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Pilibhit News: सड़कों और पुल की मंजूरी बनीं जितिन की जीत का आधार
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कलीनगर। जनपद की राजनीति में इस बार बड़ा बदलाव देखने को मिला। पिछली बार के विजेता वरुण गांधी का टिकट काटकर भाजपा ने जितिन प्रसाद को पीलीभीत सीट से प्रत्याशी बनाया। ऐसे में जितिन प्रसाद के सामने कई चुनौतियां थीं, लेकिन जनपद के अधिकतर विधानसभा क्षेत्रों में सड़कों और पुल की मंजूरी के साथ मोदी और योगी की सभाएं उनके लिए करिश्माई साबित हुईं और उन्होंने जीत दर्ज की।
जनपद में सपा और भाजपा के बीच कांटे की टक्कर मानी जा रही थी। जातिगत आंकड़ों के आधार पर हर कोई मतगणना होने तक जीत-हार के बारे में कुछ बोलने को तैयार नहीं था, लेकिन जब मतगणना शुरू हुई तो प्रथम से लेकर अंतिम राउंड तक जितिन प्रसाद ही आगे रहे और उन्होंने 1.64 लाख से अधिक मतों से जीत दर्ज की।
जितिन की जीत से भाजपा संगठन और कार्यकर्ताओं में हर्ष है। एक नेता ने कहा कि पीडब्ल्यूडी मंत्री जितिन प्रसाद ने पूरनपुर विधानसभा क्षेत्र में पैंटून पुल के अलावा धनाराघाट मार्ग को मंजूरी दिलाई तो बीसलपुर, बरखेड़ा विधानसभा क्षेत्रों में भी कई नई सड़कों को मंजूरी दिलाई। यही नहीं मोदी और योगी ने जनसभाएं भी कारगर साबित हुईं। इसी का नतीजा रहा कि गठबंधन प्रत्याशी भगवत सरन गंगवार के मुकाबले वह इक्कीस साबित हुए। यहां जातिगत समीकरण सपा के कहीं काम नहीं आए।
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जनपद में सपा और भाजपा के बीच कांटे की टक्कर मानी जा रही थी। जातिगत आंकड़ों के आधार पर हर कोई मतगणना होने तक जीत-हार के बारे में कुछ बोलने को तैयार नहीं था, लेकिन जब मतगणना शुरू हुई तो प्रथम से लेकर अंतिम राउंड तक जितिन प्रसाद ही आगे रहे और उन्होंने 1.64 लाख से अधिक मतों से जीत दर्ज की।
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जितिन की जीत से भाजपा संगठन और कार्यकर्ताओं में हर्ष है। एक नेता ने कहा कि पीडब्ल्यूडी मंत्री जितिन प्रसाद ने पूरनपुर विधानसभा क्षेत्र में पैंटून पुल के अलावा धनाराघाट मार्ग को मंजूरी दिलाई तो बीसलपुर, बरखेड़ा विधानसभा क्षेत्रों में भी कई नई सड़कों को मंजूरी दिलाई। यही नहीं मोदी और योगी ने जनसभाएं भी कारगर साबित हुईं। इसी का नतीजा रहा कि गठबंधन प्रत्याशी भगवत सरन गंगवार के मुकाबले वह इक्कीस साबित हुए। यहां जातिगत समीकरण सपा के कहीं काम नहीं आए।
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