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Pilibhit News: अपराध से अमन जायसवाल उर्फ निक्की का पुराना नाता, कई मामले हैं दर्ज, संपत्ति की होगी जांच

Thu, 16 Jul 2026 12:23 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत Updated Thu, 16 Jul 2026 12:23 AM IST
सार

बर्खास्त कर्मचारी की आत्महत्या के मामले में केस दर्ज होने के बाद अब आरोपी अमन जायसवाल की संपत्ति की जांच कराने की तैयारी है। जिला प्रशासन की तरफ से इसके लिए तहसील बीसलपुर के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।

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Aman Jaiswal long-standing association with crime multiple cases are registered against him in Pilibhit
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पीलीभीत में बीसलपुर नगर पालिका के बर्खास्त कर्मचारी उपेंद्र शंखधार की आत्महत्या के बाद सामने आए सुसाइड नोट ने न सिर्फ प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि कई प्रभावशाली चेहरों को भी कठघरे में लाकर खड़ा किया है। सुसाइड नोट में नामजद आरोपियों में शामिल पालिकाध्यक्ष के पति व प्रतिनिधि अमन जायसवाल उर्फ निक्की का नाम एक बार फिर  सुर्खियों में है। 

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अमन पर पहले भी हत्या के प्रयास, रंगदारी, धमकी और मारपीट जैसे गंभीर मामलों में मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। हालांकि हर बार राजनीतिक संरक्षण और रसूख के चलते कार्रवाई ठंडी पड़ती रही। सत्ता से जुड़े नेताओं से मजबूत पकड़ रखने वाले अमन जायसवाल निक्की पर वर्ष 2010 से मामले दर्ज होना शुरू हुए और हर साल मामलों की फेहरिस्त बढ़ती गई, लेकिन सत्ता परिवर्तन के बाद भी उसकी प्रभावशाली नेताओं से करीबियां कम नहीं हो सकी। 
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यही वजह रही कि पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार विभिन्न आपराधिक मामलों में नाम होने के बाद भी अमन जायसवाल उर्फ निक्की का रसूख कम नहीं हो सका। कई मामलों में शिकायतकर्ताओं को शांत करा दिया गया, या फिर पुलिस विवेचना और कोर्ट में राहत दे दी गई। 
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परिवार के विरोध के बाद दर्ज हो सकी रिपोर्ट 
उपेंद्र की मौत के बाद मंगलवार को जब पोस्टमॉर्टम के बाद शव घर पहुंचा तो परिजनों ने अंतिम संस्कार से इन्कार करते हुए कार्रवाई की मांग पर अड़ गए। तहरीर में पालिकाध्यक्ष प्रतिनिधि, ईओ समेत पांच को नामजद किया गया। बताते हैं कि मामले में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी रिपोर्ट दर्ज करने को लेकर चिंता में पड़ गए। इसके बाद क्षेत्रीय विधायक और उनके पिता ने विरोध करने रहे परिजनों से बातचीत की। इसके कुछ देर बाद पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की। 

आरोपी अमन की संपत्ति की भी होगी जांच 
इस मामले में केस दर्ज होने के बाद अब आरोपी अमन की संपत्ति की भी जांच कराने की तैयारी है। जिला प्रशासन की तरफ से इसके लिए तहसील बीसलपुर के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। यदि यह जांच सही तरीके से हुई तो तमाम परतें सामने आएंगी। प्रशासन से जुड़े एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि करीब दस साल में अमन ने करोड़ों की संपत्ति अर्जित कर ली। जबकि इसके पहले वह मामूली इंसान रहा। सत्ता के करीबी व पत्नी को पालिकाध्यक्ष बनाने के बाद उनकी हैसियत में चार चांद लग गए हैं। जांच के बाद कई तथ्य सामने आने की उम्मीद है।

सुसाइड नोट का बिंदुवार सत्यापन कर रही पुलिस : सीओ
क्षेत्राधिकारी राहुल पांडेय ने बताया कि सुसाइड नोट में कई ऐसी जानकारियां लिखी गई हैं, जिनकी जानकारी मृतक के परिजनों को भी पहले नहीं थी। पुलिस उन सभी तथ्यों का बिंदुवार सत्यापन करा रही है। उन्होंने कहा कि यदि ये जानकारियां पहले सामने आतीं तो उसी समय आवश्यक कार्रवाई की जाती। सीओ ने यह भी बताया कि उपेंद्र शंखधर गबन के एक मामले में आरोपी थे, सभी बिंदुओं को ध्यान में रखकर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। 

नगर पालिका कार्यालय में ड्यूटी करते दिखे नामजद आरोपी 
इस मामले में नामजद आरोपी बुधवार को भी नगर पालिका कार्यालय में ड्यूटी करते दिखाई दिए। हालांकि पूरे कार्यालय में इस प्रकरण की चर्चा होती रही और कर्मचारियों में सामान्य कार्य प्रभावित नजर आया। अधिकांश आरोपी खुद को निर्दोष बता रहे हैं।

सुसाइड नोट के बाद फिर उठे पुराने सवाल
पालिका कर्मी उपेंद्र शंखधार की आत्महत्या के मामले में सामने आए सुसाइड नोट के बाद अमन का नाम फिर चर्चा में आ गया है। मामले की जांच के लिए जिला प्रशासन ने तीन सदस्यीय समिति गठित की है। जांच के दौरान अब यह भी देखा जा रहा है कि सुसाइड नोट में लगाए गए आरोपों का आधार क्या है और नामजद लोगों की भूमिका कितनी गंभीर है। वहीं लोगों की निगाहें प्रशासनिक जांच पर टिकी हैं। 

पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज हुए कई मुकदमे
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, अमन जायसवाल के खिलाफ अलग-अलग समय में कई मुकदमे दर्ज हुए। इनमें वर्ष 2012 में थाना कोतवाली में धारा 307, 506 इसी साल में थाना बिलसंडा में धारा 386, 506, वर्ष 2014 में थाना बीसलपुर में धारा 395, 397, 323, 504 थाना बीसलपुर में दूसरे मामले में धारा 147,148, 323, 452, 506, वर्ष 2025 में बीसलपुर थाने में 342, 420 समेत कई अन्य मामले शामिल हैं। हालांकि इन मामलों के अंतिम न्यायिक परिणाम अलग-अलग रहे हैं। रसूख के दम पर अधिकांश मामले में अमन को राहत मिलती गई। 

एसपी सुकीर्ति माधव ने बताया कि मृतक के पास मिले सुसाइड नोट के हस्ताक्षर की एक्सपर्ट जांच कराई जा रही है। घटना में जो नामजद हैं, उनके व मृतक की मोबाइल कॉल डिटेल भी पुलिस खंगाल रही है। जांच में जो बिंदू सामने आएंगे, उसी आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। 

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