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Pilibhit News: मेडिकल कॉलेज में मिलेगा बेहतर उपचार, चिकित्सक भी होंगे तैयार
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राज्यमंत्री संजय सिंह गंगवार।
पीलीभीत। लंबे इंतजार के बाद नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) दिल्ली की ओर से नवनिर्मित राजकीय मेडिकल कॉलेज में शैक्षणिक सत्र शुरू करने की अनुमति मिलने से जिले में स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर हो जाएंगी। यहां अब बेहतर उपचार मिलेगा तो चिकित्सक भी तैयार होंगे। मरीजों की सुविधा के लिए बेडों की संख्या भी 300 से बढ़कर 500 हो जाएगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्ष 2020 में पीलीभीत को मेडिकल कॉलेज की सौगात दी थी। इसके बाद अप्रैल 2022 में 254 करोड़ रुपये की लागत से मेडिकल कॉलेज का निर्माण का कार्य शुरू हुआ। शहर से करीब 10 किमी दूर असम हाईवे पर खाग गांव के पास एकेडमिक भवन का निर्माण कराया गया, जबकि ओपीडी समेत 300 बेड का अस्पताल जिला अस्पताल से लगी आइटीआई की भूमि पर बनाया गया।
एक अप्रैल, 2023 को मंजूरी मिलने के बाद जिला अस्पताल को मेडिकल कॉलेज से संबद्ध कर दिया गया। प्राचार्य की तैनाती भी हो गई, लेकिन शैक्षिक सत्र शुरू नहीं हो सका। इसको लेकर पूर्व में कई बार एनएमसी की टीम ने निरीक्षण कर स्थिति को परखा। अंतत: बुधवार को सभी बाधाओं पर विराम लग गया। एनएमसी की ओर से शैक्षणिक वर्ष 2024-2025 में एमबीबीएस विद्यार्थियों के प्रवेश के लिए 100 सीटों की अनुमति दे दी।
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जूनियर और सीनियर रेजीडेंट की कमी होगी दूर, बढ़ेंगी सुविधाएं
मेडिकल कॉलेज में शैक्षिक सत्र शुरू करने की अनुमति मिलने से अब यहां की अव्यवस्थाएं दूर हो सकेंगी। जूनियर और सीनियर रेजीडेंट की कमी दूर होने के साथ सुविधाओं में भी विस्तार होगा। नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ भी बढ़ जाएगा। गंभीर मरीजों को मेडिकल कॉलेज में सुविधाएं मिलेंगी। आपरेशन की व्यवस्था भी बेहतर हो जाएगी।
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ब्लड सेपरेशन यूनिट शुरू होने से मरीजों को नहीं भागना पड़ेगा बरेली
प्राचार्य डॉ. संगीता अनेजा का कहना है कि मेडिकल कॉलेज में सभी सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। ब्लड सेपरेशन यूनिट का संचालन भी शुरू किया जाएगा। इससे ब्लड बैंक की क्षमता भी बढ़ जाएगी। अब तक 600 यूनिट तक ब्लड की क्षमता थी, जो आगे 1400 सौ यूनिट हो जाएगी। प्लाज्मा, आरबीसी, प्लेटलेट्स के जरूरमंद मरीजों और उनके तीमारदारों को बरेली या अन्य जगह नहीं भागना पड़ेगा।
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फोटो:8
मेडिकल कॉलेज को शैक्षिक सत्र शुरू करने के लिए एनएमसी ने मान्यता दे दी है। सभी अधिकारियों, कर्मचारियों के प्रयास से यह उपलब्धि मिली है। इस मान्यता से जिले में डॉक्टर तैयार होंगे और इलाज भी देंगे। नीट काउंसलिंग के आधार पर दाखिले अगस्त से शुरू होने की उम्मीद है।
- डॉ. संगीता अनेजा, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज
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फोटो::32
सरकार पीलीभीत को प्राथमिकता पर लेकर चल रही है। एक के बाद एक केंद्र और राज्य सरकार यहां के लिए अनुमति दे रही है। मेडिकल कॉलेज में शैक्षिक सत्र शुरू होने की मान्यता दे दी गई है। राज्य सरकार ने मान्यता दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास किया है। उसी का परिणाम है कि मान्यता मिली है। आने वाले समय में पीलीभीत उद्योग, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य का हब कहलाएगा। बच्चों को अच्छी शिक्षा और उसके बाद अपने घर में ही नौकरी मिलेगी। अन्य राज्यों में जाकर नौकरी के लिए नहीं भटकना पड़ेगा।
