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Pilibhit News: गर्भवती को फर्श पर लिटाने जैसे मामलों से सुर्खियों में रही है बरखेड़ा सीएचसी, अव्यवस्थाओं से मुश्किल में इलाज
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पीलीभीत। बरखेड़ा सीएचसी में स्वास्थ्य कर्मियों की मनमानी और इलाज में हीलाहवाली का यह पहला मामला नहीं है। मरीजों को बाहर की दवा पर्ची, कड़ाके की सर्दी में गर्भवती को करीब आठ घंटे तक फर्श पर लिटाना, मेडिकल स्टोर पर सरकारी दवा मिलने आदि के मामलों ने भी बेहतर इलाज के दावों पर सवाल खड़े किए हैं।
ऑक्सीजन लगाते ही बिजली गुल हो जाने और जनरेटर न चलाने से नवजात की मौत के आरोप ने बरखेड़ा सीएचसी की स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खोल दी है। परिजनों के अनुसार, स्वास्थ्यकर्मियों ने नवजात के इलाज में तो लापरवाही की ही। रेफर करने में भी मनमानी दिखाई। परिजनों से ही सफाई और अन्य काम कराए गए। नवजात की मौत से भड़के परिजन करीब नौ घंटे तक उसका शव सीएचसी में ही रखे रहे। अस्पताल में अफरातफरी का माहौल रहा।
आठ घंटे से ज्यादा समय तक फर्श पर लेटी रही थी गर्भवती
15 जनवरी को बरखेड़ा के गांव मोहम्मद गंज अमखिड़िया निवासी सोनू अपनी पत्नी सोनी को प्रसव पीड़ा होने पर रात करीब 11 बजे सीएचसी लेकर पहुंचे थे। स्टाफ ने गर्भवती को वार्ड में भर्ती नहीं किया। मजबूरी में गर्भवती रात से सुबह करीब 10 बजे तक गैलरी में फर्श पर ही लेटी रही। सुबह सीएचसी अधीक्षक अस्पताल पहुंचे। परिजनों की शिकायत पर गर्भवती को वार्ड में भर्ती कराया गया। इस मामले में दोषी कर्मियों पर कार्रवाई भी की गई थी।
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झोलाछाप क्लीनिक पर मिली थी सरकारी दवा
वर्ष 2025 में सीएचसी के समीप संचालित एक झोलाछाप के क्लीनिक पर अस्पताल की सरकारी दवा मिली थी। यह दवा नारकोटिक्स से संबंधित थी। मामले में सीएमओ ने अस्पताल के फार्मासिस्ट को निलंबित किया था। एमओआईसी को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया था। यह मामला भी काफी सुर्खियों में रहा था। अस्पताल में मरीजों को बाहर की दवा पर्ची थमाने का मामला भी कई बार सामने आ चुका है। संवाद
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ऑक्सीजन लगाते ही बिजली गुल हो जाने और जनरेटर न चलाने से नवजात की मौत के आरोप ने बरखेड़ा सीएचसी की स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खोल दी है। परिजनों के अनुसार, स्वास्थ्यकर्मियों ने नवजात के इलाज में तो लापरवाही की ही। रेफर करने में भी मनमानी दिखाई। परिजनों से ही सफाई और अन्य काम कराए गए। नवजात की मौत से भड़के परिजन करीब नौ घंटे तक उसका शव सीएचसी में ही रखे रहे। अस्पताल में अफरातफरी का माहौल रहा।
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आठ घंटे से ज्यादा समय तक फर्श पर लेटी रही थी गर्भवती
15 जनवरी को बरखेड़ा के गांव मोहम्मद गंज अमखिड़िया निवासी सोनू अपनी पत्नी सोनी को प्रसव पीड़ा होने पर रात करीब 11 बजे सीएचसी लेकर पहुंचे थे। स्टाफ ने गर्भवती को वार्ड में भर्ती नहीं किया। मजबूरी में गर्भवती रात से सुबह करीब 10 बजे तक गैलरी में फर्श पर ही लेटी रही। सुबह सीएचसी अधीक्षक अस्पताल पहुंचे। परिजनों की शिकायत पर गर्भवती को वार्ड में भर्ती कराया गया। इस मामले में दोषी कर्मियों पर कार्रवाई भी की गई थी।
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झोलाछाप क्लीनिक पर मिली थी सरकारी दवा
वर्ष 2025 में सीएचसी के समीप संचालित एक झोलाछाप के क्लीनिक पर अस्पताल की सरकारी दवा मिली थी। यह दवा नारकोटिक्स से संबंधित थी। मामले में सीएमओ ने अस्पताल के फार्मासिस्ट को निलंबित किया था। एमओआईसी को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया था। यह मामला भी काफी सुर्खियों में रहा था। अस्पताल में मरीजों को बाहर की दवा पर्ची थमाने का मामला भी कई बार सामने आ चुका है। संवाद