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जिले में तीसरी बार मिलीं हैं भाजपा को चारों सीटें
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पीलीभीत। सरकार को सवालों के घेरे में लेने वाले पीलीभीत सांसद वरुण गांधी के सियासी तेवर को देखते हुए भाजपा अपने सियासी किले को और मजबूत करना चाहती है। इसी क्रम में प्रयास शुरू हो गए हैं।
पीलीभीत जिले में पीलीभीत सदर, बरखेड़ा, पूरनपुर, बीसलपुर विधानसभा सीट हैं। यह ऐसा जनपद है जहां पर भाजपा ने रामलहर में वर्ष 1991 में चारों सीटें जीतीं। दूसरी बार 2017 में चारों विधानसभा सीटों पर जीत हुई। तीसरी बार 2022 के चुनाव में भाजपा को चारों सीट पर जीत मिली है। भाजपा अपनी जीत को 2024 के लोकसभा चुनाव में भी दोहराना चाहती है। इसी क्रम में संगठन के स्तर से रणनीतिक प्रयास हो रहे है।
मजबूत आधार बनाए रखने के लिए दिया मंत्री पद
अब ऐसा माना जा रहा कि पार्टी को मजबूत आधार देने और 2024 की सियासत को ध्यान में रखते हुए संजय गंगवार को मंत्रिमंडल में जगह दी गई है। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि सांसद वरुण गांधी और पूर्व मंत्री मेनका गांधी ने 2022 के विधानसभा चुनाव में पार्टी उम्मीदवारों के लिए कहीं कोई जनसभा नहीं की। नेतृत्व के स्तर तक यह बात सबको पता है। सियासी जानकार कहते हैं जिले की सियासत में भाजपा संगठन 2024 के लोकसभा चुनाव को लेकर दमदार नेता खड़ा करने की कवायद कर रहा है। संजय गंगवार को मंत्री बनाए जाने के निर्णय को इसी परिप्रेक्ष्य में देखा जा रहा है लेकिन इस बारे में अभी कोई खुल कर कुछ बोलने के लिए तैयार नहीं है।
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विधानसभा में पहली बार पहुंचे हैं विवेक वर्मा और स्वामी प्रवक्तानंद
विवेक वर्मा और स्वामी प्रवक्तानंद पहली बार विधायक चुने गए हैं। बाबूराम पासवान और संजय सिंह गंगवार लगातार दूसरी बार विधायक चुने गए हैं। स्वामी प्रवक्तानंद अपनी बदौलत विधायक बने हैं जबकि विवेक वर्मा पिता की सियासी विरासत के सहारे राजनीति में आगे बढ़े हैं।
यह हैं भाजपा के चार विधायक
पीलीभीत- संजय सिंह गंगवार
पूरनपुर- बाबूराम पासवान
बीसलपुर-विवेक वर्मा
बरखेड़ा- स्वामी प्रवक्तानंद
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पीलीभीत जिले में पीलीभीत सदर, बरखेड़ा, पूरनपुर, बीसलपुर विधानसभा सीट हैं। यह ऐसा जनपद है जहां पर भाजपा ने रामलहर में वर्ष 1991 में चारों सीटें जीतीं। दूसरी बार 2017 में चारों विधानसभा सीटों पर जीत हुई। तीसरी बार 2022 के चुनाव में भाजपा को चारों सीट पर जीत मिली है। भाजपा अपनी जीत को 2024 के लोकसभा चुनाव में भी दोहराना चाहती है। इसी क्रम में संगठन के स्तर से रणनीतिक प्रयास हो रहे है।
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मजबूत आधार बनाए रखने के लिए दिया मंत्री पद
अब ऐसा माना जा रहा कि पार्टी को मजबूत आधार देने और 2024 की सियासत को ध्यान में रखते हुए संजय गंगवार को मंत्रिमंडल में जगह दी गई है। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि सांसद वरुण गांधी और पूर्व मंत्री मेनका गांधी ने 2022 के विधानसभा चुनाव में पार्टी उम्मीदवारों के लिए कहीं कोई जनसभा नहीं की। नेतृत्व के स्तर तक यह बात सबको पता है। सियासी जानकार कहते हैं जिले की सियासत में भाजपा संगठन 2024 के लोकसभा चुनाव को लेकर दमदार नेता खड़ा करने की कवायद कर रहा है। संजय गंगवार को मंत्री बनाए जाने के निर्णय को इसी परिप्रेक्ष्य में देखा जा रहा है लेकिन इस बारे में अभी कोई खुल कर कुछ बोलने के लिए तैयार नहीं है।
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विधानसभा में पहली बार पहुंचे हैं विवेक वर्मा और स्वामी प्रवक्तानंद
विवेक वर्मा और स्वामी प्रवक्तानंद पहली बार विधायक चुने गए हैं। बाबूराम पासवान और संजय सिंह गंगवार लगातार दूसरी बार विधायक चुने गए हैं। स्वामी प्रवक्तानंद अपनी बदौलत विधायक बने हैं जबकि विवेक वर्मा पिता की सियासी विरासत के सहारे राजनीति में आगे बढ़े हैं।
यह हैं भाजपा के चार विधायक
पीलीभीत- संजय सिंह गंगवार
पूरनपुर- बाबूराम पासवान
बीसलपुर-विवेक वर्मा
बरखेड़ा- स्वामी प्रवक्तानंद