-संजय गंगवार, गन्ना, चीनी मिलें विकास राज्यमंत्री, प्रदेश सरकार
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्ष 2020 में पीलीभीत को मेडिकल कॉलेज की सौगात दी थी। इसके बाद अप्रैल 2022 में 254 करोड़ रुपये की लागत से मेडिकल कॉलेज का निर्माण का कार्य शुरू हुआ। शहर से करीब 10 किमी दूर असम हाईवे पर खाग गांव के पास एकेडमिक भवन का निर्माण कराया गया, जबकि ओपीडी समेत 300 बेड का अस्पताल जिला अस्पताल से लगी आइटीआई की भूमि पर बनाया गया।
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एक अप्रैल, 2023 को मंजूरी मिलने के बाद जिला अस्पताल को मेडिकल कॉलेज से संबद्ध कर दिया गया। प्राचार्य की तैनाती भी हो गई, लेकिन शैक्षिक सत्र शुरू नहीं हो सका। इसको लेकर पूर्व में कई बार एनएमसी की टीम ने निरीक्षण कर स्थिति को परखा। अंतत: बुधवार को सभी बाधाओं पर विराम लग गया। एनएमसी की ओर से शैक्षणिक वर्ष 2024-2025 में एमबीबीएस विद्यार्थियों के प्रवेश के लिए 100 सीटों की अनुमति दे दी।
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जूनियर और सीनियर रेजीडेंट की कमी होगी दूर, बढ़ेंगी सुविधाएं
मेडिकल कॉलेज में शैक्षिक सत्र शुरू करने की अनुमति मिलने से अब यहां की अव्यवस्थाएं दूर हो सकेंगी। जूनियर और सीनियर रेजीडेंट की कमी दूर होने के साथ सुविधाओं में भी विस्तार होगा। नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ भी बढ़ जाएगा। गंभीर मरीजों को मेडिकल कॉलेज में सुविधाएं मिलेंगी। आपरेशन की व्यवस्था भी बेहतर हो जाएगी।
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ब्लड सेपरेशन यूनिट शुरू होने से मरीजों को नहीं भागना पड़ेगा बरेली
प्राचार्य डॉ. संगीता अनेजा का कहना है कि मेडिकल कॉलेज में सभी सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। ब्लड सेपरेशन यूनिट का संचालन भी शुरू किया जाएगा। इससे ब्लड बैंक की क्षमता भी बढ़ जाएगी। अब तक 600 यूनिट तक ब्लड की क्षमता थी, जो आगे 1400 सौ यूनिट हो जाएगी। प्लाज्मा, आरबीसी, प्लेटलेट्स के जरूरमंद मरीजों और उनके तीमारदारों को बरेली या अन्य जगह नहीं भागना पड़ेगा।
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मेडिकल कॉलेज को शैक्षिक सत्र शुरू करने के लिए एनएमसी ने मान्यता दे दी है। सभी अधिकारियों, कर्मचारियों के प्रयास से यह उपलब्धि मिली है। इस मान्यता से जिले में डॉक्टर तैयार होंगे और इलाज भी देंगे। नीट काउंसलिंग के आधार पर दाखिले अगस्त से शुरू होने की उम्मीद है।
- डॉ. संगीता अनेजा, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज
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सरकार पीलीभीत को प्राथमिकता पर लेकर चल रही है। एक के बाद एक केंद्र और राज्य सरकार यहां के लिए अनुमति दे रही है। मेडिकल कॉलेज में शैक्षिक सत्र शुरू होने की मान्यता दे दी गई है। राज्य सरकार ने मान्यता दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास किया है। उसी का परिणाम है कि मान्यता मिली है। आने वाले समय में पीलीभीत उद्योग, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य का हब कहलाएगा। बच्चों को अच्छी शिक्षा और उसके बाद अपने घर में ही नौकरी मिलेगी। अन्य राज्यों में जाकर नौकरी के लिए नहीं भटकना पड़ेगा।
-संजय गंगवार, गन्ना, चीनी मिलें विकास राज्यमंत्री, प्रदेश सरकार

राज्यमंत्री संजय सिंह गंगवार।

राज्यमंत्री संजय सिंह गंगवार।