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Pilibhit News: 39 साल का अटूट साथ, आखिरी सांस तक नहीं छोड़ा एक-दूसरे का हाथ

Wed, 08 Jul 2026 12:55 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 08 Jul 2026 12:55 AM IST
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An unbreakable bond spanning 39 years; they never let go of each other's hands until the very last breath.
बिलसंडा क्षेत्र में घटना के बाद विलात करते मृतक के परिजन। संवाद
पीलीभीत। करीब 39 वर्ष पहले हरिशंकर और कमला देवी ने सात फेरे लेकर जीवनभर साथ निभाने का वचन लिया था। दोनों ने परिवार बसाया, बच्चों का पालन-पोषण किया और हर सुख-दुख में एक-दूसरे का सहारा बने रहे। किसी ने नहीं सोचा था कि चार दशक पुराना यह साथ एक ही रात में हमेशा के लिए थम जाएगा।
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परिजनों का मानना है कि सोमवार रात जब एक को करंट लगा होगा तो दूसरे ने उसे बचाने की कोशिश की होगी। यही कोशिश दोनों के लिए काल बन गई। जीवनभर एक-दूसरे की रक्षा का संकल्प निभाने वाले पति-पत्नी आखिरकार मौत के मुहाने पर भी एक-दूसरे का हाथ नहीं छोड़ सके। सुबह जब दोनों के शव एक साथ मिले तो परिवार की आंखों से आंसुओं का सैलाब फूट पड़ा। गांव के बुजुर्ग भी यही कहते नजर आए कि ऐसा साथ और ऐसा बिछड़ना बहुत कम देखने को मिलता है। जिसने भी इस घटना के बारे में सुना, उनकी आंखें नम हो गईं।
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मीरपुर हेमुपुरा गांव के लोगों का कहना था कि चार बेटे और एक बेटी को पालकर बड़ा किया और उन्हें अपने पैरों पर खड़ा किया। जिंदगी की तमाम मुश्किलों के बावजूद दोनों का साथ कभी नहीं टूटा। हरिशंकर मेहनत-मजदूरी कर टायर पंचर जोड़ने का काम करते थे। करीब दस साल पहले दोनों गांव के बाहर बने दूसरे मकान में रहने लगे थे, लेकिन पुराने घर से उनका लगाव बना रहा। सोमवार रात भी मां खाना खाने बेटे के यहां ही पहुंचीं। करीब साढ़े नौ बजे वह अपने मकान पर लौट गईं। पिता हरिशंकर पड़ोस के गांव में एक परिचित के यहां दावत में गए थे। देर रात वह वहीं से घर लौट गए थे। शायद किसी ने नहीं सोचा होगा कि यह उनके जीवन की आखिरी रात साबित होगी। संवाद
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पूर्व मंत्री व एसडीएम बीसलपुर पहुंचे गांव, जताई संवेदना
एसडीएम नागेंद्र पांडेय भी राजस्व टीम के साथ मौके पर पहुंचे और परिजनों से जानकारी जुटाकर संवेदनाएं व्यक्त की। एसडीएम ने बताया कि कृषक दुर्घटना बीमा योजना के तहत पांच-पांच लाख रुपये का मुआवजा आश्रितों को दिया जाएगा। वहीं पूर्व मंत्री राम सरन वर्मा भी गांव पहुंचकर मृतकों के परिजनों से मिले और ढाढ़स बंधाया।

बिलसंडा क्षेत्र में घटना के बाद विलात करते मृतक के परिजन। संवाद

बिलसंडा क्षेत्र में घटना के बाद विलात करते मृतक के परिजन। संवाद

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