{"_id":"64f8bfd110f83f926f0f4ac8","slug":"baragaon-phc-lives-with-the-help-of-a-pharmacist-three-days-a-week-pilibhit-news-c-121-1-pbt1005-3769-2023-09-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pilibhit News: सप्ताह में तीन दिन फार्मासिस्ट के सहारे रहती है बड़ागांव पीएचसी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pilibhit News: सप्ताह में तीन दिन फार्मासिस्ट के सहारे रहती है बड़ागांव पीएचसी
विज्ञापन
मरीजों को उपचार न मिल पाने से हो रही दिक्कत
संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। बड़ागांव पीएचसी में डॉक्टर की नियुक्ति होने के बाद भी अतिरिक्त चार्ज होने के कारण डॉक्टर के न बैठने से ग्रामीणों को उपचार कराने में दिक्कत आ रही है। सिर्फ फार्मासिस्ट के सहारे ही अस्पताल चल रहा है। जबकि ग्राम प्रधान द्वारा भी कई बार डॉक्टर को रोजाना बैठाए जाने की मांग की जा चुकी है।
ब्लॉक दियोरिया क्षेत्र के गांव बड़ागांव में 2015 में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की मंजूरी मिल गई थी। इसके बाद 2017 में इसका भवन बनकर तैयार हो गया। अस्पताल के बनने से इसके आसपास के गांव अंडहा, इमलिया, दमूपुरा, पकड़िया, मुड़िया, न्यूरानपुर, परेवा, जमुनिया समेत दो दर्जन गांव के लोगों को काफी खुशी हुई।
भवन निर्माण होने के बाद यहां डॉक्टर और फार्मासिस्ट की नियुक्ति भी कर दी गई। पीएचसी की ओपीडी रोजाना 50 के पार पहुंचने लगी। मगर डॉक्टर के रोजाना न बैठने से यहां के लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं का पूरी तरह से लाभ नहीं मिल पा रहा है। यहां तैनात डॉक्टर के पास बिलसंडा पीएचसी का अतिरिक्त चार्ज भी है। जिस कारण वह सिर्फ तीन दिन ही यहां पर बैठ पाते हैं। शेष तीन दिन अस्पताल फार्मासिस्ट के सहारे रहता है।
विज्ञापन
-
बड़ागांव में डॉक्टर नियुक्त है। मगर बिलसंडा में ओपीडी अधिक होने के कारण डॉक्टर से तीन दिन यहां काम लिया जा रहा है। जल्द ही वहां डाॅक्टर की व्यवस्था की जाएगी।
- डॉ मनीष राज शर्मा, सीएचसी अधीक्षक
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। बड़ागांव पीएचसी में डॉक्टर की नियुक्ति होने के बाद भी अतिरिक्त चार्ज होने के कारण डॉक्टर के न बैठने से ग्रामीणों को उपचार कराने में दिक्कत आ रही है। सिर्फ फार्मासिस्ट के सहारे ही अस्पताल चल रहा है। जबकि ग्राम प्रधान द्वारा भी कई बार डॉक्टर को रोजाना बैठाए जाने की मांग की जा चुकी है।
ब्लॉक दियोरिया क्षेत्र के गांव बड़ागांव में 2015 में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की मंजूरी मिल गई थी। इसके बाद 2017 में इसका भवन बनकर तैयार हो गया। अस्पताल के बनने से इसके आसपास के गांव अंडहा, इमलिया, दमूपुरा, पकड़िया, मुड़िया, न्यूरानपुर, परेवा, जमुनिया समेत दो दर्जन गांव के लोगों को काफी खुशी हुई।
विज्ञापन
भवन निर्माण होने के बाद यहां डॉक्टर और फार्मासिस्ट की नियुक्ति भी कर दी गई। पीएचसी की ओपीडी रोजाना 50 के पार पहुंचने लगी। मगर डॉक्टर के रोजाना न बैठने से यहां के लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं का पूरी तरह से लाभ नहीं मिल पा रहा है। यहां तैनात डॉक्टर के पास बिलसंडा पीएचसी का अतिरिक्त चार्ज भी है। जिस कारण वह सिर्फ तीन दिन ही यहां पर बैठ पाते हैं। शेष तीन दिन अस्पताल फार्मासिस्ट के सहारे रहता है।
विज्ञापन
-
बड़ागांव में डॉक्टर नियुक्त है। मगर बिलसंडा में ओपीडी अधिक होने के कारण डॉक्टर से तीन दिन यहां काम लिया जा रहा है। जल्द ही वहां डाॅक्टर की व्यवस्था की जाएगी।
- डॉ मनीष राज शर्मा, सीएचसी अधीक्षक