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पशुओं का बीमा नहीं, कैसे मिलेगा मुआवजा

Thu, 09 Dec 2021 01:02 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 09 Dec 2021 01:02 AM IST
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animals are not insured, how will they get compensation
पीलीभीत। इस साल सरकार से सब्सिडी न मिलने के कारण जिले में पशुओं का बीमा नहीं हो सका। इसका खामियाजा पशुुपालकों को चुकाना पड़ेगा। बिना बीमा उनको मुआवजा नहीं मिल सकता।
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दरअसल पशुओं की कुल कीमत का 2.5 फीसदी प्रीमियम के साथ एक साल या तीन साल तक का बीमा होता है। इसमें 50 फीसदी प्रदेश सरकार और 25-25 फीसदी केंद्र सरकार और लाभार्थी को देना होता था। अगर पशु की मौत हो जाती है तो पशुपालक को बीमा कंपनी से उसका मुआवजा मिल जाता है। मार्च 2021 से सब्सिडी नहीं आई जिस कारण पशुओं का बीमा नहीं हो सका। वहीं एफएमडी वायरस से पिछले एक माह में ही सैकड़ों पशुओं की मौत हो चुकी है। अगर इन पशुुओं का बीमा होता तो पशुपालकों को बड़ी राहत मिल जाती।
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पशुचिकित्सा अधिकारी डॉ. अरविंद कुमार ने बताया कि सब्सिडी नहीं आने से बीमा नहीं हुए। सब्सिडी आते ही पशुओं के बीमा शुरू करा दिए जाएंगे।
बीसलपुर क्षेत्र में भी एफएमडी की चपेट में आए पशु
पूरनपुर, घुंघचाई क्षेत्र में सैकड़ों जानवरों की मौत के बाद बीसलपुर में भी खुरपका-मुंहपका वायरस के मामले सामन आने लगे हैं। बुधवार को बिलसंडा के करेली गांव में दो पशु बीमार मिले। पशुपालक राम कुमार ने बताया कि एक गाय और एक पड़िया गंभीर बीमार हो गई। कई अन्य गांवों में भी पशु बीमार होने के मामले सामने आ रहे हैं। वहीं पशु चिकित्साधिकारी जगदेव सिंह का कहना है कि करेली गांव का मामला सामने नहीं आया है। जहां बीमार पशु होने की सूचना मिलती है तो तुरंत जांच कराई जाती है।
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