शुरुआत होने पर कई पक्षी आ चुके हैं। यह मध्य एशिया और हिमालय से आए हैं। ये पक्षी यहां पर अप्रैल तक प्रवास पर रहेंगे। इसके अलावा शारदा सागर डैम में भी साइबेरियन पक्षियों के आने का क्रम शुरू हो जाता है। - अख्तर मियां खान, अध्यक्ष- टरक्वाइज वाइल्ड लाइफ कंजर्वेशन सोसायटी
विज्ञापन
विज्ञापन
अक्तूबर की शुरूआत होते ही मौसम हल्का ठंडा होने लगता है। इस मौसम की शुरूआत से ही टाइगर रिजर्व क्षेत्र में नदी और तालाबों के किनारे कई प्रजाति के पक्षी दिखाई देने लगते हैं। यह पक्षी काफी दूरदराज क्षेत्रों से आते हैं, जो देखने में बेहद खूबसूरत होते हैं। अक्तूबर का गुलाबी मौसम होते ही पानी के पक्षी कॉमन ग्रीनशैंक, कॉमन सैंडपाइपर, स्टिंट और घास के मैदानों के पक्षी वार्न स्वालो, ग्रीनिश वैवलर, लीफ वार्बलर, रेड ब्रेड फ्लाईकैचर, कैनरी फ्लाईकैचर, व्हाइट वेगटेल आ चुके हैं। इसमें हिमालय से फ्लाईकैचर और मध्य एशिया से वार्न स्वालो, ग्रीनिश वैवलर, लीफ वार्बलर आ गए हैं। इसके अलावा ब्लैक-विंग्ड स्टिल्ट पक्षी पाकिस्तान, नार्थ वेस्ट इंडिया व श्रीलंका से आता है।
विज्ञापन
इस समय हल्की ठंड की शुरुआत होने पर कई पक्षी आ चुके हैं। यह मध्य एशिया और हिमालय से आए हैं। ये पक्षी यहां पर अप्रैल तक प्रवास पर रहेंगे। इसके अलावा शारदा सागर डैम में भी साइबेरियन पक्षियों के आने का क्रम शुरू हो जाता है। - अख्तर मियां खान, अध्यक्ष- टरक्वाइज वाइल्ड लाइफ कंजर्वेशन सोसायटी
विज्ञापन