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किसान ने लोन चुकता कर नोड्यूज भी ले लिया, बैंक ने बनाया 1.14 करोड़ का कर्जदार
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गजरौला (पीलीभीत)। किसान ने तीन साल पहले पंजाब एंड सिंध बैंक से चार लाख रुपये का लोन लिया था। वह लोन उसने चुकता कर बैंक से नोड्यूज भी ले लिया। मगर, जब किसान बैंक ऑफ बड़ौदा से लोन लेने पुहंचा तो वहां की बैंक ने उस पर 1.14 करोड़ रुपए का लोन होना बताया। यह सुनते ही किसान के पैरों तले की जमीन खिसक गई। परेशान होकर किसान थाने पहुंचा, मगर पुलिस ने मामला उनके स्तर का होना बताकर उसे लौटा दिया।
थाना क्षेत्र के गांव ग्रांट नंबर दो उर्फ विशनपुर निवासी बलवीर सिंह ने बताया कि उसके पास ढाई एकड़ जमीन है। वर्ष 2017 में जराकोठी स्थित पंजाब एंड सिंध बैंक शाखा से उसने चार लाख रुपये का लोन लिया था। उसने निर्धारित तिथियों पर किस्तें चुकता कर दी और मार्च में बैंक से नोड्यूज भी हासिल कर लिया। किसान के मुताबिक इसके बाद उसने पंजाब एंड सिंध बैंक से दोबारा लोन लेने के लिए आवेदन करना चाहा। बैंक मैनेजर ने उसे मना कर दिया। इसके बाद उसने 20 जुलाई को शिवनगर स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा में लोन के लिए आवेदन किया। बैंक मैनेजर ने सभी अभिलेख मंगाकर उसकी लोन की फाइल भी तैयार की। मगर, बाद में बैंक मैनेजर ने उसे एक पत्र देकर जानकारी दी कि उसके ऊपर 1.14 करोड़ रुपये की देनदारी है। यह कर्ज उसने वर्ष 2011 में लिया था। इतना सुनते ही उसके होश उड़ गए। किसान ने बैंककर्मियों को बताया कि उसने उनकी बैंक से कभी लोन लिया ही नहीं। मगर बैंक वालों ने उसकी एक नहीं सुनी। परेशान होकर किसान थाने पहुंचा। जहां पुलिस ने मामला उसके स्तर का न होने की बात कहकर टरका दिया। अब वह बैंक दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर है।
यह मामला मेरे संज्ञान में हैं। किसी त्रुटि की वजह से ऐसा हो गया है। संबंधित व्यक्ति को इसके समाधान के बारे में कह दिया गया है कि उसके ऊपर कोई ऋण बकाया नहीं है। समस्या का समाधान होने के बाद बैंक से उसकी ऋण लेने संबंधी प्रक्रिया शुरू कराई जा सकती है। -विनोद कुमार, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक
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थाना क्षेत्र के गांव ग्रांट नंबर दो उर्फ विशनपुर निवासी बलवीर सिंह ने बताया कि उसके पास ढाई एकड़ जमीन है। वर्ष 2017 में जराकोठी स्थित पंजाब एंड सिंध बैंक शाखा से उसने चार लाख रुपये का लोन लिया था। उसने निर्धारित तिथियों पर किस्तें चुकता कर दी और मार्च में बैंक से नोड्यूज भी हासिल कर लिया। किसान के मुताबिक इसके बाद उसने पंजाब एंड सिंध बैंक से दोबारा लोन लेने के लिए आवेदन करना चाहा। बैंक मैनेजर ने उसे मना कर दिया। इसके बाद उसने 20 जुलाई को शिवनगर स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा में लोन के लिए आवेदन किया। बैंक मैनेजर ने सभी अभिलेख मंगाकर उसकी लोन की फाइल भी तैयार की। मगर, बाद में बैंक मैनेजर ने उसे एक पत्र देकर जानकारी दी कि उसके ऊपर 1.14 करोड़ रुपये की देनदारी है। यह कर्ज उसने वर्ष 2011 में लिया था। इतना सुनते ही उसके होश उड़ गए। किसान ने बैंककर्मियों को बताया कि उसने उनकी बैंक से कभी लोन लिया ही नहीं। मगर बैंक वालों ने उसकी एक नहीं सुनी। परेशान होकर किसान थाने पहुंचा। जहां पुलिस ने मामला उसके स्तर का न होने की बात कहकर टरका दिया। अब वह बैंक दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर है।
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यह मामला मेरे संज्ञान में हैं। किसी त्रुटि की वजह से ऐसा हो गया है। संबंधित व्यक्ति को इसके समाधान के बारे में कह दिया गया है कि उसके ऊपर कोई ऋण बकाया नहीं है। समस्या का समाधान होने के बाद बैंक से उसकी ऋण लेने संबंधी प्रक्रिया शुरू कराई जा सकती है। -विनोद कुमार, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक
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