{"_id":"6984fdc1169fe992b30d15ce","slug":"ban-on-chinese-kites-ineffective-they-are-selling-them-secretly-to-kite-flyers-pilibhit-news-c-121-1-lkh1003-153259-2026-02-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pilibhit News: चीनी मांझे पर प्रतिबंध बेअसर, पतंगबाजों को चोरी सेे बेच रहे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pilibhit News: चीनी मांझे पर प्रतिबंध बेअसर, पतंगबाजों को चोरी सेे बेच रहे
विज्ञापन
पीलीभीत। चाइनीज मांझा न केवल पक्षियों के लिए घातक साबित हो रहा है, बल्कि सड़कों पर चलने वाले बाइक सवारों और राहगीरों के लिए भी जानलेवा खतरा बन चुका है। प्रतिबंध के बावजूद इसकी बिक्री चोरी-छिपे जारी है। विभागों का अभियान पर्याप्त कारगर साबित नहीं हो रहा है। हाल ही में दो अलग-अलग घटनाओं में बाइक सवार गंभीर घायल हुए। इससे प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।
वसंत पर्व से पहले सामाजिक वानिकी विभाग ने पुलिस के साथ मिलकर शहर में चाइनीज मांझे के खिलाफ अभियान चलाया था। इस दौरान कई दुकानों पर छापेमारी की गई थी। पुलिस ने भी सक्रियता दिखाते हुए नौ बंडल चाइनीज मांझा बरामद कर दो लोगों को गिरफ्तार किया था। हालांकि यह कार्रवाई कुछ समय के लिए ही असरदार साबित हुई।
हाल ही में रालोद नेता राम मिश्रा गांधी स्टेडियम रोड पर बाइक से जाते समय चाइनीज मांझे की चपेट में आकर घायल हो गए थे। मांझा उनके ट्रैक सूट से उलझते हुए गर्दन तक पहुंच गया।
विज्ञापन
गनीमत रही कि मांझा सीधे गर्दन पर नहीं लगा, इससे बड़ा हादसा टल गया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें घर भेज दिया गया। इसके अलावा नौगवां ओवरब्रिज के पास एक व्यापारी की गर्दन चाइनीज मांझे से कट गई थी। हालत गंभीर होने पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां गर्दन पर करीब 24 टांके लगाए गए थे। यह घटना भी प्रशासनिक सतर्कता पर बड़ा सवाल बनकर सामने आई।
सूत्रों के अनुसार पतंग और मांझा बेचने वाले दुकानदार प्रतिबंध के चलते चाइनीज मांझे को खुलेआम नहीं रखते। भरोसेमंद ग्राहकों से बातचीत के बाद ही चोरी-छिपे यह मांझा उपलब्ध कराया जाता है। लखनऊ में हाल ही में हुई घटना के बाद मुख्यमंत्री की सख्ती के बावजूद जिले में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में नहीं आ सकी है। आमजन का कहना है कि जब तक लगातार और सख्त कार्रवाई नहीं होगी, तब तक चाइनीज मांझे की अवैध बिक्री पर रोक लगना मुश्किल है।
लोगों ने भी इसकी बिक्री करने वालों पर कार्रवाई की मांग की है। संवाद
--
निगरानी व्यवस्था को और प्रभावी किया जाएगा : सीओ सीटी
डीएफओ भरत कुमार डीके ने बताया कि टीमें लगातार चेकिंग कर रही हैं। आम लोगों को भी सूचना देने के लिए जागरूक किया जा रहा है। सीओ सिटी दीपक चतुर्वेदी ने बताया कि शहर में चाइनीज मांझा बेचने वालों की नियमित निगरानी की जा रही है। इसको और प्रभावी किया जाएगा।
विज्ञापन
वसंत पर्व से पहले सामाजिक वानिकी विभाग ने पुलिस के साथ मिलकर शहर में चाइनीज मांझे के खिलाफ अभियान चलाया था। इस दौरान कई दुकानों पर छापेमारी की गई थी। पुलिस ने भी सक्रियता दिखाते हुए नौ बंडल चाइनीज मांझा बरामद कर दो लोगों को गिरफ्तार किया था। हालांकि यह कार्रवाई कुछ समय के लिए ही असरदार साबित हुई।
विज्ञापन
हाल ही में रालोद नेता राम मिश्रा गांधी स्टेडियम रोड पर बाइक से जाते समय चाइनीज मांझे की चपेट में आकर घायल हो गए थे। मांझा उनके ट्रैक सूट से उलझते हुए गर्दन तक पहुंच गया।
विज्ञापन
गनीमत रही कि मांझा सीधे गर्दन पर नहीं लगा, इससे बड़ा हादसा टल गया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें घर भेज दिया गया। इसके अलावा नौगवां ओवरब्रिज के पास एक व्यापारी की गर्दन चाइनीज मांझे से कट गई थी। हालत गंभीर होने पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां गर्दन पर करीब 24 टांके लगाए गए थे। यह घटना भी प्रशासनिक सतर्कता पर बड़ा सवाल बनकर सामने आई।
सूत्रों के अनुसार पतंग और मांझा बेचने वाले दुकानदार प्रतिबंध के चलते चाइनीज मांझे को खुलेआम नहीं रखते। भरोसेमंद ग्राहकों से बातचीत के बाद ही चोरी-छिपे यह मांझा उपलब्ध कराया जाता है। लखनऊ में हाल ही में हुई घटना के बाद मुख्यमंत्री की सख्ती के बावजूद जिले में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में नहीं आ सकी है। आमजन का कहना है कि जब तक लगातार और सख्त कार्रवाई नहीं होगी, तब तक चाइनीज मांझे की अवैध बिक्री पर रोक लगना मुश्किल है।
लोगों ने भी इसकी बिक्री करने वालों पर कार्रवाई की मांग की है। संवाद
निगरानी व्यवस्था को और प्रभावी किया जाएगा : सीओ सीटी
डीएफओ भरत कुमार डीके ने बताया कि टीमें लगातार चेकिंग कर रही हैं। आम लोगों को भी सूचना देने के लिए जागरूक किया जा रहा है। सीओ सिटी दीपक चतुर्वेदी ने बताया कि शहर में चाइनीज मांझा बेचने वालों की नियमित निगरानी की जा रही है। इसको और प्रभावी किया जाएगा।