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Pilibhit News: पात्र की जगह अपात्र को दिया योजना का लाभ, नोटिस जारी
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पीलीभीत। पात्र की जगह अपात्र को योजना का लाभ देने के मामले में मनरेगा लोकपाल ने तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव सहित अन्य जिम्मेदारों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है।
पूरनपुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत पिपरा मुजप्ता में अनुसूचित जाति के श्रीपाल का योजना के अंतर्गत पशु शेड आया, लेकिन विभागीय साठगांठ कर जिम्मेदारों ने इस योजना का लाभ इसी नाम के पिछड़ी जाति के युवक को दे दिया। मामला संज्ञान में आने पर पात्र युवक ने मामले की शिकायत मनरेगा लोकपाल से की। जांच कराई गई तो मामला सही निकला।
इसी क्रम में अब मनरेगा लोकपाल ने कंप्यूटर ऑपरेटर मनरेगा, तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव महेंद्र सिंह, तकनीकी सहायक प्रवीण कुमार, लेखा सहायक मनीष माहेश्वरी, अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी शुभम सक्सेना (वर्तमान तैनाती विकासखंड अमरिया) को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। जारी नोटिस में सात दिनों के भीतर साक्ष्यों सहित स्पष्टीकरण मांगा गया है।
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वहीं तत्कालीन खंड विकास अधिकारी शिरीश वर्मा से प्रथम अनुस्मारक के रूप में तीन कार्य दिवस में साक्ष्यों सहित स्पष्टीकरण मांगा गया है। मनरेगा लोकपाल गेंदनलाल वर्मा ने बताया कि पशु शेड मामले में प्रथम दृष्टया मामला सही पाया गया है। जिसमें संबंधित को नोटिस जारी समयावधि में साक्ष्यों सहित जवाब मांगा गया है।
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पूरनपुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत पिपरा मुजप्ता में अनुसूचित जाति के श्रीपाल का योजना के अंतर्गत पशु शेड आया, लेकिन विभागीय साठगांठ कर जिम्मेदारों ने इस योजना का लाभ इसी नाम के पिछड़ी जाति के युवक को दे दिया। मामला संज्ञान में आने पर पात्र युवक ने मामले की शिकायत मनरेगा लोकपाल से की। जांच कराई गई तो मामला सही निकला।
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इसी क्रम में अब मनरेगा लोकपाल ने कंप्यूटर ऑपरेटर मनरेगा, तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव महेंद्र सिंह, तकनीकी सहायक प्रवीण कुमार, लेखा सहायक मनीष माहेश्वरी, अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी शुभम सक्सेना (वर्तमान तैनाती विकासखंड अमरिया) को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। जारी नोटिस में सात दिनों के भीतर साक्ष्यों सहित स्पष्टीकरण मांगा गया है।
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वहीं तत्कालीन खंड विकास अधिकारी शिरीश वर्मा से प्रथम अनुस्मारक के रूप में तीन कार्य दिवस में साक्ष्यों सहित स्पष्टीकरण मांगा गया है। मनरेगा लोकपाल गेंदनलाल वर्मा ने बताया कि पशु शेड मामले में प्रथम दृष्टया मामला सही पाया गया है। जिसमें संबंधित को नोटिस जारी समयावधि में साक्ष्यों सहित जवाब मांगा गया है।