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Pilibhit News: माधोटांडा में तीन दशक बाद पशु अस्पताल को मिला नया भवन
Sat, 22 Jul 2023 11:53 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Sat, 22 Jul 2023 11:53 PM IST
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माधोटांडा पशु चिकित्सालय का नया भवन। संवाद
कलीनगर। कई दशक से बदहाल भवन में पशुओं का इलाज करने की मजबूरी अब दूर हो गई है। माधोटांडा में 40 लाख से बने नए भवन में पशु अस्पताल का संचालन शुरू हो गया है। इससे पशुपालकों में खुशी है।
किसान बहुल इलाका होने की वजह से माधोटांडा क्षेत्र में पशुओं की संख्या अधिक है। कस्बे के अलावा आसपास के गांवों बड़े पैमाने पर पशुपालन होता है। पशुओं के इलाज के लिए एकमात्र साधन माधोटांडा स्थित पशु अस्पताल है। वर्ष 1983 में यहां पशु अस्पताल स्थापित किया गया था। भवन जर्जर हो जाने के बाद यहां पशुओं के इलाज में दिक्कत होने लगी। बरसात के दौरान दवाओं और इलाज के संसाधनों को सुरिक्षत रखना मुश्किल हो जाता था। इसे देखते हुए विभाग की ओर से नए भवन का प्रस्ताव बनाकर भेजा गया।
शासन से भवन निर्माण के लिए 40 लाख रुपये का बजट मंजूर होने के बाद निर्माण शुरू कराया गया। एक माह पूर्व मुख्य भवन का निर्माण पूरा हो गया। इसके बाद विभागीय अनुमति से अस्पताल को नए भवन में शिफ्ट कर दिया गया। अब नए भवन में ही स्टाफ बैठता है और वहीं पशुओं का इलाज किया जा रहा है। यहां एक डॉक्टर और तीन चतुर्थश्रेणी कर्मचारी तैनात हैं।
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फोटो 19-
आवास अब भी जर्जर, कर्मचारियों के रुकने की व्यवस्था नहीं
चिकित्साल का नया भवन बनने से काफी सहूलियत मिल गई है, लेकिन कर्मचारियों के आवास अब भी खस्ताहाल हैं। आवास न होने से चिकित्सक समेत कर्मचारी अस्पताल में नहीं रुकते हैं। हालांकि उम्मीद जताई जा रही है विभाग की ओर से जल्द ही आवासीय भवन के निर्माण लिए भी बजट की व्यवस्था कराई जाएगी।
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वर्जन
अस्पताल का नया भवन बन गया है। विभागीय अनुमति के बाद नए भवन में अस्पताल शिफ्ट कर दिया गया है। आवासीय भवन के निर्माण के लिए विभागीय अफसरों को अवगत करा दिया गया है। - डॉ. नरूल हुदा, प्रभारी पशु अस्पताल
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किसान बहुल इलाका होने की वजह से माधोटांडा क्षेत्र में पशुओं की संख्या अधिक है। कस्बे के अलावा आसपास के गांवों बड़े पैमाने पर पशुपालन होता है। पशुओं के इलाज के लिए एकमात्र साधन माधोटांडा स्थित पशु अस्पताल है। वर्ष 1983 में यहां पशु अस्पताल स्थापित किया गया था। भवन जर्जर हो जाने के बाद यहां पशुओं के इलाज में दिक्कत होने लगी। बरसात के दौरान दवाओं और इलाज के संसाधनों को सुरिक्षत रखना मुश्किल हो जाता था। इसे देखते हुए विभाग की ओर से नए भवन का प्रस्ताव बनाकर भेजा गया।
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शासन से भवन निर्माण के लिए 40 लाख रुपये का बजट मंजूर होने के बाद निर्माण शुरू कराया गया। एक माह पूर्व मुख्य भवन का निर्माण पूरा हो गया। इसके बाद विभागीय अनुमति से अस्पताल को नए भवन में शिफ्ट कर दिया गया। अब नए भवन में ही स्टाफ बैठता है और वहीं पशुओं का इलाज किया जा रहा है। यहां एक डॉक्टर और तीन चतुर्थश्रेणी कर्मचारी तैनात हैं।
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आवास अब भी जर्जर, कर्मचारियों के रुकने की व्यवस्था नहीं
चिकित्साल का नया भवन बनने से काफी सहूलियत मिल गई है, लेकिन कर्मचारियों के आवास अब भी खस्ताहाल हैं। आवास न होने से चिकित्सक समेत कर्मचारी अस्पताल में नहीं रुकते हैं। हालांकि उम्मीद जताई जा रही है विभाग की ओर से जल्द ही आवासीय भवन के निर्माण लिए भी बजट की व्यवस्था कराई जाएगी।
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अस्पताल का नया भवन बन गया है। विभागीय अनुमति के बाद नए भवन में अस्पताल शिफ्ट कर दिया गया है। आवासीय भवन के निर्माण के लिए विभागीय अफसरों को अवगत करा दिया गया है। - डॉ. नरूल हुदा, प्रभारी पशु अस्पताल