{"_id":"62c1625926ea313ec9583667","slug":"astan-e-aalia-demands-to-bann-dawat-e-islami-in-up","type":"story","status":"publish","title_hn":"पीलीभीत: आस्तान-ए-आलिया ने लगाया दावत-ए-इस्लामी के लोगों के आने पर प्रतिबंध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पीलीभीत: आस्तान-ए-आलिया ने लगाया दावत-ए-इस्लामी के लोगों के आने पर प्रतिबंध
Sun, 03 Jul 2022 10:14 PM IST
प्राची प्रियम
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Published by: प्राची प्रियम
Updated Sun, 03 Jul 2022 10:14 PM IST
सार
शहर काजी और आस्थान-ए- आलिया हशमतिया के सज्जादानशीन मौलाना जरताब रजा ने कहा कि ये पाकिस्तानी तंजीम है। मुल्क में ये संगठन कैसे चला रहा मदरसा, यूपी सरकार लगाए प्रतिबंध।
विज्ञापन
मौलाना जरताब रजा खां
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उदयपुर घटना के तार दावत-ए-इस्लामी संगठन से जुड़े होने की चर्चाओं के बीच आस्तान-ए-आलिया हशमतिया ने संगठन के लोगों के आस्ताने आने पर प्रतिबंध लगा दिया है। सज्जादानशीन और शहर काजी मौलाना जरताब रजा खां ने बयान जारी कर कहा कि यह पाकिस्तानी तंजीम है और प्रदेश सरकार को इस संगठन की गतिविधियों पर तत्काल रोक लगानी चाहिए।
विज्ञापन
मौलाना जरताब रजा का कहना कि दावत-ए-इस्लामी पाकिस्तानी संगठन है और यह भारत के साथ दुनिया के कई मुल्कों में सक्रिय है। संगठन जिले से ही लाखों रुपये का चंदा जमा करता है। जिले में भी कई मदरसे संचालित हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि संगठन चंदे के पैसे को कहां खर्च कर रहा है। इसकी जांच होनी चाहिए। संगठन के लोग पूरे जिले में मदरसा, रमजान, कुर्बानी के नाम पर लाखों रुपये का चंदा लेते हैं। ये पैसा पाकिस्तान भेजा जा रहा है और देश विरोधी गतिविधियों में खर्च किया जा रहा है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि उनके पिता मौलाना मुशाहिद रजा खां ने भी 1999 में संगठन पर प्रतिबंध लगाने की मांग उठाई थी लेकिन सरकारों ने ध्यान नहीं दिया। ऐसे संगठन देश विरोधी गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं। संगठन का मुखिया कराची में बैठकर पूरी दुनिया में गतिविधियां संचालित करता है। भारत से इकट्ठा हुए चंदे का इस्तेमाल आतंकवादी गतिविधियों के लिए किया जाता है। उन्होंने सवाल भी उठाया कि ऐसे संगठन के मदरसों को मान्यता कैसे मिल रही है। संगठन के लोग मदरसों और मजिस्दों में जाते हैं। दीनी तालीम के नाम पर युवाओं को गुमराह करते हैं।
विज्ञापन
इस्लाम इंसानियत से मोहब्बत करना सिखाता है न कि नफरत फैलाना। इसलिए आस्ताने आलिया और मस्जिद बादशाह बेगम में तंजीम से जुड़े लोगों पर प्रतिबंध लगाया है। उन्होंने यह भी कहा कि संगठन के खिलाफ आवाज उठाने के कारण उनकी जान को भी खतरा हो सकता है। इसलिए प्रदेश सरकार से गुजारिश है कि जिस तरह से कश्मीर में कई संगठनों पर प्रतिबंध लगाया गया वैसे उत्तर प्रदेश में भी दावत-ए-इस्लामी पर प्रतिबंध तत्काल लगाया जाए।