{"_id":"57c86db54f1c1b5a212cb60e","slug":"bengalis-are-likely-to-examine-land-ownership","type":"story","status":"publish","title_hn":"बंगालियों को भूमि पर मालिकाना हक न मिलने की होगी जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बंगालियों को भूमि पर मालिकाना हक न मिलने की होगी जांच
पीलीभीत, ब्यूरो
Updated Thu, 01 Sep 2016 11:34 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिले में हजारों की संख्या में रह रहे बंगाली समुदाय के लोगों को उनकी भूमि पर मालिकाना हक दिलाने की दिशा में प्रयास तेज कर दिए गए हैं। इस मामले में खाद्य एवं रसद राज्यमंत्री हेमराज वर्मा ने गुरुवार को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मुलाकात कर उन्हें बंगाली समुदाय के लोगों की समस्या से उन्हें अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने इस पर अपने सचिव को पूरे प्रकरण को दिखवाने व समाधान कराने का निर्देश दिया है।
राज्यमंत्री हेमराज वर्मा ने मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद लखनऊ से दूरभाष पर बताया कि जिले में हजारों की संख्या में विस्थापित बंगाली परिवार रहते हैं। भारत-बांग्लादेश बंटवारे के बाद से इन परिवारों को सरकार ने आवासीय व कृषि भूमि देकर बसाया था, लेकिन इन बंगाली परिवारों को सरकार द्वारा प्रदत्त कृषि भूमि पर मालिकाना हक नहीं मिल सका। इसके अलावा सैकड़ों की संख्या में ऐसे भी बंगाली परिवार हैं जिनके मतदाता पहचान पत्र नहीं बन पा रहे हैं। साथ ही बंगाली समुदाय की नमो शूद्र जाति के लोगों को अनुसूचित जाति का दर्जा दिलाने की भी मांग बंगाली समुदाय के लोग वर्षों से कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि पीलीभीत जिले में ऐसे बंगाली परिवारों की संख्या हजारों में हैं। उन्होंने बताया कि इन बंगाली परिवारों की समस्या के समाधान के प्रयास की बात तो हमेशा की जाती रही, लेकिन कभी किसी ने ठोस प्रयास नहीं किए। उन्होंने बताया कि कुछ समय पहले ही उन्होंने जिले में रहने वाले इन बंगाली परिवारों की समस्या के समाधान के लिए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था। गुरुवार को फिर मुख्यमंत्री से भेंट कर उन्हें इन समस्याओं के समाधान के लिए ज्ञापन दिया। हेमराज ने बताया कि मुख्यमंत्री ने इस बाबत जल्द समाधान का आश्वासन दिया है। मुख्यमंत्री ने उन्हें अवगत कराया कि नमो शूद्र जाति को अनुसूचित जाति में शामिल करने के लिए पहले ही प्रदेश सरकार केंद्र सरकार को पत्र भेज चुकी है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि वह इसकी जांच करा रिपोर्ट दें कि बंगाली परिवारों को उनकी भूमि पर मालिकाना हक अब तक क्यों नहीं मिल सका।
विज्ञापन
राज्यमंत्री हेमराज वर्मा ने मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद लखनऊ से दूरभाष पर बताया कि जिले में हजारों की संख्या में विस्थापित बंगाली परिवार रहते हैं। भारत-बांग्लादेश बंटवारे के बाद से इन परिवारों को सरकार ने आवासीय व कृषि भूमि देकर बसाया था, लेकिन इन बंगाली परिवारों को सरकार द्वारा प्रदत्त कृषि भूमि पर मालिकाना हक नहीं मिल सका। इसके अलावा सैकड़ों की संख्या में ऐसे भी बंगाली परिवार हैं जिनके मतदाता पहचान पत्र नहीं बन पा रहे हैं। साथ ही बंगाली समुदाय की नमो शूद्र जाति के लोगों को अनुसूचित जाति का दर्जा दिलाने की भी मांग बंगाली समुदाय के लोग वर्षों से कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि पीलीभीत जिले में ऐसे बंगाली परिवारों की संख्या हजारों में हैं। उन्होंने बताया कि इन बंगाली परिवारों की समस्या के समाधान के प्रयास की बात तो हमेशा की जाती रही, लेकिन कभी किसी ने ठोस प्रयास नहीं किए। उन्होंने बताया कि कुछ समय पहले ही उन्होंने जिले में रहने वाले इन बंगाली परिवारों की समस्या के समाधान के लिए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था। गुरुवार को फिर मुख्यमंत्री से भेंट कर उन्हें इन समस्याओं के समाधान के लिए ज्ञापन दिया। हेमराज ने बताया कि मुख्यमंत्री ने इस बाबत जल्द समाधान का आश्वासन दिया है। मुख्यमंत्री ने उन्हें अवगत कराया कि नमो शूद्र जाति को अनुसूचित जाति में शामिल करने के लिए पहले ही प्रदेश सरकार केंद्र सरकार को पत्र भेज चुकी है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि वह इसकी जांच करा रिपोर्ट दें कि बंगाली परिवारों को उनकी भूमि पर मालिकाना हक अब तक क्यों नहीं मिल सका।
विज्ञापन