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यूपीएसएस और नाकॉफ को डिबार किया

Sat, 08 Oct 2016 12:29 AM IST
ब्यूरो /पीलीभीत
ब्यूरो /पीलीभीत Updated Sat, 08 Oct 2016 12:29 AM IST
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धान खरीद का एक सप्ताह बीतने के बाद भी खरीद की व्यवस्थाएं नहीं हो सकी हैं। शासन ने यूपीएसएस और नाकॉफ संस्था को डिबार कर दिया है। इन दोनों के जिले में कुल 35 क्रय केंद्र खुलने थे। हालांकि पीसीयू को धान खरीद की अनुमति मिली है, लेकिन अभी क्रय केंद्रों का निर्धारण एवं अन्य व्यवस्थाएं होने में समय लग सकता है।

शासन ने धान खरीद पहली अक्तूबर रसे घोषणा की है लेकिन 15 अक्तूबर से पहले सरकारी खरीद का खाता खुलने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। सितंबर में खाद्य विभाग ने गत वर्ष की भांति विभिन्न खरीद एजेंसियों के 98 क्रय केंद्र खुलने को अनुमति दी थी। इसकी तैयारियां भी कर ली गई थीं लेकिन क्रय नीति न आने के कारण खरीद न होना बताया जा रहा था। अब खरीद नीति तो प्राप्त हो गई। इसके बाद भी खरीद शुरू होने के आसार नहीं है। दरअसल शासन ने जिले में सर्वाधिक खरीद करने वाली संस्था यूपीएसएस और नाकॉफ को डिबार कर दिया है। इसमें यूपीएसएस के  30 और नाकॉफ के पांच क्रय केंद्र खुलने थे। 35 क्रय केंद्रों की अनुमति निरस्त होने से हड़कंप मच गया। हालांकि यूपीएसएस के स्थान पर पीसीयू को धान खरीद की अनुमति शासन से मिली है और संभवत: सहकारी शीतगृह के माध्यम से पीसीयू जिले में धान खरीदेगी। वहीं दूसरी ओर शेष बचे 63 क्रय केंद्रों पर भी अभी व्यवस्थाएं पूरी नहीं हो सकी हैं। सूत्रों की मानें तो यूपीएसएस के सभी 30 क्रय केंद्र पीसीयू को दिए जा रहे हैं जबकि नाकॉफ को शासन से पुन: अनुमति प्रदान की जा रही है। सब मिलकर सरकारी कवायद का सीधा असर खरीद पर पड़ रहा है। एक सप्ताह बीतने के बाद भी खरीद शुरू नहीं हुई है और किसानों को आढ़तों पर कम दाम पर धान बेचने को मजबूर होना पड़ रहा है।
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